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पंचायत चुनाव में अकेले मैदान में उतरेगा अपना दल
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वाराणसी। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के साथ ही अपना दल (एस) ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद अनुप्रिया पटेल ने रविवार को कार्यकर्ता सम्मेलन में साफ किया कि अपना दल पंचायत चुनाव में अकेले ही मैदान में उतरेगी। उन्होंने कोरोना काल के जरिए कार्यकर्ताओं को कम संसाधन में बड़ा लक्ष्य हासिल करने का संदेश दिया।
लंका स्थित एक लॉन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि तकलीफों का दौर समाप्त हो गया है। एक साल बाद इस समय विधानसभा चुनाव शुरू हो जाएंगे। पिछले तीन-चार साल में जो हमने किया है, उसे घर घर तक पहुंचाएं और करो या मरो की नीति से काम करना होगा। 2021 में पंचायत चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है और इसमें हम अपनी कमियों को जान सकेेंगे। इस सेमीफाइनल में जिले की हर सीट पर आवेदन स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में आवेदकों को 40 सक्रिय बनाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी की ओर से प्रत्याशी की घोषणा होने तक कोई भी खुद कोई पहल नहीं करें। किसी भी पोस्टर-बैनर में भावी प्रत्याशी नहीं लिखें।
नारों में मुख्यमंत्री न बनाएं, काम करके दिखाइए
सांसद अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं को ताकीद की कि मुझे केवल नारों में मुख्यमंत्री मत बनाइए। काम करके दिखाइए कि अपना दल प्रदेश की कमान संभालने की हैसियत रखता है। उन्होंने कहा, वर्ष 2022 हर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। बूथ स्तर पर संगठन को पहुुंचाने की कोशिश करें।
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किसान आंदोलन में वार्ता से ही निकलेगा समाधान
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार लगातार किसानों से वार्ता कर रही है। हमारे देश के लोकतंत्र में सरकार की नीति के साथ असहमति जताने का अधिकार है। किसान आंदोलन कई दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता के माध्यम से ही समाधान निकलेगा।
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लंका स्थित एक लॉन में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि तकलीफों का दौर समाप्त हो गया है। एक साल बाद इस समय विधानसभा चुनाव शुरू हो जाएंगे। पिछले तीन-चार साल में जो हमने किया है, उसे घर घर तक पहुंचाएं और करो या मरो की नीति से काम करना होगा। 2021 में पंचायत चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है और इसमें हम अपनी कमियों को जान सकेेंगे। इस सेमीफाइनल में जिले की हर सीट पर आवेदन स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में आवेदकों को 40 सक्रिय बनाने होंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि पार्टी की ओर से प्रत्याशी की घोषणा होने तक कोई भी खुद कोई पहल नहीं करें। किसी भी पोस्टर-बैनर में भावी प्रत्याशी नहीं लिखें।
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नारों में मुख्यमंत्री न बनाएं, काम करके दिखाइए
सांसद अनुप्रिया पटेल ने कार्यकर्ताओं को ताकीद की कि मुझे केवल नारों में मुख्यमंत्री मत बनाइए। काम करके दिखाइए कि अपना दल प्रदेश की कमान संभालने की हैसियत रखता है। उन्होंने कहा, वर्ष 2022 हर पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है। बूथ स्तर पर संगठन को पहुुंचाने की कोशिश करें।
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किसान आंदोलन में वार्ता से ही निकलेगा समाधान
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में सांसद अनुप्रिया पटेल ने कहा कि सरकार लगातार किसानों से वार्ता कर रही है। हमारे देश के लोकतंत्र में सरकार की नीति के साथ असहमति जताने का अधिकार है। किसान आंदोलन कई दौर की वार्ता हो चुकी है। वार्ता के माध्यम से ही समाधान निकलेगा।