यूपी-बिहार बॉर्डर के बक्सर में गंगा किनारे मिले 71 शवों का नहीं हो सका पोस्टमार्टम, गड्ढा खोद कर दफनाया गया

अमर उजाला नेटवर्क, बक्सर Published by: उत्पल कांत Updated Tue, 11 May 2021 11:11 PM IST

सार

बक्सर के चौसा के समीप  गंगा में  मिले 71 शवों को गंगा किनारे गड्ढा खोद कर दफना दिया गया। शव सड़ गए थे, इसलिए उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। लेकिन, उनके स्वैब का नमूना लिया गया। जिससे कोविड टेस्ट व आवश्यकता पड़ने पर डीएनए की जांच हो सके।
गंगा घाट पर पीपीई कीट पहन कर शवों को निकालते कर्मी
गंगा घाट पर पीपीई कीट पहन कर शवों को निकालते कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बक्सर के चौसा के समीप  गंगा में  मिले 71 शवों को गंगा किनारे गड्ढा खोद कर दफना दिया गया। शव सड़ गए थे, इसलिए उनका पोस्टमार्टम नहीं हो सका। लेकिन, उनके स्वैब का नमूना लिया गया। जिससे कोविड टेस्ट व आवश्यकता पड़ने पर डीएनए की जांच हो सके। यह कार्रवाई सोमवार देर रात तक चली। इस दौरान डीएम अमन समीर व एसपी नीरज कुमार सिंह मौजूद रहे।  
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वहां से लौटे अधिकारियों ने बताया हमारी टीम ने चौसा के पास गंगा में निगरानी बढ़ा दी है। वहीं जिला प्रशासन ने कुछ तस्वीरें और एक वीडियो जारी कर दावा किया है शव यूपी की तरफ से हमारी सीमा में आ रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए चौसा रानी घाट के पास मंगलवार को महाजाल लगाया गया।


चौसा के अंचल अधिकारी नवलकांत एवं मुफस्सिल पुलिस की देखरेख में यह कार्य संपन्न हुआ। हालांकि इतना सब कुछ होने के बावजूद भी चौसा बाजार घाट व हादिपुर गांव के समीप तीन-चार शव देखे गए हैं। वहीं डीएम अमन समीर ने कहा चौसा में अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। वहां फिलहाल किसी को शव प्रवाहित करने की अनुमति नहीं होगी। 

गाजीपुर में पोकलेन और जेसीबी से दफनाए जा रहे शव

गंगा में पानी का प्रवाह कम होने से गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के धरम्मरपुर घाट के किनारे मंगलवार को कई शव दिखाई पड़े। सूचना पर एसपी सिटी और सदर एसडीएम अनिरुद्ध प्रताप सिंह ने मौके पर पहुंचकर शवों को दफनाने का निर्देश दिया। शवों की संख्या अधिक होने पर पोकलेन एवं जेसीबी का सहारा लिया जा रहा था। एहतियात के तौर पर पुलिस तैनात की गई थी। करीब दो दर्जन से अधिक लेखपाल इस कार्य में जुटे थे।

इधर, बलिया जिले के थाना नरही क्षेत्र अंतर्गत बलिया-बक्सर पुल के नीचे गंगा नदी के तट पर सोमवार की शाम को कुछ दिन पुराने क्षत-विक्षत अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली. इसकी जांच उपजिलाधिकारी तथा क्षेत्राधिकारी सदर द्वारा की गई। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने कहा कि सभी शवों का उचित तरीके से गंगा नदी के तट पर ही पुलिस एवं प्रशासन की उपस्थिति में अंतिम संस्कार करा दिया गया। उक्त शवों के आने के स्रोत की जांच की जा रही है।

बिहार सरकार में मंत्री का दावा- यूपी से आया शव

मामले में बिहार सरकार में जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए. कहा कि  बक्सर जिले में चौसा गांव के मिले  शव 4-5 दिन पुराने हैं जो क्षत-विक्षत हालत में पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से बहकर बिहार आए हैं. आगे कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इतनी संख्या में शव बरामद होने और नदी में उन्हें प्रवाहित किए जाने से तकलीफ पहुंची है क्योंकि वह गंगा नदी की स्वच्छता और निर्बाध प्रवाह को लेकर हमेशा चिंतित रहे हैं और उन्होंने जिला प्रशासन को नदी किनारे गश्ती बढ़ाने को कहा है, ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो. एक अन्य ट्वीट में कहा- उत्तरप्रदेश और बिहार के सीमावर्ती रानीघाट में गंगा में जाल लगाया गया है. हमने उत्तरप्रदेश प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी है. हमारा प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है. 
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