नमक का कर्ज: वृद्ध महिला के साथ देने पर बोले पीएम मोदी, मैं जीवनभर आपका कर्ज चुकाता रहूंगा
पिछले महीने एक वृद्ध महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हुआ था जिसमें वह कहती हुई नजर आ रही थीं, 'मैंने मोदी का नमक खाया है, धोखा नहीं देंगे।'
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उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की सियासी जंग अब अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। प्रदेश में छह दौर का मतदान खत्म हो चुका है और अब बारी अंतिम और निर्णायक दौर की है। यही कारण है कि सभी दलों के प्रमुखों ने वाराणसी में डेरा डाल लिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को मिर्जापुर में जनसभा को संबोधित किया और इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर एक वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक वृद्ध महिला को यह कहते हुए सुना गया कि उसने मोदी का नमक खाया और वो उनका साथ नहीं छोड़ सकती।
पीएम ने इस वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि एक मां ये शब्द बोलती है, यह मेरे लिए शब्द नहीं आशीर्वाद है। मैं उस गरीब मां से कहना चाहता हूं कि आपने मोदी का नमक नहीं खाया बल्कि आपका वोट नमक आप तक पहुंचा रहा है। जो नमक आपने मुझे खिलाया है, मैं जीवनभर एक बेटे की तरह उसका कर्ज चुकाता रहूंगा।
बता दें कि पिछले महीने एक वृद्ध महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वारयल हुआ था जिसमें वह कहती हुई नजर आ रही थीं, 'मैंने मोदी का नमक खाया है, धोखा नहीं देंगे।' यह महिला मैनपुरी की रहने वाली है, जिसके वीडियो को बीजेपी उत्तर प्रदेश ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया था।
हालांकि इस वीडियो पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा था, 'नमक मोदी का नहीं देश का नमक है।' वहीं जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी ने अपने विरोधियों को साधते हुए आज मिर्चापुर की रैली में इस वृद्ध महिला का जिक्र किया।
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस सदी में भारत की ताकत कैसे बढ़ रही है ये हमने इस कोरोना काल में भी देखा है। दुनिया के बड़े-बड़े देश संकट के समय में पस्त पड़ गए थे, लेकिन भारत पिछले दो साल से अपने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त राशन दे रहा है।
उन्होंने कहा कि आपके लिए ये समय देश के साथ एकजुट होकर, कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने का है। इस बार आपका वोट समर्थ भारत और सशक्त उत्तर प्रदेश के सपनें को साकार करने के लिए है। दुनिया के बड़े-बड़े देश कोरोना काल में अपने नागरिकों को सीधे पैसा नहीं भेज पाए। लेकिन भारत ने इस कोरोना काल में महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 30 हजार करोड़ रुपये भेजे।