PM Modilay foundation Water Project: पीएम मोदी ने विंध्य में रखी पाइप जल परियोजना की आधारशिला, लोगों से की बातचीत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को 'हर घर जल परियोजना' के तहत सोनभद्र जिले में 14 ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजना की आधारशिला रखी। इस दौरान मुख्यमत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़ी हैं। आधारशिला रखने के बाद पीएम लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित कर रहे हैं। पीएम लोगों को पानी की अहमियत बता रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि जीवन की बड़ी समस्या जब हल होने लगती है तो अलग ही विश्वास झलकने लगता है। ये विश्वास, उत्साह आपमें मैं देख पा रहा था। पानी के प्रति आपमें संवेदनशीलता कितनी है, ये भी दिख रहा है। सरकार आपकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान कर रही है।
Delhi: PM Narendra Modi lays foundation stone for drinking water supply projects in Mirzapur and Sonbhadra districts of Uttar Pradesh, via video-conferencing.
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UP CM Yogi Adityanath also present at the ceremony. pic.twitter.com/pVIiYcVxcx — ANI (@ANI) November 22, 2020
विंध्य पर्वत का ये विस्तार पुरातन काल से ही विश्वास, पवित्रता, आस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है। प्रधानमंत्री ने कवि रहीमदास का दोहा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि "जा पर विपदा परत है, सो आवत एहिं देस"।
आजादी के दशकों बाद तक ये क्षेत्र उपेक्षा का शिकार रहा है। ये पूरा क्षेत्र संसाधनों के बाद भी अभाव का क्षेत्र बन गया। इतनी अधिक नदियां होने के बाद भी इस क्षेत्र की पहचान सबसे ज्यादा प्यासे, सूखा प्रभावित क्षेत्र की रही। आने वाले समय में जब यहां के 3 हजार गांवों तक पाइप से पानी पहुंचेगा तो 40 लाख से भी ज्यादा साथियों का जीवन बदल जाएगा। इससे यूपी के हर घर तक जल पहुंचाने के संकल्प को भी ताकत मिलेगी।
आज जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार से एक के बाद एक योजनाएं लागू हो रही हैं, उससे उत्तर प्रदेश की, यहां की सरकार की और यहां के सरकारी कर्मचारियों की छवि पूरी तरह बदल रही है। हर घर जल पहुंचाने के अभियान को अब एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है। इस दौरान देश में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवारों को उनके घरों में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का इंतजाम किया गया है। इसमें लाखों परिवार उत्तर प्रदेश के भी हैं।
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पाइप से पानी पहुंचने की वजह से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हो रहा है। इसका एक बड़ा लाभ गरीब परिवारों के स्वास्थ्य को भी हुआ है। इससे गंदे पानी से होने वाली अनेक बीमारियों में भी कमी आ रही है।
सरकार एक साथी की तरह, एक सहायक की तरह आपके साथ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के जो पक्के घर बन रहे हैं, उसमें भी ये ही सोच प्रदर्शित हो रही है। किस क्षेत्र में कैसा घर होगा, पहले की तरह अब ये दिल्ली में तय नहीं होती।
जब अपने गांव के विकास के लिए, खुद फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलती है, उन फैसलों पर काम होता है, तो उससे गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मनिर्भर गांव, आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल मिलता है। जब विंध्यांचल के हजारों गांवों में पाइप से पानी पहुंचेगा, तो इससे भी इस क्षेत्र के मासूम बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा, उनका शारीरिक और मानसिक विकास और बेहतर होगा।
देश के बाकी गांवों की तरह इस क्षेत्र में भी बिजली की बहुत बड़ी समस्या थी। आज ये क्षेत्र सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी बनता जा रहा है। भारत का अहम केंद्र है। मिर्जापुर का सौर ऊर्जा प्लांट यहां विकास का नया अध्याय लिख रहा है।
आज सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास ये मंत्र देश के हर हिस्से में देश के हर नागरिक के विश्वास का मंत्र बन गया है। आज देश के हर जन, हर क्षेत्र को लग रहा है कि उस तक सरकार पहुंच रही है और वो भी देश के विकास में भागीदार है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वन उपज आधारित उद्योग आदिवासी क्षेत्रों में लगें, उसके लिए भी जरूरी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए पैसों की कमी न हो, इसके लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाया गया है।
3200 करोड़ से ज्यादा की लागत
पटवध परियोजना से 661 राजस्व गांवों तक पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति की जाएगी। यहां 6 लाख 89 हजार 252 लोगों को पानी मिलेगा। योजना के तहत प्रतिदिन 55 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की व्यवस्था की जानी है। जिले के 1389 राजस्व गांवों तक पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति के लिए 3212.18 करोड़ रुपये की लागत वाली 14 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।