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वाराणसीः अवैध बेसमेंट निर्माण मामले में पुलिस और प्रशासन के बीच ‘दंगल’

Sat, 20 Jan 2018 01:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी Updated Sat, 20 Jan 2018 01:49 PM IST
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police and administration dangal in the matter of illegal besment construction
आठ हजार वर्ग फीट में बेसमेंट से लेकर एक मंजिल तक हुआ था निर्माण - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के सबसे सघन क्षेत्र दालमंडी में अवैध ढंग से हुए भूमिगत निर्माण की जांच को लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग लॉबी में बंट गए हैं। एसएसपी आरके भारद्वाज की रिपोर्ट के मुताबिक दालमंडी में जिस जगह पर अवैध निर्माण हुआ है, वहां से काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से निर्धारित येलो जोन की दूरी महज 100 मीटर है।
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उन्होंने इस निर्माण को मंदिर की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया है। दूसरी ओर प्रशासनिक अफसरों की रिपोर्ट के मुताबिक येलो जोन से निर्माण स्थल की दूरी करीब एक किलोमीटर है। इससे मंदिर की सुरक्षा को खतरा नहीं बताते हुए अफसरों ने अपनी रिपोर्ट शासन को भी भेज दी है।
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प्रशासन की ओर से एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

हालांकि प्रशासनिक जांच से इतर एसएसपी भी चौक थाने में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करा रहे हैं। एसएसपी ने डीएम योगेश्वर राम मिश्र को 16 जनवरी को पत्र भेजकर कहा था कि दालमंडी में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कुछ दुकानों के नीचे नौ हजार वर्ग फीट क्षेत्र में सीमेंटेड पिलर पर तहखानानुमा बेसमेंट बनाया गया है।
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वंशीधर कटरे के पास बेनियाबाग की तरफ एक अन्य निर्माण भी इसी तरह हुआ है। यह स्थान अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद से 100 मीटर दूर है। निर्माण अनाधिकृत और सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है।

पत्र में कहा गया था कि बेसमेंट में हुए निर्माण में अवांछनीय तत्व यहां से चोरी-छिपे आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। एसएसपी के  पत्र के आधार पर ही डीएम ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम को सौंपी। साथ ही, तकनीकी जांच करने के लिए लोक निर्माण विभाग को कहा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच के दौरान नगर निगम और विकास प्राधिकरण से संबंधित भवनों के  कागजात तलब किए हैं। वह शनिवार तक जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप देंगे।

सूत्रों की मानें तो जिले में तैनात आईएएस और वरिष्ठ पीसीएस अफसर एसएसपी की रिपोर्ट को सही नहीं मान रहे। उनका मानना है कि एसएसपी ने जल्दबाजी में रिपोर्ट बना दी है। अधिकारी निर्माण को अवैध तो स्वीकार रहे हैं लेकिन इसे विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा को कोई खतरा नहीं मान रहे। वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों ने भी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को भेज दी है।

मामले में एसएसपी आरके भारद्वाज दालमंडी में जहां अवैध निर्माण हुआ है, वहां से काशी विश्वनाथ मंदिर का एरियल डिस्टेंस 100 मीटर के आसपास है। अवैध निर्माण तोड़ने के लिए वीडीए अगर फोर्स मांगेगा तो फोर्स उपलब्ध कराई जाएगी।

तब पुलिस ने कह दिया, ये कोई अपराध नहीं

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दालमंडी में तीन अवैध निर्माण सील, दो सुपरवाइजर सस्पेंड, - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी के चौक थाने की पुलिस ने दालमंडी में जिस अवैध निर्माण के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है, उसे उसने 2014 में अपराध नहीं माना था। अवैध निर्माण के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। तत्कालीन डीएम एवं विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रांजल यादव से भी शिकायत हुई लेकिन उन्होंने भी कार्रवाई नहीं की। हाल ही में इस मामले में गिरिजा शंकर जायसवाल की ओर से अधिवक्ता नित्यानंद चौबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की है। 

भेलूपुर के गौरीगंज निवासी आरटीआई कार्यकर्ता जायसवाल ने 11 जून को दालमंडी में हो रहे अवैध निर्माण की शिकायत वीडीए उपाध्यक्ष, एसएसपी और चौक थाना प्रभारी से की थी। उसी समय हुई जांच में पता चला था कि निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई है।

बाद में कार्रवाई न होने पर पुलिस से सूचना के अधिकार कानून के जरिए सूचना मांगी गई। जवाब में पुलिस ने बताया कि निर्माण कार्य रोक कर वीडीए से नक्शा पास कराने को कहा गया है। मामला पुलिस से संबंधित नहीं है। कहा गया कि निर्माण से अपराध का होना नहीं पाया गया, इसलिए अभियोग पंजीकृत नहीं किया जा सकता है।

मामले में कार्रवाई के बाद शुक्रवार को जायसवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य निदेशक आयकर जांच, कमिश्नर और डीएम से शिकायत कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने की मांग की है। 

और भी जगह हो रहा है अवैध निर्माण
दालमंडी जैसे अवैध बेसमेंट और बहुमंजिली इमारतों का निर्माण शहर के कई अन्य इलाकों में भी धड़ल्ले से हो रहा है। ऐसे निर्माणों पर वीडीए की नजर तब पड़ती है, जब ये 70-80 फीसदी पूरा हो जाता है। 

चौक, हड़हा, राजाबाजार, कोदई चौकी, दशाश्वमेध के अलावा पानदरीबा, मैदागिन, विशेश्वरगंज, शिवाला, सोनारपुरा और मदनपुरा इलाके में पांच सौ से अधिक भवनों में चोरी-छिपे बेसमेंट और भवन का निर्माण कराया जा रहा है। वरुणापार इलाका हो या बाहरी इलाका, वीडीए अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से खेल जारी है। 

वीडीए की नींद तब टूटती है, जब निर्माण पूरा हो जाता है। इसके बाद भवन स्वामी अदालत की शरण में चले जाते हैं। निर्माण के बाद वीडीए की नोटिस और अदालत में मामला जाने के बाद लंबे समय तक लटकने का फायदा अवैध निर्माण कराने वाले उठाते हैँ और चोरी-छिपे निर्माण भी पूरा करा लेते हैं।

विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कमिश्नर और आईजी

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एसएसपी ने डीजी इंटेलिजेंस को रिपोर्ट भेजी, पुलिस ने की अनदेखी - फोटो : अमर उजाला
कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण और आईजी दीपक रतन शुक्रवार शाम विश्वनाथ मंदिर पहुंचे और बाबा दर्शन पूजन कर व्यवस्था का जायजा लिया। रेड  जोन व येलो जोन का मुआयना कर सुरक्षाकर्मियों को हिदायत दी। एक घंटे के दौरे में दोनों अधिकारियों ने कालिका गली स्थित खरीदे गए भवनों, बांस फाटक पर भार्गव कटरा और यूपिका भवन भी देखा। कमिश्नर ने कहा कि जिस मलबे से रास्ता बंद है, उसे जल्द हटाया जाएगा। 

अवैध बेसमेंट ढहाएगा वीडीए
वीडीए दालमंडी में चोरी-छिपे बन रहे अवैध बेसमेंट को ढहाने की तैयारी में है। सघन इलाके में जेसीबी या दूसरी मशीन नहीं पहुंचने के कारण मजदूरों को लगाकर उसे तोड़ने की तैयारी है।
वीडीए सचिव विशाल सिंह का कहना है कि दालमंडी का इलाका काफी सघन और गलियां संकरी है। वहां भारी मशीनों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना संभव नहीं है। इससे जानमाल का भी नुकसान हो सकता है। अवैध निर्माण मजदूराें को लगाकर ही तोड़ा जाएगा। जिला और पुलिस प्रशासन से सहमति बनाकर कार्रवाई जल्द की जाएगी।
दालमंडी में अवैध बेसमेंट बनाने का काम छह साल से चल रहा था लेकिन वीडीए और जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इसे रोका नहीं जा सका। पता तब चला जब पूरा बेसमेंट और प्रथम तल बनकर तैयार हो गया। 

फोर्स के अभाव में रुक गया सर्वे
दालमंडी में अवैध बेसमेंट और भवन निर्माण की जांच के लिए वीडीए की छह सदस्यीय टीम शुक्रवार को फोर्स के अभाव में सर्वे का काम नहीं कर सकी। टीम के सदस्य चौक इंस्पेक्टर से फोर्स उपलब्ध कराने की बात कही। बताया गया कि सीएम आगमन के मद्देनजर फोर्स मुहैया नहीं हो सकी। 

 टीम में तहसीलदार अविनाश कुमार, एई विश्वकर्मा गुप्ता, अवर अभियंता रामबली मिश्रा, आरके सिंह, धन्नी राम व भवन निरीक्षक अब्दुल अहमद खान शामिल हैं। वहीं दालमंडी में बनाए गए बेसमेंट की गुणवत्ता की रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर तीन दिन में सौंपेंगे। बीएचयू से जांच कराने के लिए वीडीए वीसी ने आग्रह किया है। 
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