{"_id":"5db8998f8ebc3e014f25ff39","slug":"polution-varanasi-news-vns4915939118","type":"story","status":"publish","title_hn":"पटाखों के धुएं ने घोंटा हवा का दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पटाखों के धुएं ने घोंटा हवा का दम
विज्ञापन
वाराणसी। पटाखों के धुएं ने हवा को और जहरीला बना दिया। विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शुमार शहर की आबोहवा दीपावली पर पांच गुना ज्यादा प्रदूषित हो गई। महमूरगंज क्षेत्र सबसे अधिक तो चौक सबसे कम प्रदूषित रहा। धुएं और धूल से स्मॉग का खतरा भी बढ़ गया है और अस्थमा के रोगियों को सांस लेने में परेशानी झेलनी पड़ रही है। वहीं, शोर से पालतू पशु घरों में ही दुबके रहे।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रीन पटाखों के नाम पर हुई आतिशबाजी के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पीएम 2.5 की मात्रा तीन गुना से भी अधिक हो गई है। उधर, क्लाइमेट एजेंडा की ओर से शहर के 18 इलाकों में वायु गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट जारी की गई। दीपावली की अगली सुबह तीन बजे से आठ बजे तक एकत्र किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हवा में कार्बन कणों की औसत से काफी अधिक मौजूदगी ने बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों के लिए सांस संबंधी परेशानियां खड़ी कर दी हैं। यह जहरीली हवा आने वाले दिनों में हर किसी को प्रभावित करेगी।
मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने बताया कि महमूरगंज में पीएम 10 की मात्रा 529 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही जो सामान्य से पांच गुना ज्यादा है। विशेश्वरगंज दूसरे स्थान पर रहा। यहां पीएम 10 का स्तर 492 रहा। नदेसर का राजा बाजार क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा, जहां पीएम 10 का स्तर 481 रहा। तुलनात्मक रूप में चौक क्षेत्र सबसे कम प्रदूषित मिला। यहां पीएम 10 की मात्रा 267 यूनिट रही। वहीं, स्मॉग की वजह से आसमान में काली परत देखी गई। हवा में ऑक्सीजन का संतुलन खतरनाक स्तर तक बिगड़ गया है।
विज्ञापन
खस्ताहाल सड़कें भी जिम्मेदार
आतिशबाजी के साथ शहर की खस्ताहाल सड़कें भी हवा को प्रभावित कर रही हैं। वाहनों के निकलने पर उड़ने वाली धूल से हवा प्रदूषित हो रही है। लोगों को कहना है कि अर्दली बाजार में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए यंत्र के अलावा पांच और यंत्रों को लगाने की जरूरत है, ताकि वायु की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
अभी और बिगड़ेंगे हालात
दीपावली के बाद कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय, दीनदयाल और रामनगर अस्पताल की ओपीडी में सौ से अधिक मरीज सांस की तकलीफ के चलते इलाज कराने पहुंचे। मंडलीय चिकित्सालय के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आरके शर्मा के अनुसार, प्रदूषित हवा का तुरंत असर नहीं पड़ता है। दो से तीन दिन बाद इसका असर देखने को मिलेगा।
स्थान पीएम10 पीएम 2.5
महमूरगंज 529 254
विशेश्वरगंज 492 287
राजाबाजार नदेसर 481 321
पांडेयपुर चौराहा 434 265
इंग्लिशिया लाइन 430 128
रामनगर 410 129
नरिया चौराहा 399 393
पहडि़या चौराहा 395 304
लंका 393 107
नई सड़क 387 108
सिगरा 370 138
सारनाथ 368 204
सोनारपुरा 360 299
कबीरचौरा 349 211
पीलीकोठी 348 203
भेलूपुर 308 134
लहुराबीर 305 119
चौक 267 226
गलियों से लेकर सड़क तक पसरा कूड़ा
दीपावली के दूसरे दिन अवकाश होने के कारण दो दिनों का कूड़ा नहीं उठा। इसके कारण गलियों से लेकर सड़क तक कूड़ा पसरा रहा। पॉश कालोनियों में भी गंदगी सड़क पर पड़ी रही। सोमवार को नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कई इलाकों का दौरा किया और गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मातहतों को जल्द सफाई का निर्देश दिया। बावजूद इसके मंगलवार शाम तक कई इलाकों में कूड़े का उठान नहीं हो सका था।
धुएं से फेफड़ों पर असर
आतिशबाजी के दौरान निकलने वाले धुएं से फेफड़े पर गलत असर पड़ता है। सांस लेने में तकलीफ होती है। अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इससे अटैक होने का खतरा रहता है। मुंह पर मॉस्क लगाना जरूरी है। -प्रो. जीएन श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, चेस्ट डिपार्टमेंट, बीएचयू
पटाखों के धुएं से सांस फूलने, घबराहट, खांसी, हृदय और फेफड़े संबंधित परेशानियां और आंखों में जलन होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए पटाखों से निकलने वाली सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रोजन डाई आक्साइड गैसें नुकसानदायक हैं। -डॉ. अजय कुमार, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय
यह बरतें सावधानियां
- प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचें और मास्क जरूर लगाएं।
- घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर लगाएं।
- घर के बाहर व्यायाम करने से बचें। घर में ही योग जैसा हल्का व्यायाम करें।
- प्रतिरक्षी क्षमता को मजबूत बनाने के लिए अदरक और तुलसी युक्त चाय पिएं।
- विटामिन सी, ओमेगा3 और मैग्नीशियम युक्त आहार लें। हल्दी, गुड़ और अखरोट का सेवन करें।
विज्ञापन
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्रीन पटाखों के नाम पर हुई आतिशबाजी के कारण एयर क्वालिटी इंडेक्स में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। पीएम 2.5 की मात्रा तीन गुना से भी अधिक हो गई है। उधर, क्लाइमेट एजेंडा की ओर से शहर के 18 इलाकों में वायु गुणवत्ता की जांच रिपोर्ट जारी की गई। दीपावली की अगली सुबह तीन बजे से आठ बजे तक एकत्र किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। हवा में कार्बन कणों की औसत से काफी अधिक मौजूदगी ने बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और मरीजों के लिए सांस संबंधी परेशानियां खड़ी कर दी हैं। यह जहरीली हवा आने वाले दिनों में हर किसी को प्रभावित करेगी।
विज्ञापन
मुख्य अभियानकर्ता एकता शेखर ने बताया कि महमूरगंज में पीएम 10 की मात्रा 529 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रही जो सामान्य से पांच गुना ज्यादा है। विशेश्वरगंज दूसरे स्थान पर रहा। यहां पीएम 10 का स्तर 492 रहा। नदेसर का राजा बाजार क्षेत्र तीसरे स्थान पर रहा, जहां पीएम 10 का स्तर 481 रहा। तुलनात्मक रूप में चौक क्षेत्र सबसे कम प्रदूषित मिला। यहां पीएम 10 की मात्रा 267 यूनिट रही। वहीं, स्मॉग की वजह से आसमान में काली परत देखी गई। हवा में ऑक्सीजन का संतुलन खतरनाक स्तर तक बिगड़ गया है।
विज्ञापन
खस्ताहाल सड़कें भी जिम्मेदार
आतिशबाजी के साथ शहर की खस्ताहाल सड़कें भी हवा को प्रभावित कर रही हैं। वाहनों के निकलने पर उड़ने वाली धूल से हवा प्रदूषित हो रही है। लोगों को कहना है कि अर्दली बाजार में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से लगाए गए यंत्र के अलावा पांच और यंत्रों को लगाने की जरूरत है, ताकि वायु की गुणवत्ता का आकलन किया जा सके।
अभी और बिगड़ेंगे हालात
दीपावली के बाद कबीरचौरा मंडलीय चिकित्सालय, दीनदयाल और रामनगर अस्पताल की ओपीडी में सौ से अधिक मरीज सांस की तकलीफ के चलते इलाज कराने पहुंचे। मंडलीय चिकित्सालय के चेस्ट फिजीशियन डॉ. आरके शर्मा के अनुसार, प्रदूषित हवा का तुरंत असर नहीं पड़ता है। दो से तीन दिन बाद इसका असर देखने को मिलेगा।
स्थान पीएम10 पीएम 2.5
महमूरगंज 529 254
विशेश्वरगंज 492 287
राजाबाजार नदेसर 481 321
पांडेयपुर चौराहा 434 265
इंग्लिशिया लाइन 430 128
रामनगर 410 129
नरिया चौराहा 399 393
पहडि़या चौराहा 395 304
लंका 393 107
नई सड़क 387 108
सिगरा 370 138
सारनाथ 368 204
सोनारपुरा 360 299
कबीरचौरा 349 211
पीलीकोठी 348 203
भेलूपुर 308 134
लहुराबीर 305 119
चौक 267 226
गलियों से लेकर सड़क तक पसरा कूड़ा
दीपावली के दूसरे दिन अवकाश होने के कारण दो दिनों का कूड़ा नहीं उठा। इसके कारण गलियों से लेकर सड़क तक कूड़ा पसरा रहा। पॉश कालोनियों में भी गंदगी सड़क पर पड़ी रही। सोमवार को नगर आयुक्त गौरांग राठी ने कई इलाकों का दौरा किया और गंदगी मिलने पर नाराजगी जताई। उन्होंने मातहतों को जल्द सफाई का निर्देश दिया। बावजूद इसके मंगलवार शाम तक कई इलाकों में कूड़े का उठान नहीं हो सका था।
धुएं से फेफड़ों पर असर
आतिशबाजी के दौरान निकलने वाले धुएं से फेफड़े पर गलत असर पड़ता है। सांस लेने में तकलीफ होती है। अस्थमा, सीओपीडी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इससे अटैक होने का खतरा रहता है। मुंह पर मॉस्क लगाना जरूरी है। -प्रो. जीएन श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, चेस्ट डिपार्टमेंट, बीएचयू
पटाखों के धुएं से सांस फूलने, घबराहट, खांसी, हृदय और फेफड़े संबंधित परेशानियां और आंखों में जलन होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए पटाखों से निकलने वाली सल्फर डाई आक्साइड और नाइट्रोजन डाई आक्साइड गैसें नुकसानदायक हैं। -डॉ. अजय कुमार, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय
यह बरतें सावधानियां
- प्रदूषित हवा के संपर्क में आने से बचें और मास्क जरूर लगाएं।
- घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, एयर प्यूरीफायर लगाएं।
- घर के बाहर व्यायाम करने से बचें। घर में ही योग जैसा हल्का व्यायाम करें।
- प्रतिरक्षी क्षमता को मजबूत बनाने के लिए अदरक और तुलसी युक्त चाय पिएं।
- विटामिन सी, ओमेगा3 और मैग्नीशियम युक्त आहार लें। हल्दी, गुड़ और अखरोट का सेवन करें।