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सामने घाट पुल का प्रमुख सचिव राजस्व ने किया निरीक्षण, कहा- जल्द पूरा करें बाकी काम
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 18 Aug 2017 11:21 PM IST
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सामने घाट पुल का प्रमुख सचिव राजस्व ने किया निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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प्रमुख सचिव राजस्व व जिले के नोडल अधिकारी डॉ. रजनीश दूबे ने शुक्रवार को निर्माणाधीन सामने घाट पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान बाकी बचे काम जल्द से जल्द पूरा कराने की हिदायत के साथ ही पुल के रंग-रोगन का कार्य जल्द शुरू कराने को कहा। 923 मीटर लंबा यह पुल 97.72 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि लंका चौराहे से सामने घाट तक सड़क खस्ताहाल है। 1300 मीटर लंबी यही सड़क पुल के एप्रोच मार्ग से जुड़ती है। डॉ. दूबे ने इस सड़क की मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने को कहा।
साथ ही, 31 अक्तूबर तक इस मार्ग को पूरी तरह गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। सेतु तक जाने वाले मुख्य मार्ग के बीचोबीच आने वाले एक मंदिर को स्थानीय लोगों से वार्ता कर आसपास शिफ्ट कराने के लिए डीएम को निर्देश दिया।
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प्रमुख सचिव ने दस दिन के भीतर अभियान चलाकर सेतु के दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग के साथ ही रेलिंग निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया। एप्रोच मार्ग व पुल पर इंटरलॉकिंग कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा कराने को कहा।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि पांच सितंबर तक पुल का निर्माण कार्य, लोड जांच का काम पूरा हो जाएगा। सेतु पर चल रही ढलाई का काम आज पूरा करा लिया जाएगा।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि लंका चौराहे से सामने घाट तक सड़क खस्ताहाल है। 1300 मीटर लंबी यही सड़क पुल के एप्रोच मार्ग से जुड़ती है। डॉ. दूबे ने इस सड़क की मरम्मत के लिए इस्टीमेट तैयार कर शासन को भेजने को कहा।
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साथ ही, 31 अक्तूबर तक इस मार्ग को पूरी तरह गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। सेतु तक जाने वाले मुख्य मार्ग के बीचोबीच आने वाले एक मंदिर को स्थानीय लोगों से वार्ता कर आसपास शिफ्ट कराने के लिए डीएम को निर्देश दिया।
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प्रमुख सचिव ने दस दिन के भीतर अभियान चलाकर सेतु के दोनों तरफ के एप्रोच मार्ग के साथ ही रेलिंग निर्माण कार्य पूरा करने के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया। एप्रोच मार्ग व पुल पर इंटरलॉकिंग कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा कराने को कहा।
सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक ने बताया कि पांच सितंबर तक पुल का निर्माण कार्य, लोड जांच का काम पूरा हो जाएगा। सेतु पर चल रही ढलाई का काम आज पूरा करा लिया जाएगा।
...तो प्रशासन ने जल्दबाजी में जारी की थी भू-माफिया की सूची
प्रमुख सचिव राजस्व ने जाते-जाते डीएम को दिए कार्रवाई के निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिला प्रशासन ने जल्दबाजी में भू-माफिया की सूची जारी की थी। जो राजकीय जमीन कब्जा मुक्त करा ली गई थी उसे भी भू-माफिया के कब्जे में दिखाया गया था। प्रशासन अब उसमें सुधार कर रहा है। संशोधित सूची जल्द ही जारी की जाएगी।
पुलिस अगले सप्ताह से कार्रवाई शुरू कर सकती है। वहीं सूत्रों की मानें तो भू-माफिया शब्द को लेकर कुछ लोग हाईकोर्ट भी पहुंचे हैं। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने तकरीबन एक माह पूर्व जिले के भू-माफिया की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
प्रशासन, नगर निगम, विकास प्राधिकरण और पुलिस के पुराने रिकार्ड को खंगालने के बाद राजातालाब में 60, सदर में 50 तथा पिंडरा में 52 भू-माफियाओं को चिह्नित किया गया है। इनमें से टाप टेन के खिलाफ प्रशासन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका है।
बीते बुधवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर इसे लेकर प्रमुख सचिव राजस्व रजनीश दूबे ने डीएम योगेश्वर राम मिश्रा और एसएसपी आरकेे भारद्वाज से नाराजगी जताई थी।
रजनीश दूबे ने शुक्रवार को लखनऊ जाने से पूर्व भी इस बाबत डीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं अब तक कार्रवाई करने में हिचक रहा प्रशासन सूची को संशोधित करने में लगा है। प्रशासन द्वारा अब तक की कार्रवाई में कब्जा मुक्त जमीन को रिकॉर्ड से हटा रहा है।
पुलिस अगले सप्ताह से कार्रवाई शुरू कर सकती है। वहीं सूत्रों की मानें तो भू-माफिया शब्द को लेकर कुछ लोग हाईकोर्ट भी पहुंचे हैं। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने तकरीबन एक माह पूर्व जिले के भू-माफिया की सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की थी।
प्रशासन, नगर निगम, विकास प्राधिकरण और पुलिस के पुराने रिकार्ड को खंगालने के बाद राजातालाब में 60, सदर में 50 तथा पिंडरा में 52 भू-माफियाओं को चिह्नित किया गया है। इनमें से टाप टेन के खिलाफ प्रशासन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका है।
बीते बुधवार को संपूर्ण समाधान दिवस पर इसे लेकर प्रमुख सचिव राजस्व रजनीश दूबे ने डीएम योगेश्वर राम मिश्रा और एसएसपी आरकेे भारद्वाज से नाराजगी जताई थी।
रजनीश दूबे ने शुक्रवार को लखनऊ जाने से पूर्व भी इस बाबत डीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं अब तक कार्रवाई करने में हिचक रहा प्रशासन सूची को संशोधित करने में लगा है। प्रशासन द्वारा अब तक की कार्रवाई में कब्जा मुक्त जमीन को रिकॉर्ड से हटा रहा है।