सोनभद्र नरसंहार के पांच आरोपियों की रिमांड चाहती थी पुलिस, इस कारण पूरी नहीं हो सकी इच्छा
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सोनभद्र नरसंहार में पकड़े गए पांच अन्य आरोपियों को पुलिस ने विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी के न्यायालय में सोमवार को पेश किया। पुलिस पांच आरोपितों को रिमांड पर लेना चाहती थी, लेकिन पुलिस की यह इच्छा पूरी नहीं हो सकी।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमवार को उभ्भा गांव में हुए नरसंहार के मुख्य आरोपित यज्ञ दत्त सहित पांच आरोपितों को रिमांड पर लेने के लिए विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी के न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन अधिवक्ताओं की हड़ताल की वजह से पुलिस रिमांड नहीं मिल सकी। इसलिए सभी को पुन: जिला कारागार गुरम भेज दिया गया। अब आरोपित न्यायालय में 30 जुलाई को पेश होंगे।
बता दें कि, 17 जुलाई को घोरावल कोतवाली क्षेत्र के उभ्भा गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था। ग्राम प्रधान यज्ञ दत्त अपने समर्थकों के साथ लाठी डंडे और बंदूक से आदिवासियों पर हमला कर दिया था। जिसमे दस लोगों की मौत हो गई थी और 28 लोग घायल हो गए थे।
इस मामले में पुलिस पीड़ित पक्ष की तहरीर पर 28 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 50 से अधिक अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कई कोर्ट में आत्मसमर्पण भी कर चुके हैं। फरार आरोपियों की खोजबीन की जा रही है। अब पुलिस कुछ आरोपितों को रिमांड पर लेकर उनसे घटना के संबंध में पूछताछ कर कुछ साक्ष्य जुटाने की फिराक में है।
इसके लिए विवेचक ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र भी दिया है। सोमवार को मुख्य आरोपित यज्ञ दत्त, गणेश, धर्मेंद्र, असर्फी व नीरज को न्यायालय में पेश किया गया। इस संबंध में सीओ सिटी केजी सिंह ने बताया कि आरोपितों को न्यायालय में पेश किया गया, लेकिन रिमांड नहीं मिल सकी।