वाराणसी आ रहे पीएम मोदी: कल बनास डेयरी का करेंगे शिलान्यास, सात जिलों के 10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
प्लांट में प्रतिदिन 50 हजार लीटर आइसक्रीम, 20 टन पनीर, 75 हजार लीटर बटर मिल्क, 50 टन दही, 15 हजार लीटर लस्सी और 10 हजार किलोग्राम अमूल मिठाई का उत्पादन होगा।
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कानपुर, लखनऊ के बाद अब बनारस में भी बनास डेयरी खुलेगी। पिंडरा के करखियाव में बनारसकांठा जिला दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की बनास डेयरी का शिलान्यास 23 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। डेयरी के खुलने के बाद बनारस सहित सात जिलों के 10 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
30 एकड़ में 457 करोड़ रुपये की लागत से डेढ़ साल में तैयार होने वाली डेयरी में रोजाना पांच लाख लीटर दुग्ध उत्पाद तैयार किया जाएगा। शिलान्यास के साथ ही प्रधानमंत्री द्वारा डेयरी के एक लाख 75 हजार दुग्ध उत्पादकों के खाते में 2020-21 के लाभांश का 35.19 करोड़ रुपये डिजिटल माध्यम से ट्रांसफर किया जाएगा।
750 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार
बनास डेयरी के चेयरमैन शंकर भाई चौधरी ने मंगलवार को बताया कि डेयरी से वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, भदोही, गाजीपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ जिले के 1000 गांवों के किसानों को लाभ होगा। इन किसानों को प्रतिमाह उनके दूध के बदले आठ से दस हजार तक का मूल्य मिलेगा। इस प्रोजेक्ट में 750 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। हम पूर्वांचल के सात जिलों के 10 हजार लोगों को गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने का काम करेंगे।
10 लाख लीटर दुग्ध उत्पादों के उत्पादन का लक्ष्य
वाराणसी से रोजोना लिया जा रहा 25 हजार लीटर दूध
हमारा लक्ष्य है कि हम पांच लाख लीटर दुग्ध उत्पाद की अपनी क्षमता को 10 लाख लीटर तक ले जाएं। शंकरभाई ने बताया कि जुलाई में हमने डेयरी फार्मिंग के लिए वाराणसी के किसान परिवारों को सर्वेश्रेष्ठ गोवंश की 100 देसी गायें दी थीं। इन किसानों को गोपालन और डेयरी फार्म प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया था।
वर्तमान में वाराणसी के 111 स्थानों से रोजाना 25 हजार लीटर से अधिक दूध इकट्ठा किया जा रहा है। बनास डेयरी रोजाना 68 लाख लीटर दूध एकत्रित करती है जो एशिया के देशों में सर्वाधिक है। इसके साथ ही यह दूध अमूल की कुल दूध प्राप्ति में एक तिहाई योगदान है।