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यूपीः जेलर साहब! सोने के लिए जगह दिला दीजिए, कैदी क्यों कर रहे ऐसी गुहार

Sun, 07 Oct 2018 01:35 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, जौनपुर
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, जौनपुर Updated Sun, 07 Oct 2018 01:35 PM IST
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prisoners request for sleeping space to jailor at jail in uttar pradesh

‘जेलर साहब! सात घंटे मुझे सोना है, जगह दिला दीजिए।’ ऐसे सिफारिशी फोन रोजाना जेल अधिकारियों के पास आ रहे हैं। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला जेल में क्षमता से चार गुना बंदी हैं। जिस बैरक में 30 लोग सो सकते हैं, उसमें 60 से ज्यादा बंदियों को सोना पड़ रहा है। सब एक साथ सो नहीं सकते। ऐसे में बारी-बारी से उन्हें सोना पड़ रहा है।

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छह-छह घंटे की पालियां बनाई गई हैं। कोई बंदी इससे ज्यादा देर तक सोए तो उसे दूसरा जगाने लगता है। इस पर संघर्ष की नौबत आ जा रही है। मारपीट तो आए दिन होती है। पिछले दिनों अव्यवस्था पर कई जेलों में बड़े बवाल भी हो चुके हैं। यूं तो सूबे की सभी जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं लेकिन वाराणसी मंडल में सबसे खराब स्थिति जौनपुर जिला जेल की है, जिसकी क्षमता 320 बंदियों की है लेकिन यहां 1150 बंदी ठूंस दिए गए हैं।   
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मानवाधिकार के सारे नियमों को धता बताते हुए जेलों में तादाद से ज्यादा बंदियों को रखा गया है। ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं हो रही है। इससे गुस्सा बढ़ रहा है। रहन-सहन के बदतर हालात के चलते बंदी बीमार भी हो रहे हैं। इस तरह जेल सुधारगृह न होकर यातनागृह में तब्दील हो गई। 

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पूर्वांचल के जेलों में ठूस-ठूस कर भरे हैं बंदी- कैदी

पूर्वांचल के सभी जिलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं लेकिन सबसे बदतर हालत जौनपुर जिला जेल की है। यहां 12 बैरकें हैं। अधिकतर बैरकों की क्षमता अधिकतम 30 बंदियों की है। दो से तीन बैरकों में 60 बंदी रखने की क्षमता है। इनमें तकरीबन पांच सौ बंदी सो सकते हैं लेकिन जेल में बंदियों की संख्या 1150 हो गई है।

ऐसे में बंदियों को दो शिफ्ट में सोने की जगह जेल की बैरकों में मिल पा रही है। जर्जर बैरकों पर शासन एवं जेल मुख्यालय ध्यान नहीं दे रहा है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एके मिश्रा ने कहा कि क्षमता से चार गुना अधिक बंदी हैं। स्वाभाविक है कि ऐसी हालत में उन्हें दिक्कतें होती होगी। बैरकें कुछ जर्जर हैं। इसकी मरम्मत के लिए पत्र लिखा गया है। एक बैरक की मरम्मत के लिए स्वीकृति मिली है।

ये है जेलों की हालत

जिला                       क्षमता               बंद कैदी
गाजीपुर                     397                      650 
सोनभद्र में                  550                     637
मिर्जापुर में                 332                      600 
ज्ञानपुर                      114                      293 
वाराणसी                    747                      2000  
वाराणसी                   1266                     2400 
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