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कथक पर थिरकीं कठपुतलियां, तालियों की गूंज
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 30 Sep 2015 02:14 AM IST
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कथक नृत्य पर थिरकीं कठपुतलियां, तालियों की गूंज
वाराणसी। कठपुतलियों के मुखौटे पहनकर छात्राओं ने अलग अंदाज में कथक नृत्य की प्रस्तुति मंगलवार की शाम खूब तलियां बटोरीं। परंपरागत कथक के भाव और अंदाज में कठपुतलियों को देखने के लिए संगीत प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। कलियानाग मर्दन के भावों को कथक की परंपरागत शैली में पेश कर तालियां बटोरी गईं। यह कथक बैले राष्ट्रीय कथक संस्थान की ओर से बीएचयू के ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था। पुतलियों के जरिए थाट, आमद, तोड़े, परन,टुकड़ों की सधे अंदाज में प्रस्तुति की गई। परिकल्पना एवं निर्देशन डॉ.विधि नागर का था। संगीत निर्देशन इंद्रदेव चौधरी ने किया। तबले पर अमित ईश्वर, सारंगी पर अनीश मिश्र, पखावज पर अंकित पारिख और बांसुरी पर राकेश कुमार ने संगत की।
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कथक नृत्य पर थिरकीं कठपुतलियां, तालियों की गूंज
वाराणसी। कठपुतलियों के मुखौटे पहनकर छात्राओं ने अलग अंदाज में कथक नृत्य की प्रस्तुति मंगलवार की शाम खूब तलियां बटोरीं। परंपरागत कथक के भाव और अंदाज में कठपुतलियों को देखने के लिए संगीत प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। कलियानाग मर्दन के भावों को कथक की परंपरागत शैली में पेश कर तालियां बटोरी गईं। यह कथक बैले राष्ट्रीय कथक संस्थान की ओर से बीएचयू के ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था। पुतलियों के जरिए थाट, आमद, तोड़े, परन,टुकड़ों की सधे अंदाज में प्रस्तुति की गई। परिकल्पना एवं निर्देशन डॉ.विधि नागर का था। संगीत निर्देशन इंद्रदेव चौधरी ने किया। तबले पर अमित ईश्वर, सारंगी पर अनीश मिश्र, पखावज पर अंकित पारिख और बांसुरी पर राकेश कुमार ने संगत की।