भदोही में पुलिस मुठभेड़ पर डॉक्टर की रिपोर्ट से पुलिस के दावों पर सवाल, धारदार हथियार से लगी है चोट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भदोही जिले के कोतवाली क्षेत्र के रमयनपुर में गुरुवार की रात पुलिस मुठभेड़ में घायल दो बदमाशों की गिरफ्तारी मामले में नया मोड़ आ गया है। दोनों अपराधियों का मेडिकल मुआयना करने वाले डॉक्टर की रिपोर्ट ने पुलिस के दावों सवाल उठा दिए हैं। पुलिस ने दावा था कि बदमाश पुलिस की गोली से घायल हुए हैं, वहीं डॉक्टर की रिपोर्ट में गोली लगने से ही इनकार करते हुए पैर में सख्त वस्तु अथवा धारदार हथियार से चोट लगने की बात कही गई है।
बता दें कि बुधवार की रात ब्लॉक के मानिकपट्टी की पूर्व प्रधान सुधा देवी के पति भगवंता प्रसाद पर गोलियां बरसाकर हमलावरों ने हत्या का प्रयास किया था। इस मामले में पुलिस ने प्रमोद कुमार सिंह और आयुष कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिस के मुताबिक अगले दिन मुखबिर से उन दोनों के रमयनपुर में होने की सूचना पर गिरफ्तारी के लिए गांव में घेराबंदी की गई थी। इसी दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया। इसके बाद मुठभेड़ में दोनों बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था।
राजकीय महाराजा बलवंत सिंह अस्पताल के सीएमएस डॉ. जयनरेश ने कहा कि डॉक्टर रिपोर्ट में साफ है कि बदमाशों के पैर में जो चोट पाई गई है वह गोली की नहीं बल्कि किसी सख्त वस्तु अथवा धारदार हथियार के हैं। डॉ. जयनरेश ने दावा किया रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं है।
अब तक मैंने मेडिकल मुआयने की रिपोर्ट नहीं देखी है। पहले बदमाशों ने फायरिंग की। जवाब में हमारी पुलिस ने भी फायरिंग की। हमारे पुलिस जवानों के मुताबिक उनके पैरों में गाली लगी थी। संभव है कि भागने की फिराक में उनकी बाइक या किसी अन्य वस्तु से चोट लगी हो लेकिन पुलिस ने उनके पैरों को ही निशाना बनाकर फायरिंग की थी। इससे यह समझा गया कि बदमाश पुलिस की गोली लगने से ही घायल हुए हैं।
राम बदन सिंह, पुलिस अधीक्षक, भदोही