फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Pregnant woman agitated on Wednesday night near Dashashwamedh intersection of Varanasi

वो लगा रही थी मदद की गुहार, जब सबने मुंह मोड़ा तो रिक्शा वाला बना मददगार, फिर....

Fri, 27 Dec 2019 02:17 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 27 Dec 2019 02:17 PM IST
विज्ञापन
Pregnant woman agitated on Wednesday night near Dashashwamedh intersection of Varanasi
अस्पताल में महिला - फोटो : amar ujala

वो घंटों से तड़प रही थी, चिल्ला रही थी,  उसका कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक मां थी और जो लोग उसको देखकर बेखबर सा, इंसानियत को शर्मशार करने वाला रवैया अपनाते हुए उसकी तड़प को अनसुना कर आगे बढ़ते जा रहे थे।

विज्ञापन


खुद को सभ्य, पढ़ा-लिखा और बेहद उच्च श्रेणी का इंसान समझने वाले वे लोग शायद भूल गए थे कि उन्होंने भी किसी मां के कोख से ही जन्म लिया है। मां की ममता के आंचल के नीचे ही उनका पालन पोषण हुआ है। पर अफसोस, शायद मां की ममता की कद्र करना, खुद को संजीदा इंसान मानने वाले वहां से गुजर रहे लोग भूल चुके थे।
विज्ञापन


शायद-जानबूझकर इस असहाय मां के प्रसव की असहनीय और ऐसा माना जाता है कि एक इंसान के शरीर की सारी हड्डियों के एक साथ टूटने पर होने वाली पीड़ा के समान प्रसव पीड़ा पर जब किसी को दया नहीं आई, तो एक रिक्शावाला फरिश्ता बनकर आया, पर तब तक काफी देर हो चुकी थी और इंसानियत भी शर्मशार हो चुकी थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल, वाराणसी के दशाश्वमेध चौराहे के पास बुधवार की रात गर्भवती महिला तड़पती रही। सभी मुंहमोड़ के चले जा रहे थे। ऐसे में एक रिक्शावाला मददगार बना। उसने पुलिस को जानकारी देने के साथ ही उस महिला को कबीरचौरा जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया।
 

Pregnant woman agitated on Wednesday night near Dashashwamedh intersection of Varanasi
महिला को अस्पताल ले जाते - फोटो : अमर उजाला

रात सवा 11 बजे महिला अस्पताल में उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन बृहस्पतिवार सुबह 6 बजे महिला ने दम तोड़ दिया। रिक्शे वाले ने इंसानियत दिखाते हुए मदद की लेकिन इंसान की रक्षक पुलिस डेड बॉडी ले जाने तक को तैयार नहीं हुई और छह घंटे बाद पुलिस कार्रवाई शुरू हुई।

पूरा मजमून कुछ यूं है कि गर्भवती महिला चांदनी (35) को मैदागिन निवासी रिक्शा चालक सोनू ने लावारिस मरीज के रूप में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला का केवल नाम दर्ज था। इससे पुलिस शव लेने में आनाकानी करने लगी। 

प्रमुख अधीक्षक, डॉ. आरपी कुशवाहा ने बताया कि लावारिस हालत में आई महिला का तुरंत इलाज शुरू किया गया। सुबह छह बजे मौत के बाद पुलिस को सूचना दी गई लेकिन पहले पुलिस ले जाने को तैयार नहीं हुई। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 12 बजे डेड बॉडी ले जाने को पुलिस तैयार हुई।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed