बिजली कटौती: बनारस में जनता का हाल बेहाल, कहीं टूटकर गिर रहा तार तो कहीं जल जा रहा ट्रांसफार्मर
वाराणसी के किस क्षेत्र में कब बिजली कटेगी और कब तक आएगी, इस बारे में लोगों को सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
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वाराणसी जिले में लोगों को बेहतर बिजली आपूर्ति का भले ही बिजली विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है लेकिन कटौती से जनता बेहाल हो गई है। किस क्षेत्र में कब बिजली कटेगी और कब तक आएगी, इस बारे में लोगों को सही जानकारी भी नहीं मिल पा रही है। कहीं तार टूटकर गिर रहा है तो कहीं जंपर उड़ने की शिकायत मिल रही है।
दिन में तो कटौती हो ही रही है लेकिन सबसे अधिक परेशानी रात के समय में होने वाली कटौती से हो रही है। हर बार गर्मी आने से पहले ही जर्जर तारों को बदलने, ट्रांसफार्मर की मरम्मत कराने सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने को लेकर बिजली विभाग की ओर से अभियान चलाया जाता है।
ग्रामीण इलाकों में खूब कट रही बिजली
अधिकारी भी समय-समय पर होने वाली बैठकों में इसके लिए निर्देश देते हैं। इधर गर्मी आते ही तार भी टूटकर गिरने लगते हैं और ट्रांसफार्मर जलने की भी समस्या बढ़ जाती है। शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली खूब कट रही है। रोहनिया इलाके में जहां पहले 20 से 22 घंटे बिजली मिलती थी वहीं दो दिन से तीन से चार घंटे की कटौती होने से परेशानी बढ़ गई है।
बिजली कटौती को लेकर केंद्रीय मंत्री ने जताई नाराजगी
सर्किट हाउस में जिला विद्युत निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री डा. महेंद्र नाथ पांडेय ने की। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति के लिए अधिकारी संवेदनशील रहे। उन्होंने विद्युत विभाग की जमकर क्लास ली। उन्होंने सड़क पर चार दिन से लगे ट्राली ट्रांसफॉर्मर को संज्ञान में लेते हुए विभागीय अभियंताओं से पूछा कि खराब ट्रांसफॉर्मर कितने दिन में बदलने का नियम है।जवाब मिलने पर पूछा कि आप जब यह जानते हैं तो चार दिन से लगे ट्राली ट्रांसफॉर्मर को अब तक क्यों नहीं हटाया गया। उन्होंने पूछा कि ट्रिपिंग की इंट्री लॉगबुक में की जाती है या नहीं। अव्वल तो आप लोग करते नहीं हो। लाइनमैन के अलावा कोई ज़ी जिम्मेदार अभियंता उपकेंद्र से लगायत फील्ड में नजर नहीं आते। जर्जर तारों की तरफ आप लोगों का ध्यान नहीं है। आखिर यह सब कब तक चलेगा।