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तनख्वाह बढ़ाने को कहा तो मारपीट की, तभी से बदला लेने की ठान ली

Wed, 11 Jul 2018 12:56 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 11 Jul 2018 12:56 AM IST
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Police arrest jeweller employee in case of robbery in varanasi
वाराणसी एसएसपी ने मामले का किया खुलासा - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के चौक थाना क्षेत्र के कर्णघंटा में सराफा कारोबारी गोपाल सेठ की स्कूटी की डिकी से करीब 80 लाख रुपये कीमत का 3400 ग्राम कच्चा सोना उड़ाए जाने के मामले में करीबियों के ही शामिल होने की पुलिस की आशंका सच निकली।
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कारोबारी के कर्मचारी संदीप जगदाणे ने ही इसकी साजिश रची थी। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने मंगलवार को मामले का खुलासा किया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 1004 ग्राम कच्चा सोना, 2.43 लाख रुपये नगद और चार मोबाइल की बरामदगी पुलिस ने की है। बाकी सोने की बरामदगी के लिए चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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पुलिस की पूछताछ में संदीप जगदाणे ने बताया कि उसने सराफा कारोबारी गोपाल सेठ से तनख्वाह बढ़ाने को कहा था तो उनके भाई हरिशंकर सेठ और उनके बेटे रवि ने उसकी पिटाई कर दी थी। सरेबाजार उसे बेइज्जत किया था। इसी के बाद से उसने बदला लेने की ठान ली थी।
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चौक थाना के कर्णघंटा में दारानगर निवासी कारोबारी गोपाल सेठ का कच्चा सोना शोधित करने का कारखाना है। सात जुलाई की सुबह गोपाल अपने कारीगर संदीप जगदाणे के साथ स्कूटी से कारखाने पहुंचे। स्कूली के डिकी में तीन किलो चार सौ ग्राम कच्चा सोना रखा था। शटर वगैरह खोलने के बाद गोपाल सोना निकालने के लिए लौटे तो स्कूटी की डिकी खुली थी और उसमें रखा कच्चा सोना गायब था।

एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, एसआई राकेश सिंह व इंस्पेक्टर चौक राहुल शुक्ला ने सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से चारों आरोपियों को सोमवार की रात कैंट रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

पकड़े गए आरोपियों में गोपाल सेठ के कारीगर महाराष्ट्र के सांगड़ी जिला निवासी संदीप जगदाणे और सागर चह्वाण के अलावा आदमपुर के कोनिया निवासी मुकेश सेठ और हबीबपुरा के बृजेश जायसवाल उर्फ बाबू शामिल हैं। मामले में पुलिस को मुकेश की पत्नी प्रीति सेठ, दो भाई रूपेश सेठ व बृजेश सेठ और कोनिया निवासी मोहित गुजराती की तलाश है।
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कारोबारी की ही चाबी से खोली थी डिकी

Police arrest jeweller employee in case of robbery in varanasi
सराफा कारोबारी गोपाल सेठ - फोटो : File Photo
सराफा कारोबारी के कर्मचारी संदीप जगदाणे छह साल से काम कर रहा था। उसने पूछताछ में बताया कि तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहने पर मारपीट और बेइज्जती के बाद वह अपने दोस्त सागर के साथ गोपाल के सामने के दुकानदार मुकेश सेठ से मिला। मुकेश ने आपराधिक प्रवृत्ति के अपने भाई रूपेश से उसकी बात कराई।

रूपेश ने संदीप को कहा कि गोपाल की डिकी की डुप्लीकेट चाबी बनवाओ और एक सिम खरीद लो। छह जुलाई को मुकेश के जरिए ही संदीप रूपेश से मिला और उसे डिकी की चाबी और सिम सौंपी। यहीं वारदात की साजिश रची गई। रूपेश ने संदीप को दो लाख रुपये और सागर को 50 हजार रुपये दिए। वारदात के बाद बाकी पैसे देने का भरोसा दिलाया।

मुकेश के भाई बृजेश ने बाइक की व्यवस्था की और सात जुलाई की सुबह कच्चा सोना लेकर कारोबारी गोपाल सेठ के घर से निकलने के साथ ही संदीप ने रूपेश को कॉल कर दिया। रूपेश, उसका दोस्त मोहित और बृजेश बाइक से गोपाल के कारखाने के पास आए।

इस दौरान संदीप ने स्कूटी खड़ी करने के लिए गोपाल से चाबी ले ली। पुराना कर्मचारी होने के नाते गोपाल को भी शक नहीं हुआ। स्कूटी खड़ी करने के दौरान ही उसने डिकी का लॉक खोल दिया और कारोबारी के साथ शटर खुलवाने में जुट गया। इसी बीच, बृजेश ने डिकी से सोने से भरा झोला निकाला और बाइक से तीनों कबीरचौरा की ओर भाग निकले।

32 मामलों का आरोपी रूपेश भागा असम

Police arrest jeweller employee in case of robbery in varanasi
जांच करती टीम - फोटो : file photo
वारदात के मास्टर माइंड रूपेश पर हत्या और लूट सहित गंभीर आपराधिक प्रकृति के 32 मामले दर्ज हैं और फिलहाल वह असम भाग गया है। एसएसपी ने बताया कि रूपेश की गिरफ्तारी के लिए एक टीम असम भेजी जाएगी।

जबकि मुकेश की पत्नी प्रीति, उसके भाई बृजेश और मोहित की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। प्रीति इस पूरे मामले में मुकेश की राजदार रही और जब पुलिस ने छापा मारा तो बातचीत में प्रयुक्त मोबाइल को उसने फार्मेट कर दिया था।

वहीं, संदीप पर पुलिस को शक इसलिए हुआ क्योंकि सात जुलाई की सुबह घर से निकलने के थोड़ी देर बाद उसने अपनी पत्नी के नाम से लिए मोबाइल नंबर पर कॉल की। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तफ्तीश की तो पता लगा कि वो नंबर रूपेश उपयोग कर रहा था। 
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