बनारस की हवा में फिर से घुलने लगा प्रदूषण का जहर, आबोहवा की गुणवत्ता पहुंची 300 के करीब
बनारस की हवा में एक बार से फिर से जहर घुलने लगा है। काशी की आबोहवा को दुरुस्त करने के लिए पानी छिड़कने का फार्मूला भी अब काम नहीं कर रहा है। मानकों को दरकिनार कर हो रहे निर्माण, भवन और पौधों की कमी ने एक बार फिर से हवा में जहर घोलना शुरू कर दिया है।
देव दीपावली के बाद बुधवार को सिटी कमांड कंट्रोल के आंकड़ों के जारी आंकड़ों पर गौर करें तो आदमपुर के इलाके में एयर क्वालिटी इंडेक्स 499 पहुंच गया। वहीं तरना पुल, पंचक्रोशी हवेलिया चौराहे पर भी वायु की गुणवत्ता सबसे अधिक खराब रही।
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बुधवार को बनारस की हवा फिर जहरीली हो गई। आदमपुर में प्रदूषक तत्वों की मात्रा सबसे अधिक दर्ज की गई। इसके अलावा मंडुवाडीह, रामनगर का शास्त्री चौक, हवेलिया चौराहा, पंचक्रोशी चौराहे की हवा की गुणवत्ता का स्तर चार सौ के ऊपर दर्ज किया गया। चितईपुर, भेलूपुर, सारनाथ, पड़ाव और मलदहिया चौराहे पर एयर क्वालिटी इंडेक्स तीन सौ के ऊपर रहा। सबसे कम प्रदूषित इलाके के बात करें तो चितरंजन पार्क ओर बीएचयू में एयर क्वालिटी इंडेक्स सबसे कम दर्ज किया गया।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि गत तीन दिनों से वायु की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है लेकिन अभी भी खोदाई व निर्माण वाले स्थानों पर मानकों का पालन जरूरी है। उन्होंने बताया कि शाम पौने छह बजे औसतन वायु की गुणवत्ता 296 रिकार्ड की गई। वहीं दिन भर यह आंकड़ा 267 से 297 के बीच रहा। रात 10 बजे एयर क्वालिटी इंडेक्स 287 दर्ज किया गया।
कहां कितना रहा प्रदूषण :
आदमपुर जोनल कार्यालय 499
रामनगर शास्त्री चौक 438
तरना पुल 436
पंचक्रोशी हवेलिया चौराहा 433
मंडुआडीह 410
चितईपुर 379
पड़ाव 378
बौलिया 344
भेलूपुर 337
सारनाथ 324
मलदहिया चौराहा 305
कैंट 267
अर्दली बाजार 237
चितरंजन पार्क 209
बीएचयू 132
(सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर)
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पानी छिड़क कर कब तक चलाएंगे काम
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी एडवाईजरी व सख्ती के बाद कुछ विभागों ने सड़कों पर पानी छिड़कवाना शुरू कर दिया है। इसके कारण एक सप्ताह से प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है। खोदाई वाले स्थानों पर पानी का छिड़काव का ही नतीजा है कि कैंट रेलवे स्टेशन के आसपास एक्यूआई 267 रिकार्ड किया गया। आम दिनों में पानी छिड़काव से पहले यहां रोजाना 350 से अधिक एक्यूआई रिकार्ड किया जा रहा था। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आखिर कब तक पानी छिड़कर प्रदूषण से निजात दिलाए जाएगी। इसके लिए मुकम्मल इंतजाम करने होंगे।