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आजमगढ़ : गर्भवती की मौत पर हंगामा और सड़क जाम, आरोपी डॉक्टर को पुलिस ने हिरासत में लिया

Thu, 04 Jul 2019 11:32 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़ Published by: Sayali Maurya Updated Thu, 04 Jul 2019 11:32 PM IST
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Pregnant woman died during delivery family file case on doctor in azamgarh
लोगों को समझाती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में एक गर्भवती महिला की प्रसव के दौरान मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हंगामे के बाद पुलिस ने आरोपी डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करके हिरासत में ले लिया।

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आजमगढ़ शहर कोतवाली के कदमघाट मुहल्ला निवासी महेंद्र सोनकर की पुत्री पूनम सोनकर(22) का विवाह एक साल पूर्व गोरखपुर जिले के बड़हलगंज कस्बा निवासी जयप्रकाश से हुआ था। गर्भवती पूनम प्रसव के लिए मायके आई थी।
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बुधवार शाम दर्द होने पर घरवाले शहर के अराजीबाग मिल्लतनगर मुहल्ला स्थित डॉ. आसिफ के मॉर्डन हॉस्पिटल ले गए। मरीज को देखने के बाद डॉक्टर ने परिजनों को नार्मल डिलेवरी की बात कही। रात में लगभग दो बजे लेबर पेन शुरू हुआ तो नर्स ने उसे एक इंजेक्शन लगाया।
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इंजेक्शन लगने के बाद पूनम की हालत बिगड़ने लगी। अस्पताल प्रशासन ने परिजनों को जवाब दे दिया और कहीं और ले जाने की बात कहते हुए अपने चार्ज के रूप में लगभग 25 हजार रुपये जमा भी करा लिए। घरवाले अभी उसे कहीं और ले जाने की सोच ही रहे थे कि उन्हें पता चला कि पूनम की मौत हो चुकी है।

इस पर परिजन शांत रहे और बच्चे को निकालने की गुहार लगाई। लेकिन डॉक्टर ने ऐसा करने से इंकार कर दिया। इस पर परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल के बाहर शव रख कर हंगामा शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक मुख्य मार्ग पर जाम भी किया गया।

Pregnant woman died during delivery family file case on doctor in azamgarh
रोते परिजन - फोटो : अमर उजाला

चक्काजाम व हंगामे की सूचना पर एसपी ग्रामीण एनपी सिंह व एडीएम प्रशासन नरेंद्र सिंह भी मौके पर पहुंचे। परिजन डॉक्टर को बुलाए जाने व अस्पताल को सील करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और रात लगभग साढ़े नौ बजे मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही डॉक्टर पर मुकदमा दर्ज करते हुए उसे हिरासत में ले लिया।

वहीं, डॉ. आसिफ का कहना है कि प्रसूता को खून की कमी थी और पहली डिलेवरी थी। रात में तीन बजे उसे डिलेवरी पेन हुआ तो लेबर रूम में ले जाया गया। डिलेवरी होने भी लगी और बच्चा बाहर आने लगा। इसी दौरान प्रसूता को हार्टअटैक आया और उसकी मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन के तरफ से किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की गई है। जहां तक रुपये जमा करने की बात है तो मृतका के परिजनों से एक रुपये भी जमा नहीं कराया गया है।

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