वाराणसी में राष्ट्रपति मुर्मू: काशी विश्वनाथ धाम में रेड कार्पेट, गंगा आरती में देव दीपावली सा होगा नजारा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रथम काशी आगमन हो चुका है। वह करीब चार घंटे तक शहर में रहेंगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से कालभैरव मंदिर जाएंगी। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में जाकर हाजिरी लगाएंगी।
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पहली बार पुरातन नगरी पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत में काशी सजकर तैयार है। चौक-चौराहे जगमगा रहे हैं। दशाश्वमेघ घाट को भी सजाया गया है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में रेड कार्पेट बिछा है। डमरू की निनाद और शंख ध्वनि के साथ ही घंटा-घड़ियाल भी गूंजेंगे। गंगा की आरती बेहद खास होगी। गंगा किनारे देव दीपावली जैसा नजारा देखने को मिलेगा। नव्य, भव्य और दिव्य काशी का अलौकिक नजारा अभिभूत करने वाला होगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करीब चार घंटे तक शहर में रहेंगी। बाबतपुर एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से कालभैरव मंदिर जाएंगी। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में जाकर हाजिरी लगाएंगी। धाम में प्रवेश द्वार से गर्भगृह तक रेड कार्पेट बिछाया गया है।
राष्ट्रपति मां गंगा की आरती उतारेंगी
ज्ञानवापी मार्ग से बाबा के गर्भगृह तक डमरू की निनाद, शंख ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से स्वागत का इंतजाम किया गया है। बाबा धाम से निकलकर राष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में शामिल होंगी। घाट घंटा-घड़ियाल से गूंजेगा। राष्ट्रपति मां गंगा की आरती उतारेंगी और षोडशोपचार पूजन करके देशवासियों के कल्याण की कामना करेंगी।
मंच पर बैठकर मां गंगा की आरती भी देखेंगी। गंगा सेवा निधि के नौ अर्चक आरती उतारेंगे। 21 कन्याएं भी मां गंगा को चंवर डुलाएंगी। घाट का कोना-कोना दीपों से जगमगाएगा। घाट को फूल-मालाओं से सजाया गया है। शाम सवा सात बजे के लगभग राष्ट्रपति विशेष विमान से दिल्ली लौट जाएंगी।
दोपहर 12 बजे से 84 घाटों पर नौकायन बंद
राष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल होंगी। लिहाजा, सोमवार को दोपहर 12 बजे से कार्यक्रम समाप्त होने तक गंगा के 84 घाट और उसके पास नौकायन पर प्रतिबंध रहेगा। दशाश्वमेध घाट पर राष्ट्रपति के मंच से लेकर गंगा में 20 मीटर तक आमजन नावों पर बैठकर कार्यक्रम नहीं देख पाएंगे। इस परिधि में जल पुलिस, पीएसी, बाढ़ राहत दल और 11 एनडीआरएफ के जवान तैनात रहेंगे। 20 मीटर के दायरे से बाहर नावों पर बैठकर कार्यक्रम देखा जा सकता है। हालांकि, हर नाव पर पुलिस और एलआईयू कर्मी भी सवार रहेंगे।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री अगवानी करेंगे
राष्ट्रपति आज लखनऊ से वाराणसी आएंगी। बाबतपुर हवाई अड्डे पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनकी अगवानी करेंगे। प्रेसीडेंट्स बॉडीगार्ड के अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहने वाली राष्ट्रपति की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था की कमान 14 आईपीएस अफसर संभालेंगे। सुरक्षा में 15 एडिशनल एसपी, 23 डिप्टी एसपी, 11 इंस्पेक्टर, 239 सब इंस्पेक्टर और 1754 कांस्टेबल तैनात रहेंगे। सभी प्रमुख चौराहों और तिराहों पर यातायात पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे।
डॉग स्क्वॉड, बम निरोधक दस्ता, दमकल कर्मी और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट के कर्मचारी तैनात रहेंगे। उनके भ्रमण से संबंधित सभी स्थानों के आसपास की इमारतों पर रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी। अपर पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि वीवीआईपी ड्यूटी के बारे में फोर्स को विस्तार से जानकारी दे दी गई है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मी बख्शे नहीं जाएंगे।
आमजन की हर गतिविधि पर नजर रहे, दुर्व्यवहार की शिकायत न मिले
राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाले पुलिस कर्मियों को रविवार को पुलिस लाइन में उनकी ड्यूटी बताई गई। इसके बाद बाबतपुर हवाई अड्डे से दशाश्वमेध घाट तक राष्ट्रपति की डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल किया गया। पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने कहा कि फोर्स की नजर वीवीआईपी पर नहीं, बल्कि आमजन की हर गतिविधि पर रहे। काफिला गुजरने के दौरान आमजन बैरिकेडिंग के बाहर न आने पाएं, यह सुनिश्चित किया जाए। बाबतपुर एयरपोर्ट से मंदिर तक बैरिकेडिंग कराई गई है।
काफिला गुजरने के बाद संबंधित क्षेत्र की यातायात व्यवस्था न चरमराए, यह उस क्षेत्र में तैनात रहने वाले पुलिस कर्मियों को सुनिश्चित करना है। सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में आमजन के साथ दुर्व्यवहार की शिकायत कतई नहीं आनी चाहिए। पुलिस कर्मियों को सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर हर स्तर पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए ड्यूटी करनी है।