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तालाबों-पार्कों के दिन बहुरेंगे

Sun, 29 May 2016 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 29 May 2016 02:34 AM IST
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जिले के नियोजित विकास और बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने पर प्रशासन का पूरा जोर रहेगा। सड़क, बिजली, पानी और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने पर 884.71 लाख रुपये वीडीए खर्च करेगा। यह पैसा वीडीए की अवस्थापना निधि से खर्च होगा। शनिवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की   अध्यक्षता में हुई अवस्थापना   निधि की बैठक में पूर्व में स्वीकृत पांच योजनाओं को जमीन उपलब्ध न होने की वजह से निरस्त कर दिया गया। अवस्थापना निधि से शहर के चार तालाबों और पार्कों का कायाकल्प होगा।
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मंडलीय सभागार में हुई बैठक में कमिश्नर गोकर्ण ने भोजूबीर-सिन्धोरा मार्ग को लालपुर आवासीय योजना होते हुए रिंग रोड तक 4 लेन बनाये जाने के लिए लोक निर्माण विभाग के अभियंता से शीध्र प्रस्ताव तैयार करने को कहा। साथ ही कहा कि सुगम यातायात के लिए सड़कों से बिजली के पोल हटाने की जरूरत हो तो युद्धस्तर पर अभियान चलाकर उसे हटाया जाय। ऐसे तालाबों की सूची तैयार करने को कहा, जिनमें सीवेज का गंदा जल जाता हो।
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कहा कि ऐसे तालाबों को प्रदूषण से मुक्त करने की जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई की होगी। उन्होंने अवस्थापना निधि से चार पार्कों के सुंदरीकरण की मंजूरी दी। बैठक में वीडीए के सचिव एमपी सिंह, एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सहित कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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शिवपुर के सुद्धीपुर में तालाब को भू माफियाओं द्वारा पाटकर उसकी प्रकृति बदलकर कब्जा किए जाने की शिकायत को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने गंभीरता से लिया है। उन्होने जिलाधिकारी को राजस्व अधिकारियों की टीम तुरंत मौके पर भेजकर तालाब पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। कमिश्नर शनिवार को अपने कार्यालय में जनसुनवाई कर रहे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने तालाब को पाटने व उस पर भू-माफियाओं द्वारा किये जा रहे अवैध कब्जे की जानकारी दी। बताया कि यह भूखंड राजस्व अभिलेख में राजा गोकुलचन्द वल्द मोतीचन्द के नाम तालाब के रूप में वर्ष 1883 से दर्ज रहा। किन्तु राजस्व अभिलेख में हेराफेरी करके कतिपय लोगो को संक्रमणीय भूमिधर बना दिया गया और भू-माफिया को गलत तरीके से बेच दिया गया है। भू-माफिया उक्त तालाब को पाटकर उसकी प्रकृति बदलने में लगे हुए है। कमिश्नर ने तालाब पर हुए अवैध कब्जे को हटाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने तालाबों, कुंडों, जलाशयों एवं जलस्रोतों के संवर्धन एवं उनको हर हालत में संरक्षित रखे जाने की अपनी कटिबद्धता दोहराते हुए तालाब के भूखंड का खरीद-फरोख्त तथा उस पर किसी भी प्रकार का निर्माण आदि कार्य पूर्णतया अवैधानिक होना बताते हुए, दोषी व्यक्ति के खिलाफ कड़ी करने के साथ ही जेल भेजे जाने की चेतावनी दी है।
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