वाराणसी : पुलिस आयुक्त ने शुरू किया कामकाज, कहा- जनता की कसौटी पर खरा उतरेंगे, जल्द महसूस होगा बदलाव
- शहर की यातायात व्यवस्था सुधारना शीर्ष प्राथमिकता में शामिल
- कहा- बनारस में दो साल तैनात रहने का अनुभव काम आएगा
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वाराणसी में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने के साथ ही पुलिस के अधिकार बढ़े हैं तो जिम्मेदारियां भी बढ़ीं हैं। हम जनता की कसौटी पर खरा उतरेंगे और वाराणसी के लोग बदलाव महसूस करेंगे। यह बातें वाराणसी के पहले पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) ए सतीश गणेश ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से कहीं। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के साथ ही अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और साइबर क्राइम के क्षेत्र में पुलिस ऐसे काम करेगी कि आमजन को एहसास होगा कि पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम बहुत अच्छा है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि फिलहाल हमें पुलिस आयुक्त प्रणाली के तहत कामकाज शुरू करने के लिए आधारभूत संरचना तैयार करनी है। इसके तहत अफसरों के लिए कार्यालय, आवास और उनके बीच कार्य विभाजन का खाका जल्द ही खींच लिया जाएगा। जिले में तैनात पुलिसकर्मियों को पुलिस आयुक्त प्रणाली से संबंधित उनके अधिकारों और कर्तव्यों के साथ ही विभिन्न कानूनों के बारे में उन्हें प्रशिक्षित भी करना है।
पूरा प्रयास यही होगा कि जल्द ही पुलिस आयुक्त प्रणाली गतिमान हो जाए और जनता को इसका एहसास हो। आमजन जब कहने लगेंगे कि वह बदलाव महसूस करने लगे हैं तब पुलिस आयुक्त प्रणाली की उपयोगिता साबित होगी। पुलिस ऑफिस में सलामी गार्द का नेतृत्व कर रहे सिपाही शिवमुनि की रौबीली आवाज सुनकर पुलिस आयुक्त प्रभावित हुए और उन्हें शाबाशी दी।
लखनऊ प्रशिक्षण में भेजे गए हैं दो एएसपी और डीएसपी
पुलिस आयुक्त ने बताया कि लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली को लागू हुए लगभग 15 महीने होने को आए। इसलिए दो एडिशनल एसपी और एक डीएसपी को वहां के अफसरों से प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा गया है। तीनों अफसर लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर आएंगे तो अपने अनुभव यहां के पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के साथ साझा करेंगे। लखनऊ के कमिश्नरेट के अच्छे अनुभव के साथ बनारस में काम किया जाएगा।
बनारस में दो साल तैनात रहने का अनुभव काम आएगा
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह 2012 से दो साल तक बनारस में डीआईजी रेंज के पद पर काम कर चुके हैं। इसलिए वह बनारस के भौगोलिक स्थिति और यहां के माफिया गिरोहों से वाकिफ हैं। इसके अलावा चेन स्नेचिंग करने वालों, जुआ खेलने-खिलाने वालों और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पब्लिक से लेंगे सुझाव
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए वह पब्लिक से सोशल मीडिया के माध्यम से सुझाव लेंगे। जिनके सुझाव अच्छे होंगे, उन पर काम कर सफलता मिलने के बाद उन्हें पुलिस की ओर से सम्मानित किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारना उनकी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। यातायात समस्या, जमीन संबंधी विवाद, महिला अपराध आदि के लिए थानों और चौकियों पर अलग-अलग शिकायत पेटी भी रखी जाएगी। साइबर क्राइम के लिए साइबर साथी कार्यक्रम शुरू कर जन-जन को जागरूक किया जाएगा।