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लोकसभा चुनाव 2019 : कांग्रेस के लिए ऑक्सीजन साबित हो सकता है प्रियंका का पूर्वांचल दौरा

Mon, 18 Mar 2019 04:24 PM IST
Sayali Maurya पंकज चौबे,अमर उजाला,भदोही
पंकज चौबे,अमर उजाला,भदोही Published by: Sayali Maurya Updated Mon, 18 Mar 2019 04:24 PM IST
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Priyanka gandhi purvanchal tour for loksabha election 2019
प्रियंका गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का पूर्वांचल दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है। जातिगत समीकरण साधने के साथ ही जनाधार खोती जा रही कांग्रेस को दुर्दिन से उबारने की जादुई घुट्टी देने की सबसे ज्यादा उम्मीद पार्टी नेतृत्व को अपने इसी तुरुप के पत्ते से है। भदोही समेत आसपास के कई जिलों में वेंटिलेटर पर आ चुके संगठन में ऑक्सीजन देने का काम प्रियंका का दौरा कर सकता है। 

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2014 से पहले के दो-तीन लोकसभा चुनावों में दलित और पिछड़े वोटों की झंडाबरदारी करने वाली बसपा और सपा की झोली में जाती रही भदोही सीट पर कांग्रेस 1984 के लोकसभा चुनाव में उमाशंकर मिश्र के बाद कांग्रेस का आगमन कभी नहीं हुआ। गौरतलब है कि 2008 तक यह सीट मिर्जापुर-भदोही के नाम से थी।
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नए परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में भदोही संसदीय क्षेत्र अस्तित्व में आई। हालांकि इसकी भी दो विधानसभाएं (प्रतापपुर, हंडिया) प्रयागराज जिले में चली गईं। आजादी के बाद 1952 से लेकर 1967 तक लगातार तीन बार कांग्रेस ने मिर्जापुर-भदोही सीट पर कब्जा किया था।
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इसके बाद 1971, 1980 और 1984 के लोकसभा चुनावों में भी कांग्रेस लौटकर आई। इस दौरान जॉन एन विल्सन, श्यामधर मिश्र, अजीज इमाम आदि कांग्रेस के बैनर तले सांसद चुने गए। लेकिन, 1984 के चुनाव के बाद जातिगत राजनीति के पदार्पण के साथ ही कांग्रेस रसातल में जाने लगी। खोई हुई जमीन को वापस पाने की तलाश में अपनाए गए कांग्रेस के एक भी हथकंडे काम नहीं आए। धीरे-धीरे पार्टी का जनाधार खिसकता गया। 

2014 में खराब हो गई कांग्रेस की हालत

Priyanka gandhi purvanchal tour for loksabha election 2019
कांग्रेस (फाइल फोटो) - फोटो : गूगल

2009 के चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सूर्यमणि तिवारी 93351 वोट पाकर तीसरे स्थान पर थे। जबकि भाजपा के डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय (वर्तमान में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) पांचवें स्थान पर थे। उन्हें 57672 वोट ही मिले थे। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हालत और भी खराब हो गई। इसके प्रत्याशी सरताज इमाम 22574 वोट पाकर पांचवें स्थान पर रहे।

लिहाजा पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूटता गया और कांग्रेस की हालत पतली होती चली गई। अब प्रियंका गांधी सक्रिय राजनीति में आगे आईं हैं तो पार्टी कार्यकर्ताओं को उम्मीद की किरण दिखी है। मोदी के संसदीय क्षेत्र से सटी भदोही लोकसभा सीट पर प्रियंका पार्टी को संजीवनी दे पाती हैं या नहीं, यह तो समय बताएगा, लेकिन कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक है। 

भदोही-मिर्जापुर सीट पर कांग्रेस का इतिहास 

कांग्रेस के खाते में भदोही-मिर्जापुर सीट पर 1952 से 1957 तक जॉन एन विल्सन, 1957 से 1962 जॉन एन विल्सन, 1962 से 1967 पं. श्यामधर मिश्र, 1971 से 1977 अजीज इमाम, 1980 से 1984 अजीज इमाम और 1984 से 1989 उमाकांत मिश्र ये निर्वाचित हुए। 

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