{"_id":"59c64ecc4f1c1b8b688b622c","slug":"prime-minister-modi-request-to-auto-driver-in-varanasi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी दौरे पर आए पीएम मोदी ने ऑटो चालकों से किया यह विशेष आग्रह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी दौरे पर आए पीएम मोदी ने ऑटो चालकों से किया यह विशेष आग्रह
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 24 Sep 2017 11:37 AM IST
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प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : अमर उजाला
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आम जन की भावनाओं को साझा करना कोई पीएम मोदी से सीखे। आम लोगों की जिंदगी बेहतर बनाने पर तो उनका जोर था ही, आटो, टैक्सी चालकों से संवाद जोड़कर वह हर जेहनो दिल के हीरो बन गए।
पीएम ने बड़ालालपुर में गरीबी की समस्या दूर करने की राह दिखाते हुए भावनात्मक संवाद किया। उन्होंने गरीबों को आगे बढ़ने की तरकीब बताई। ऑटो रिक्शा ड्राइवरों, टैक्सी चालकों से आग्रह किया कि काशी में अगर कोई भी टूरिस्ट आता है तो उसे पं. दीनदयाल हस्त कला संकुल जरूर ले आइए।
आग्रह करके ले आइए। एक ही जगह पर काशी क्षेत्र के सामर्थ्य का उसको परिचय करवाइए। जो भी टूरिस्ट आएगा, कुछ न कुछ तो खरीद कर जाएगा ही। पीएम की इस अपील पर बड़ालालपुर स्टेडियम का पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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उत्साहजनक शोर मचने लगा। पीएम ने फिर संकुल की विशेषता की तरफ ध्यान दिलाया। कहा कि विदेशी टूरिस्ट आएगा तो शायद यहां से हटने का नाम नहीं लेगा। यह जो म्यूजियम बना है वो काशी के टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। जो काशी में यात्रा करने आते हैं, इन चीजों को देखेंगे।
काशी के सामर्थ्य को देखेंगे तो मुझे विश्वास है कि काशी के पर्यटन को गति मिलेगी। काशी के इस कला-कौशल को भी ताकत मिलेगी और यह संकुल एक नए आर्थिक गतिविधि का बड़ा केंद्र बनेगा।
पीएम ने विकास के मसले पर पूर्ववर्ती सरकारों की चुटकी भी ली। कहा कि हर समस्या का समाधान आखिर विकास में ही है। पहले ऐसी सरकारें आकर गईं जिनमें विकास के प्रति नफरत जैसा माहौल था।
उनके लिए सरकारी तिजोरी चुनाव जीतने के कार्यक्रमों में तबाह हो जाती थी। हमारी कोशिश है कि विकास के वो वादे साकार हों, ताकि गरीब से गरीब की जिंदगी में बदलाव लाने का अवसर तैयार हो।
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पीएम ने बड़ालालपुर में गरीबी की समस्या दूर करने की राह दिखाते हुए भावनात्मक संवाद किया। उन्होंने गरीबों को आगे बढ़ने की तरकीब बताई। ऑटो रिक्शा ड्राइवरों, टैक्सी चालकों से आग्रह किया कि काशी में अगर कोई भी टूरिस्ट आता है तो उसे पं. दीनदयाल हस्त कला संकुल जरूर ले आइए।
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आग्रह करके ले आइए। एक ही जगह पर काशी क्षेत्र के सामर्थ्य का उसको परिचय करवाइए। जो भी टूरिस्ट आएगा, कुछ न कुछ तो खरीद कर जाएगा ही। पीएम की इस अपील पर बड़ालालपुर स्टेडियम का पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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उत्साहजनक शोर मचने लगा। पीएम ने फिर संकुल की विशेषता की तरफ ध्यान दिलाया। कहा कि विदेशी टूरिस्ट आएगा तो शायद यहां से हटने का नाम नहीं लेगा। यह जो म्यूजियम बना है वो काशी के टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा। जो काशी में यात्रा करने आते हैं, इन चीजों को देखेंगे।
काशी के सामर्थ्य को देखेंगे तो मुझे विश्वास है कि काशी के पर्यटन को गति मिलेगी। काशी के इस कला-कौशल को भी ताकत मिलेगी और यह संकुल एक नए आर्थिक गतिविधि का बड़ा केंद्र बनेगा।
पीएम ने विकास के मसले पर पूर्ववर्ती सरकारों की चुटकी भी ली। कहा कि हर समस्या का समाधान आखिर विकास में ही है। पहले ऐसी सरकारें आकर गईं जिनमें विकास के प्रति नफरत जैसा माहौल था।
उनके लिए सरकारी तिजोरी चुनाव जीतने के कार्यक्रमों में तबाह हो जाती थी। हमारी कोशिश है कि विकास के वो वादे साकार हों, ताकि गरीब से गरीब की जिंदगी में बदलाव लाने का अवसर तैयार हो।
रमना एसटीपी से गंगा निर्मलीकरण को मिलेगी गति
प्रधानमंत्री मोदी
- फोटो : अमर उजाला
गंगा में सीवेज गिरने से रोकने के लिए शुक्रवार को पीएम मोदी ने काशी में एक और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की सौगात दी। रमना में नगर निगम की जमीन पर नमामि गंगे योजना के तहत 153 करोड़ की लागत से बनने वाले इस एसटीपी की पीएम ने बड़ालालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटी सेंटर के लोकार्पण अवसर पर इसका शिलान्यास किया। इसका निर्माण 18 महीने में होगा।
रमना एसटीपी का निर्माण एस्सेल इंफ्रा करा रही है। कार्यदायी संस्था 15 वर्षों तक इसकी देखरेख भी करेेगी। एसटीपी में रोजाना पांच करोड़ लीटर मलजल का निस्तारण होगा। गंगा निर्मलीकरण की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 50 एमएलडी के इस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शहर के एक बड़े हिस्से के मलजल का यहां शोधन हो सकेगा।
इसके अलावा शहर में एक नए एसटीपी का निर्माण और एक के विस्तारीकरण का काम तेज गति से चल रहा है। इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गोइठहां में 150 करोड़ की लागत से 120 एमएलडी का नया एसटीपी बनाया जा रहा है।
वहीं दीनापुर में पहले से बने 90 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को 170 करोड़ की लागत से क्षमता बढ़ाकर 140 एमएलडी की जा रही है।
रमना एसटीपी का निर्माण एस्सेल इंफ्रा करा रही है। कार्यदायी संस्था 15 वर्षों तक इसकी देखरेख भी करेेगी। एसटीपी में रोजाना पांच करोड़ लीटर मलजल का निस्तारण होगा। गंगा निर्मलीकरण की दिशा में इसे बड़ा कदम माना जा रहा है। 50 एमएलडी के इस सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से शहर के एक बड़े हिस्से के मलजल का यहां शोधन हो सकेगा।
इसके अलावा शहर में एक नए एसटीपी का निर्माण और एक के विस्तारीकरण का काम तेज गति से चल रहा है। इसे दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गोइठहां में 150 करोड़ की लागत से 120 एमएलडी का नया एसटीपी बनाया जा रहा है।
वहीं दीनापुर में पहले से बने 90 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को 170 करोड़ की लागत से क्षमता बढ़ाकर 140 एमएलडी की जा रही है।