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पीएम मोदी ने काशी के विकास को बनाया हथियार, विपक्ष पर किया वार
शशांक मिश्र, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sun, 15 Jul 2018 06:07 PM IST
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चार साल में काशी के विकास को तस्वीर सामने रख प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को घेरा
- फोटो : अमर उजाला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी के विकास को हथियार बनाकर विपक्ष पर जमकर वार किया। गंगा प्रदूषण से लेकर शहर के मूलभूत सुविधाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यो का बखान कर काशीवासियों को अपने कार्यकाल से पहले के हालात की भी याद दिलाई। प्रधानमंत्री वाराणसी के संस्कृति, संस्कार, प्रेम का जिक्र कर बनारसियों को बाबा भोलेनाथ जैसा भोला बताया। पूरे भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीधा प्रहार करने की बजाय विकास के मुद्दे पर घेराबंदी की।
13वें दौरे पर प्रधानमंत्री ने 936. 95 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को काशी को समर्पित करने के बाद वाराणसी के विकास के जरिए अपना चार साल का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। भोजपुरी में भाषण की शुरुआत कर खुद को काशी से जोड़ा तो बाबा भोलेनाथ और सावन मेले के जरिए यहां की आस्था व्यक्त किया। गंगा की पीड़ा के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा तो अपने कार्यकाल में हुए विकास से काशी के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के हर वाक्य में अपनापन दिखा। यहां की मेहमाननवाजी से विदेशों तक में चर्चा का जिक्र लोगों को अभिभूत किया। बनारस के हर छोटे-बड़े विकास के साथ गंगा, बाबा भोलेनाथ और बीएचयू का जिक्र उन्होंने कई बार किया। सहयोग और सौहार्द पर काशीवासियों की परंपरा मां गंगा के पीड़ा बांटने के गुण से जोड़ा।
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योजना, परियोजना और विकास कार्यों का जिक्र करने के बाद प्रधानमंत्री ने आश्वस्त भी किया कि यह मेरा दायित्व है और विकास का यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने काशीवासियों के मेहनतकश से खुद को जोड़ा और कहा मेहनत करता रहा हूं और करता रहूंगा।
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13वें दौरे पर प्रधानमंत्री ने 936. 95 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को काशी को समर्पित करने के बाद वाराणसी के विकास के जरिए अपना चार साल का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। भोजपुरी में भाषण की शुरुआत कर खुद को काशी से जोड़ा तो बाबा भोलेनाथ और सावन मेले के जरिए यहां की आस्था व्यक्त किया। गंगा की पीड़ा के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा तो अपने कार्यकाल में हुए विकास से काशी के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया।
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प्रधानमंत्री के संबोधन के हर वाक्य में अपनापन दिखा। यहां की मेहमाननवाजी से विदेशों तक में चर्चा का जिक्र लोगों को अभिभूत किया। बनारस के हर छोटे-बड़े विकास के साथ गंगा, बाबा भोलेनाथ और बीएचयू का जिक्र उन्होंने कई बार किया। सहयोग और सौहार्द पर काशीवासियों की परंपरा मां गंगा के पीड़ा बांटने के गुण से जोड़ा।
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योजना, परियोजना और विकास कार्यों का जिक्र करने के बाद प्रधानमंत्री ने आश्वस्त भी किया कि यह मेरा दायित्व है और विकास का यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने काशीवासियों के मेहनतकश से खुद को जोड़ा और कहा मेहनत करता रहा हूं और करता रहूंगा।
न्यू इंडिया के लिए बनाया जा रहा नया बनारस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि न्यू इंडिया के लिए नए बनारस का निर्माण किया जा रहा है। इसकी आत्मा तो पुरातन होगी लेकिन काया नवीनतम होगी। बनारस के कण-कण में संस्कृति और संस्कार होंगे लेकिन यहां की व्यवस्थाएं स्मार्ट सिस्टम से लैस होंगी। सदियों से यूं ही बने और परंपराओं में रचे-बसे बनारस की पौैराणिक पहचान को ऊंचाइयां देने के साथ ही 21वीं सदी की आवश्यकता के हिसाब से इसे विकसित करने का प्रयास बीते चार साल से जारी है और आगे भी जारी रहेगा।
राजातालाब तहसील के इस गांव में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, काशी हमेशा से मोक्षदायिनी रही है और जीवन की तलाश में यहां आने वालों की भी कमी नहीं है। मगर अब जीवन में आने वाले संकटों को मेडिकल साइंस के माध्यम से कम करने का केंद्र भी बनती जा रही है।
बनारस को पूर्वी भारत के हेल्थ हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में देश और दुनिया का ख्यातिलब्ध संस्थान बीएचयू चिकित्सा के क्षेत्र का भी जाना-पहचाना नाम हो गया है।
हाल ही में बीएचयू ने एम्स के साथ विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान बनने के लिए समझौता किया है। कहा कि बीते चार साल में बनारस में हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। आने वाले दिनों में बनारस को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से ऐसी कनेक्टिविटी दी जाएगी कि आने वाले दिनों मेें यहां पर्यटन उद्योग को और तेजी से पंख लगेंगे।
राजातालाब तहसील के इस गांव में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री ने कहा, काशी हमेशा से मोक्षदायिनी रही है और जीवन की तलाश में यहां आने वालों की भी कमी नहीं है। मगर अब जीवन में आने वाले संकटों को मेडिकल साइंस के माध्यम से कम करने का केंद्र भी बनती जा रही है।
बनारस को पूर्वी भारत के हेल्थ हब के तौर पर विकसित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में देश और दुनिया का ख्यातिलब्ध संस्थान बीएचयू चिकित्सा के क्षेत्र का भी जाना-पहचाना नाम हो गया है।
हाल ही में बीएचयू ने एम्स के साथ विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान बनने के लिए समझौता किया है। कहा कि बीते चार साल में बनारस में हजार करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है। आने वाले दिनों में बनारस को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से ऐसी कनेक्टिविटी दी जाएगी कि आने वाले दिनों मेें यहां पर्यटन उद्योग को और तेजी से पंख लगेंगे।
आपके सांसद के तौर पर मेहनत करता हूं और करता रहूंगा
नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने सभा में मौजूद लोगों से कहा कि आपके सांसद के तौर पर मेरा यह दायित्व बनता है कि आपके जितना काम आ सकूं... जितनी मेहनत आपके लिए कर सकूं... मैं करता हूं और करता रहूंगा...। मीडिया में और सोशल मीडिया में काशी की सड़कों, चौराहों, गलियों, घाटों और तालाबों के बदले स्वरूप की तस्वीरें जो देखता है उसका मन प्रफुल्लित हो जाता है। बनारस में जो भी बदलाव हो रहा है उसका लाभ आसपास के जिलों को भी मिलेगा।
पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभर रहा बनारस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र बनारस प्रमुखता से उभर रहा है। इसे देखते हुए ही यहां इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष का शिलान्यास किया गया है। दो साल पहले जापान के प्रधानमंत्री और हमारे मित्र शिंजो आबे काशी आए थे तो उन्होंने यह उपहार काशीवासियों को दिया था।
पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर उभर रहा बनारस
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यटन के अंतरराष्ट्रीय मानचित्र बनारस प्रमुखता से उभर रहा है। इसे देखते हुए ही यहां इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर रुद्राक्ष का शिलान्यास किया गया है। दो साल पहले जापान के प्रधानमंत्री और हमारे मित्र शिंजो आबे काशी आए थे तो उन्होंने यह उपहार काशीवासियों को दिया था।