वाराणसी : ऑटो और ई-रिक्शा चालकों पर दिखी पुलिस की सख्ती, कई इलाकों में पुलिस ने चलाया अभियान
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वाराणसी में ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा कोरोना गाइडलाइन का उल्लंघन कर सवारी ले जाने संबंधी समाचार बृहस्पतिवार को 'अमर उजाला' में प्रकाशित हुआ तो पुलिस हरकत में दिखी। कैंट स्टेशन, मैदागिन, कचहरी सहित शहर के अन्य इलाकों में पुलिस ने अभियान चलाकर चालकों के खिलाफ कार्रवाई की। इनके चालान काटे गए। हालांकि, पुलिस की सख्ती के बावजूद लापरवाही जारी है।
कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए प्रत्येक शुक्रवार शाम से सोमवार सुबह तक जिले में बंदी का भी निर्णय लिया गया है। बावजूद संक्रमण पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। वहीं, शहर के रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों पर बाहर से आने वाले यात्रियों को ऑटो और ई-रिक्शा में भरा जा रहा है। संक्रमण की परवाह न कर चालक सवारी ढो रहे हैं। कई इलाकों में अफसरों के निर्देश के बाद भी ऑटो व ई-रिक्शा चालकों ने नियमों का पालन नहीं किया।
ज्यादा सवारियां होंगी तो करेंगे कार्रवाई
मैदागिन चौराहे पर खड़े यातायात पुलिस कर्मियों से जब इस संबंध में पूछा गया तो उनका कहना था कि हम तभी कार्रवाई करेंगे जब ऑटो में चालक सहित चार लोगों से ज्यादा लोग सवार होंगे। बाकी, कोरोना गाइडलाइन का पालन कराने के लिए हमें नहीं कहा गया है।
बसों में नहीं दिखी सामाजिक दूरी
कैंट रोडवेज से सवारी लेकर निकल रही बसों का गजब हाल था। यात्री ठूसे हुए थे, न सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन किया जा रहा था और न ही कोरोना गाइडलाइन को लेकर कोई चिंतित था। कुछ यात्री बिना मास्क नजर आए। खास बात यह है कि वह खांस भी रहे थे। रोडवेज के अधिकारी, कंडक्टर और परिचालक को भी नियम के पालन से कोई सरोकार नहीं दिखा। ऐसी हालत में कोरोना संक्रमण की चेन कैसे टूटेगी, यह बड़ा सवाल है।