राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार सेवाकुंज आश्रम आएंगे रामनाथ कोविंद, यहां से रहा है बेहद खास लगाव
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सोनभद्र जिले के बभनी ब्लॉक के तहत चकचपकी ग्राम स्थित सेवाकुंज आश्रम में 15 मार्च को आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद कई कार्यक्रमों में शामिल होंगे। राष्ट्रपति यहां आश्रम में 200 छात्रों के रहने के लिए बने छात्रावास का लोकार्पण करेंगे। साथ ही आश्रम में आदिवासी बच्चों के इलाज के लिए 25 बेड के अस्पताल की आधारशिला रखेंगे।
यहां के लोगों से पहले से जुड़ाव होने के नाते आदिवासी समाज के लोगों को राष्ट्रपति संबोधित भी करेंगे। प्रशासन के साथ सेवा समर्पण संस्थान के लोग कार्यक्रम तैयारी में जुट गए है। शुक्रवार को लोढ़ी स्थित सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता करते हुए उक्त जानकारी सेवा समर्पण संस्था के अध्यक्ष राम पाठक और कार्यक्रम संयोजक जेसी विमल सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि संस्थान 1978 से प्रांत में कार्यरत है। संस्थान के माध्यम से सेवाकुंज आश्रम ग्राम चकचपकी की स्थापना वर्ष 1999 में फरवरी माह में हुआ था। उस समय आश्रम की शुरूआत छह छात्रों से हुई थी। मौजूदा समय में 297 छात्र यहां छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहे है, जो विभिन्न ग्रामों व विभिन्न जनजातियों से संबंध रखते है।
यहां कक्षा 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण करने के पश्चात विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए काशी, गोरखपुर, कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज आदि छात्रावासों में रह कर शिक्षा पूर्ण करके देश एवं समाज के उन्नति में अपना योगदान दे रहे हैं। इसके अलावा 200 छात्रों के रहने के लिए छात्रावास का निर्माण पूर्ण हो चुका है, जिसका लोकार्पण राष्ट्रपति 15 मार्च को करेंगे।
राष्ट्रपति यहां आदिवासियों (वनवासी सम्मेलन) को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर राष्ट्रपति के साथ सूबे की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं तीन केंद्रीय मंत्री राजकुमार, अर्जुन मुंडा, प्रह्लाद जोशी आएंगे। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कार्यक्रम में आ सकते है।
सेवाकुंज आश्रम से राष्ट्रपति का पहले से लगाव
चकचपकी स्थित सेवाकुंज आश्रम से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पहले से लगाव रहा है। राज्यसभा सांसद रहते हुए वे यहां दो बाद आ चुके हैं। इससे पहले वे छह साल पहले 14 अप्रैल 2014 को आए थे। राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद वह यहां संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होने पहली बार आ रहे हैं। बता दें, पिछले वर्ष 29 नवंबर को राष्ट्रपति का आगमन तय हुआ था, लेकिन उसी समय श्रीलंका के प्रधानमंत्री का देश में आगमन होने पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यक्रम स्थगित हो गया था।