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UP में हो रहे इनकाउंटर गैरकानूनी, बेकसूरों को मारा जा रहाः शरद यादव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Wed, 31 Jan 2018 10:40 AM IST
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शरद यादव
- फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ जहां यूपी पुलिस इनकाउंटर कर अपराधियों का खात्मा कर रही है। वहीं जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने प्रदेश में हो रहे इनकाउंटर पर सवाल उठा दिया है।
प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बेकसूरों को मारा जा रहा है। सूबे में हो रहे इनकाउंटर गैर कानूनी हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। शरद यादव मंगलवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों को एक होना होगा। खासकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, सपा और बसपा को एक मंच पर आने की पहल करनी चाहिए। हालांकि विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने में किसी तरह की मध्यस्थता से इंकार किया।
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कासगंज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जाति-धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाली सरकारों से देश का संविधान खतरे में है। इसे बचाना होगा। शरद यादव ने कहा कि प्रदेश के किसान बदहाल हैं।
फोर लेन समेत जिन भी परियोजनाओं में किसानों की जमीन जा रही है, उनमें मानक के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पहले कारोबारी नोटबंदी से परेशान थे और अब जीएसटी से। गंगा स्वच्छता के दावे तो बहुत किए गए लेकिन गंगा के निर्मलीकरण का कोई काम शुरू नहीं हुआ।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया। कहा, नीतीश ने भाजपा के साथ आकर बिहार की जनता को धोखा दिया है। बजट के बारे में किसी तरह की टिप्पणी नहीं दी।
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प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बेकसूरों को मारा जा रहा है। सूबे में हो रहे इनकाउंटर गैर कानूनी हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। शरद यादव मंगलवार को वाराणसी के सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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इसके अलावा उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को रोकने के लिए विपक्षी दलों को एक होना होगा। खासकर उत्तर प्रदेश में कांग्रेस, सपा और बसपा को एक मंच पर आने की पहल करनी चाहिए। हालांकि विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने में किसी तरह की मध्यस्थता से इंकार किया।
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कासगंज की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जाति-धर्म के आधार पर समाज को बांटने वाली सरकारों से देश का संविधान खतरे में है। इसे बचाना होगा। शरद यादव ने कहा कि प्रदेश के किसान बदहाल हैं।
फोर लेन समेत जिन भी परियोजनाओं में किसानों की जमीन जा रही है, उनमें मानक के अनुरूप मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। पहले कारोबारी नोटबंदी से परेशान थे और अब जीएसटी से। गंगा स्वच्छता के दावे तो बहुत किए गए लेकिन गंगा के निर्मलीकरण का कोई काम शुरू नहीं हुआ।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया। कहा, नीतीश ने भाजपा के साथ आकर बिहार की जनता को धोखा दिया है। बजट के बारे में किसी तरह की टिप्पणी नहीं दी।
‘एक राष्ट्र, एक किसान’ की तर्ज पर मिले मुआवजा
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शरद यादव ने ‘एक राष्ट्र, एक किसान, एक अधिनियम’ की तर्ज पर मुआवजा वितरण की मांग उठाई। किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले जुटे किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जमीन अधिग्रहण में सरकार की मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।
किसानों को उचित मुआवजा दिए बगैर सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण कर रही है। ये ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। किसान अपने हक के लिए आंदोलन करेंगे। नौ मार्च को सिंहपुर में आयोजित महासंग्राम रैली में इस मसले पर व्यापक रणनीति तय की जाएगी।
सिंहपुर, हृदयपुर, चिरईगांव ब्लाक और रिंग रोड से प्रभावित किसान यहां पहुंचे थे। किसानों ने बताया कि समुचित मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। विरोध करने पर पुलिस और प्रशासन की ओर से धमकी दी जा रही है।
शरद यादव ने कहा कि पुराने अधिनियमों को समाप्त कर एक राष्ट्र, एक कर के तर्ज पर एक राष्ट्र, एक किसान, एक अधिनियम के आधार पर मुआवजे की नीति बननी चाहिए। कहा कि संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री को नेचुरल गैस पर बनी चाय पिलाने के लिए किसानों की फसलें रौंदी जा रही हैं। किसानों के साथ नाइंसाफी बरदाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों को उचित मुआवजा दिए बगैर सरकार उनकी जमीन का अधिग्रहण कर रही है। ये ज्यादा दिन तक नहीं चलेगा। किसान अपने हक के लिए आंदोलन करेंगे। नौ मार्च को सिंहपुर में आयोजित महासंग्राम रैली में इस मसले पर व्यापक रणनीति तय की जाएगी।
सिंहपुर, हृदयपुर, चिरईगांव ब्लाक और रिंग रोड से प्रभावित किसान यहां पहुंचे थे। किसानों ने बताया कि समुचित मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। विरोध करने पर पुलिस और प्रशासन की ओर से धमकी दी जा रही है।
शरद यादव ने कहा कि पुराने अधिनियमों को समाप्त कर एक राष्ट्र, एक कर के तर्ज पर एक राष्ट्र, एक किसान, एक अधिनियम के आधार पर मुआवजे की नीति बननी चाहिए। कहा कि संसदीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री को नेचुरल गैस पर बनी चाय पिलाने के लिए किसानों की फसलें रौंदी जा रही हैं। किसानों के साथ नाइंसाफी बरदाश्त नहीं की जाएगी।