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एसओ समेत सात पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

Fri, 04 Jun 2021 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 11:18 PM IST
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policeman line hazir
सिकंदरपुर/ नवानगर। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बसारिकपुर दियारे में बुधवार को गोकशी के लिए जा रहे करीब 100 मवेशी पकड़े जाने पर पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने बृहस्पतिवार की रात शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक सिकंदरपुर विपिन सिंह, हल्का उप निरीक्षक लाल बहादुर, मुख्य आरक्षी आशीष यादव, संजय सिंह, रजनीश सिंह, प्रभाकर सिंह व रत्नाकर सिंह यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
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पिछले बुधवार को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बसारिकपुर गांव के दियारे में गोकशी के लिए ले जा रहे करीब 100 मवेशियों को एसडीएम सिकंदरपुर एवं सीओ की टीम ने पकड़ा। इस घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। इस मामले में 12 नामजद और सात अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पशु तस्करी व अवैध शराब के धंधे में पुलिस की मिलीभगत उजागर होने पर एसपी ने बृहस्पतिवार की रात एसओ समेत सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
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इनसेट
सिकंदरपुर में वर्षों से हो रही पशु तस्करी
सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लीलकर, कठौड़ा, खरीद, बसारिकपुर, गोसाईपुर, पुरुषोत्तम पट्टी जैसे आधा दर्जन गांव ऐसे हैं, जो सरजू नदी के तट पर बसे हैं। इन क्षेत्रों में वर्षों से गोकशी व अवैध शराब का धंधा चलता आ रहा है। अगर पुलिस अधीक्षक इसकी गोपनीय ढंग से जांच कराएं तो भविष्य में इससे भी बड़ी कामयाबी मिल सकती है। बीते जनवरी में गोकशी और अवैध शराब का धंधा करने वाले गिरोह को रोकने के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। इस मामले में भी स्थानीय पुलिस ने लीपापोती कर दी थी।
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दो दिन बाद भी पुलिस की पहुंच से पशु तस्कर दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदरपुर। चर्चित बसारिखपुर पशु तस्करी मामले के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। हालांकि अभियुक्तों की तलाश में पुलिस इधर-उधर हाथ पैर मार रही है। मास्टर माइंड अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। फिलहाल पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। स्थानीय पुलिस ने सभी अभियुक्तों को पहचानने की बात स्वीकार की है। इसके बाद भी उनकी गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में काफी आक्रोश है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। बहुत जल्द ही आरोपित पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- अशोक कुमार मिश्र, सीओ बांसडीह।
संबंधित खबर में वर्जन के लिए बोला गया है।
एसओ समेत सात पुलिसकर्मियों को एसपी ने किया लाइन हाजिर
- बसारिकपुर दियारे से एक सौ मवेशियों को एसडीएम व सीओ ने किया था बरामद
12 नामजद और सात अज्ञात के विरूद्ध पुलिस ने दर्ज किया था मुकदमा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदरपुर/ नवानगर। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बसारिकपुर दियारे में बुधवार को गोकशी के लिए जा रहे करीब 100 मवेशियों को एसडीएम व सीओ द्वारा पकड़े जाने के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन ताडा ने बृहस्पतिवार की रात शिथिलता और लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी निरीक्षक सिकंदरपुर विपिन सिंह, हल्का उप निरीक्षक लाल बहादुर, मुख्य आरक्षी आशीष यादव, संजय सिंह, रजनीश सिंह, प्रभाकर सिंह व रत्नाकर सिंह यादव को लाइन हाजिर कर दिया है। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक को सौंपी है।
पिछले बुधवार को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के बसारिकपुर गांव के दियारे में गोकशी के लिए ले जा रहे करीब 100 मवेशियों को एसडीएम सिकंदरपुर एवं सीओ की टीम ने पकड़ा। इस घटना की जानकारी होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया था। पशु तस्करी व अवैध शराब का धंधा पुलिस की मिली भगत से वर्षों से चल रहा था, जिसका राज बुधवार को खुल गया। इसके बाद एसपी ने एसओ समेत सात पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।
बीते जनवरी में गोकशी और अवैध शराब का धंधा करने वाले गिरोह को रोकने के दौरान एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। उसको भी स्थानीय पुलिस ने लीपापोती कर दिया था। सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के लीलकर, कठौड़ा, खरीद, बसारिकपुर, गोसाईपुर, पुरुषोत्तम पट्टी जैसे आधा दर्जन गांव ऐसे हैं, जो सरजू नदी के तट पर बसे हैं। इन क्षेत्रों में वर्षों से गोकशी व अवैध शराब का धंधा चलता आ रहा है। अगर पुलिस अधीक्षक इसकी गोपनीय ढंग से जांच कराएं तो भविष्य में इससे भी बड़ी कामयाबी मिल सकती है।

दो दिन बाद भी पुलिस की पहुंच दूर पशु तस्कर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिकंदरपुर। चर्चित बसारिखपुर पशु तस्करी मामले के दो दिन बाद भी स्थानीय पुलिस के हाथ खाली है। हालांकि पुलिस अभियुक्तों की तलाश में इधर उधर हाथ पैर मार रही है, लेकिन कुछ विशेष हासिल नहीं हो पाया है। वैसे पुलिस तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। बावजूद बड़े नेटवर्क के मास्टर माइंड अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। स्थानीय पुलिस ने सभी अभियुक्तों को अच्छी तरह जानने व पहचानने की बात भी स्वीकार किया है। बावजूद पुलिस गो तस्करों का नेटवर्क भेदने में सफल नहीं हो पाई है। इससे लोगों में काफी आक्रोश है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। बहुत जल्द ही आरोपित पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
- अशोक कुमार मिश्र, सीओ बांसडीह।
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