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Varanasi News: आयुर्वेद संकाय के प्रसूति तंत्र विभाग में 7 से 9 अक्तूबर तक प्रसूतिकॉन
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आईएमएस बीएचयू के आयुर्वेद संकाय के प्रसूति तंत्र विभाग की ओर से तीन दिवसीय वार्षिक कॉन्फ्रेंस और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में महिलाओं के स्वास्थ्य में जांच और रिसर्च पर चर्चा होगी। 7 से 9 अक्तूबर तक चलने वाले इस आयोजन में देश, विदेश से 500 से ज्यादा प्रतिभागी जुटेंगे। इसमें प्रतिभागी डॉक्टर की ऑपरेशन थिएटर में की गई लाइव सर्जरी देख सकेंगे। विशेषज्ञ अलग-अलग सत्रों में गर्भ संस्कार, बांझपन, मर्म थेरेपी के महत्व पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। विभागाध्यक्ष प्रो. दीपा मिश्रा, प्रो. सुनीता सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सम्मेलन में जानी-मानी महिला बाल सर्जन पद्मश्री प्रो.सरोज चूड़ामणि मुख्य अतिथि होंगी।
आयुर्वेद संकाय में हुई प्रेसवार्ता में आयोजन समिति की अध्यक्ष प्रो. दीपा मिश्रा ने बताया कि गर्भ संस्कार से लेकर मर्म थेरेपी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। ओपीडी में आने वाली महिलाओं को इस बारे में जागरूक भी किया जाता है। बताया कि सम्मेलन में पहले दिन कार्यशाला होगी। इसके बाद 8-9 अक्तूबर को वैज्ञानिक सम्मेलन होंगे। लाइव सर्जिकल और चिकित्सीय प्रदर्शन जिसमें शामिल होंगे। इसमें डॉ. मंदार मोहन रनाडे द्वारा लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया, डॉ. प्रेमराज खैरनार द्वारा योनि हिस्टेरेक्टॉमी और डॉ. पुलक कान्ति कर द्वारा विद्ध और अग्नि कर्म, प्रो. सुनील जोशी द्वारा स्त्री रोग के विशेष संदर्भ में मर्म चिकित्सा दिखाई जाएगी। सम्मेलन में 27 विशिष्ट मुख्य वक्ता शामिल होंगे। 26 मुख्य वक्ता, 210 मौखिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियां और 70 पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल होंगी। उद्घाटन समारोह में प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के साथ ही आयुष निदेशक उत्तर प्रदेश गौरी शंकर प्रियदर्शी मौजूद रहेंगे। प्रेसवार्ता में प्रो. अनुराधा राय, प्रो. विश्वेश बी.एन, डॉ. प्रीति चौहान, डॉ. शिखा सिंह आदि मौजूद रहे।
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आयुर्वेद संकाय में हुई प्रेसवार्ता में आयोजन समिति की अध्यक्ष प्रो. दीपा मिश्रा ने बताया कि गर्भ संस्कार से लेकर मर्म थेरेपी महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। ओपीडी में आने वाली महिलाओं को इस बारे में जागरूक भी किया जाता है। बताया कि सम्मेलन में पहले दिन कार्यशाला होगी। इसके बाद 8-9 अक्तूबर को वैज्ञानिक सम्मेलन होंगे। लाइव सर्जिकल और चिकित्सीय प्रदर्शन जिसमें शामिल होंगे। इसमें डॉ. मंदार मोहन रनाडे द्वारा लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया, डॉ. प्रेमराज खैरनार द्वारा योनि हिस्टेरेक्टॉमी और डॉ. पुलक कान्ति कर द्वारा विद्ध और अग्नि कर्म, प्रो. सुनील जोशी द्वारा स्त्री रोग के विशेष संदर्भ में मर्म चिकित्सा दिखाई जाएगी। सम्मेलन में 27 विशिष्ट मुख्य वक्ता शामिल होंगे। 26 मुख्य वक्ता, 210 मौखिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियां और 70 पोस्टर प्रस्तुतियां शामिल होंगी। उद्घाटन समारोह में प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल, बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी के साथ ही आयुष निदेशक उत्तर प्रदेश गौरी शंकर प्रियदर्शी मौजूद रहेंगे। प्रेसवार्ता में प्रो. अनुराधा राय, प्रो. विश्वेश बी.एन, डॉ. प्रीति चौहान, डॉ. शिखा सिंह आदि मौजूद रहे।
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