पीएम स्वनिधि कार्यक्रम में वाराणसी अव्वल: डीएम कौशल राज शर्मा ने पीएम मोदी से ग्रहण किया प्रधानमंत्री अवार्ड
प्रधानमंत्री स्वनिधि कार्यक्रम श्रेणी में वर्ष 2021 के लिए वाराणसी ने देश भर में प्रथम प्रधानमंत्री पुरस्कार हासिल किया है। इस पुरस्कार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को दिया।
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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में पूरे देश में अव्वल होने पर बृहस्पतिवार को वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मानित किया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में भारत सरकार के कार्मिक और प्रशासनिक सुधार मंत्रालय की ओर से आयोजित भव्य समारोह में वाराणसी में योजना के क्रियान्वयन से जुड़े वीडियो को पूरे देश के सामने प्रदर्शित किया गया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में डिजिटल पेमेंट और गुड गवर्नेंस के लिए वाराणसी को पूरे देश में प्रथम स्थान दिया गया। यह अवार्ड एक अप्रैल 2018 से 31 दिसंबर 2021 के बीच किए गए उत्कृष्ट कार्य के लिए घोषित किया गया है।
दरअसल, कार्मिक और प्रशासनिक सुधार मंत्रालय की ओर से छह क्षेत्रों में अवार्ड के लिए देशभर के सभी जिलों से आवेदन की अंतिम तिथि 14 फरवरी 2022 थी। इस प्रतिस्पर्धा में कार्यान्वयन संबंधित सभी बिंदुओं और योजना से जुड़े अभिनव कार्यों का उल्लेख किया जाना था। साथ ही योजना से जुड़े जारी किए गए आदेश, अधिकारियों के ड्यूटी आदेश, बैठकों की कार्यवृत्तियां, योजना क्रियान्वयन की फोटो और एक लघु वीडियो फिल्म भी अपलोड करनी थी।
इसके बाद वरिष्ठ अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की स्क्रीनिंग कमेटी ने आवेदन छांटे और शार्ट लिस्ट कर चयनित जिलों के जिलाधिकारियों के ऑनलाइन प्रेजेंटेशन लिए गए। वाराणसी के करीब 1500 लाभार्थियों और स्टेक होल्डर्स के मोबाइल नंबर लिए गए और इनमें से लगभग 300 रैंडम लोगों को कॉल करके योजना के वास्तविक क्रियान्वयन और आवेदन में दिए गए तथ्यों का क्रास वेरिफिकेशन कराया गया। इसके बाद कैबिनेट सचिव स्तर के दो अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण किया। अंतिम चरण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अंतिम निर्णय लिया गया था। वहीं वाराणसी आने पर डीएम का एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया।
कठिन परीक्षा में वाराणसी ने पाया पहला पायदान
पीएम स्वनिधि योजना सहित छह श्रेणियों में हुई प्रतियोगिता में लंबी कवायद हुई है। इसमें योजना से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों को कार्य आवंटन, योजना लागू कराने की स्ट्रेटेजी, स्टेक होल्डर्स और लाभार्थियों की कैपेसिटी डेवलपमेंट, शिकायत निस्तारण, प्रक्रिया का डिजिटाइजेशन, अन्य स्टेक होल्डर्स का सहयोग, जन सहभागिता शामिल था।
क्वालिटेटिव मूल्यांकन में जन भागीदारी, लाभार्थियों के जीवन स्तर में परिवर्तन, उनको योजना का सही लाभ, उनके व्यवहार में सुधार आदि शामिल थे। क्वालिटेटिव मूल्यांकन में योजना के सभी स्तरों पर विभिन्न प्रकार के लक्ष्य, उनकी प्राप्ति, लाभान्वित व्यक्तियो की संख्या आदि शामिल था।
चार राष्ट्रीय पुरस्कार पा चुके हैं डीएम
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार द्वारा लखनऊ जनपद में दिव्यांगजनों को पुनर्वास सेवा उपलब्ध कराने में उत्कृष्ट कार्य के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण राष्ट्रीय पुरस्कार-2018 से भारत के उपराष्ट्रपति द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लखनऊ जनपद में ग्राम स्वराज अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए ग्राम स्वराज अभियान-2018 के लिए ग्राम विकास मंत्री नरेन्द्र तोमर द्वारा उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया।