काशी में पीएम मोदी: दिमाग नहीं दिल की बात...जनसभा से रुद्राक्ष तक क्या-क्या बोले प्रधानमंत्री, पढ़ें पूरा भाषण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वाराणसी पहुंचे। तीन प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया इस दौरान उन्होंने क्या कहा, उनकी पूरी बात …।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में तीन प्रमुख कार्यक्रमों में हिस्सा लिया इस दौरान उन्होंने क्या कहा, उनकी पूरी बात …।
रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर: यह ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने कभी पक्का घर भी नहीं देखा। लेकिन जिस आत्मविश्वास से प्रधानमंत्री को डि्रल कर रहे थे, ऐसे सवाल पूछ रहे थे, मैं, भी कोई सिलेबस पढ़कर आया नहीं था।
काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के सभी प्रतिभागी साथियों और रुद्राक्ष में उपस्थित मेरे प्यारे काशीवासियों। बाबा के आशीर्वाद से काशी का सम्मान आज नित नई-नई ऊंचाइयों को छू रहा है। जी20 समिट के जरिये भारत ने पूरी दुनिया में अपना झंडा गाड़ा है, लेकिन उसमें काशी की चर्चा विशेष है। काशी की सेवा, काशी का स्वाद, काशी की संस्कृति और काशी का संगीत। जी20 का जो भी मेहमान काशी आया वह इसे अपनी यादों में समेटते हुए साथ लेते हुए गया। जी20 की अद्भुत सफलता महादेव के आशीर्वाद से ही संभव हुई है। बाबा की कृपा से काशी अब विकास के ऐसे आयाम गढ़ रही है जो अभूतपूर्व है। आपको भी लगता है ना? मैं जो कह रहा हूं आपको सच लग रहा है। आप बदलाव देख रहे हैं। काशी चमक रही है। दुनिया में काशी का नाम बढ़ता जा रहा है।
मेरे परिवारजनों 2014 में जब मैं यहां आया था तो मैंने जिस काशी की कल्पना की थी, विकास और विरासत का वो सपना अब धीरे-धीरे साकार हो रहा है। दिल्ली में व्यस्तता के बीच भी काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के वीडियो जरूर देखता था। व्यस्तता के बीच देर से पहुंचने के बीच भी मैं दो से चार मिनट के वीडियो देख लेता था क्या चल रहा है? और मैंने देखा है, बड़ी प्रभावित करने वाली प्रस्तुतियां थीं। अद्भुत प्रस्तुति। अभी तो इस आयोजन का पहला साल रहा है, लेकिन फिर भी इसमें करीब 40 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। लाखों दर्शक प्रत्यक्ष रूप में इसका आनंद लेने के लिए आए। इसका सामर्थ्य इतना है कि हर कोई लिखेगा कि मैंने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। दुनिया भी पूछेगी कि आपने उस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है आ जाइए आपके इंटरव्यू की कोई जरूरत नहीं है। ऐसा होने वाला है।
काशी आकर्षण का नया केंद्र बनेगा
ये देश दुनिया के पर्यटकों के लिए यह हमारा काशी आकर्षण का नया केंद्र बनेगा। काशी और संस्कृति एक ही ऊर्जा के दो नाम हैं। आप उनको अलग कर ही नहीं सकते। काशी को तो देश की सांस्कृतिक राजधानी होने का गौरव प्राप्त है। काशी की गली-गली में गीत गूंजते हैं। यह तो स्वाभाविक भी है क्यों कि यह नटराज की अपनी नगरी है। सारी नृत्य कलाएं नटराज के तांडव से ही उत्पन्न हुए हैं। सारे स्वर महादेव के डमरू से उत्पन्न हुए हैं। सारी विधाओं ने बाबा के विचारों से जन्म लिया है। इन कलाओं और विधाओं को भरत मुनि जैसे आदि आचार्यों ने व्यवस्थित और विकसित किया। काशी मतलब सात वार नौ त्योहार। यह सात वार और नौ त्योहार वाली मेरी काशी में कोई भी उत्सव गीत संगीत के बिना पूरा हो ही नहीं सकता है।
यहां तबला भी है यहां शहनाई और सितार भी
बनारस का सेनिया घराना, पियरी घराना संगीत घराना, रामापुरा कबीरचौरा के संगीतज्ञ अपने आप कितने समृद्ध रहे। बनारस के ऐसे कितने ही कलाकार है जिन्होंने पूरे विश्व में अपनी छाप छोड़ी है। मैं जब भी नाम लेना शुरू करूंगा तो शायद कितने दिन निकल जाएं। कितने ही विश्व प्रसिद्ध नाम आज यहां भी हमारे सामने उपस्थित हैं। मेरा सौभाग्य है कि मुझे बनारस के ऐसे कई संगीत आचार्यों से मिलने का उनके साथ समय बिताने का सौभाग्य मिला है।
साथियों आज यहां काशी सांसद खेल प्रतियोगिता के पोर्टल को भी लांच किया गया है। सांसद खेल प्रतियोगिता हो, सांसद सांस्कृतिक महोत्सव हो। काशी में नई परंपराओं की तो यह शुरूआत है। अब यहां काशी सांसद ज्ञान प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। साथियों काशी के बारे में सबसे ज्यादा काशी के लोग ही जानते हैं। यहां का हर व्यक्ति हर परिवार वह सच्चे अर्थ में काशी का ब्रांड एंबेसडर है। लेकिन साथ ही यह भी जरूरी है कि सभी लोग काशी के बारे में अपनी जानकारी को अच्छी तरह बता पाएं। इसलिए शायद देश में पहली बार मेरे मन में एक इच्छा है यहां से शुरू करूं। आपका साथ मिलेगा? आपको पता तो नहीं है मैं क्या कहने वाला हूं फिर भी हां कह दिया।
देखिए कोई भी टूरिस्ट प्लेस होता है आज के युग में वहां पर उत्तम से उत्तम गाइड बहुत आवश्यक होता है। गाइड प्रतिभावान हो, जानकारियों के मामले में परफेक्ट हो। गोलमोल नहीं, एक बोलेगा दो सौ साल, दूसरा बोलेगा ढाई सौ साल पुराना है तीसरा बोलेगा तीन सौ साल पुराना है। वह 240 बोलेगा मतलब 240। ये ताकत काशी में होनी चाहिए। और आजकल टूरिस्ट गाइड यह भी बहुत बड़ा रोजगार का साधन बन रहा है। टूरिस्ट आता है तो वह सब कुछ समझना चाहता है। गाइड को पैसे भी देना चाहता है। अब यहां काशी सांसद टूरिस्ट गाइड की प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। आप गाइड बनकर आइए लोगों को एक एक जगह के बारे में समझाइए और इनाम पाइए। उसके कारण लोगों को पता चलेगा कि इस शहर में गाइड का एक कल्चर बन रहा है। मुझे यह काम इसलिए करना है क्योंकि मैं चाहता हूं कि मेरी काशी का दुनिया में डंका बजे।
मेरे परिवारजनों हमारा बनारस सदियों से शिक्षा का भी एक बड़ा केंद्र रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण रहा है इसका सर्व समावेशी स्वभाव। दुनिया भर से आकर लोग यहां पढ़ाई करते हैं। आज भी दुनिया कितने ही देशों से लोग यहां संस्कृत सीखने आते हैं ज्ञान लेने आते हैं। इसी भावना को केंद्र में रखकर यहां से अटल आवासीय विद्यालयों का शुभारंभ किया है। आज जिन अटल आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण हुआ है।
योगी जी ने मेरी बात को ध्यान में रखा
आप देखिए कि जिनका तत्कालीन राजनीतिक लाभ लेने का जिनका इरादा नहीं होता है स्वार्थ भाव नहीं होता है वह कैसे काम करते हैं? जिनके दिल दिमाग में सिर्फ चुनाव ही चुनाव रहता है। कैसे भी करके वोट बटोरने का खेल खेलने की आदत रहती है वह ऐसे पैसों को कैसे बर्बाद करते हैं। हिंदुस्तान में जानकारी लिजिए आपको पता चलेगा। यह पैसे सभी राज्यों के पास है, भारत सरकार ने पूरी की पूरी उनको छूट दे रखी है। लेकिन ज्यादातर राज्य वोट मिलने वाले कामों के लिए उन पैसों को खपा रहे हैं जबकि योगी जी ने मेरी बात को ध्यान में रखा। यह बच्चे जिस दिन तैयार होंगे ना उस परिवार को कभी मजदूरी करने की नौबत ही नहीं आएगी। मैं अटल आवासीय विद्यालय के कुछ के बच्चों से मिलकर आया। यह ऐसे बच्चे हैं, जिन्होंने कभी पक्का घर भी नहीं देखा। मुझे बच्चों में स्पार्क व् सामर्थ्य दिखा। मैं पक्का मानाता हूं 10 साल के भीतर-भीतर देखना इन स्कूलों से उत्तर प्रदेश की काशी की आन बान शान निकलने वाली है। मेरे प्यारे काशीवासियों मुझ पर अपना आशीर्वाद ऐसे ही बनाए रखिए। इसी भावना के साथ हर हर महादेव।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने बढ़ाया नवरात्र का उत्साह
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय: इस कार्यक्रम में उपस्थित हमें आशीर्वाद देने आई हुई काशी पूर्वांचल की नारी शक्ति। यहां के कण-कण में मातृ शक्ति की महिमा जुड़ी हुई। संयोग से कुछ ही समय में दुर्गा पूजा का उत्सव शुरू होने वाला है। बनारस मेंं जगह जगह दुर्गा पंडाल की तैयारी चल रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ने इस बार नवरात्र का उत्साह कई गुना बढ़ा दिया है। मेरे परिवारजनों नारी का नेतृत्व बाकी दुनिया के लिए आधुनिक व्यवस्था हो सकती है। हम तो महादेव से पहले मां पार्वती और गंगा को प्रणाम करने वाले लोग हैं। हमारी यही काशी रानी लक्ष्मीबाई जैसी विरांगना की जन्मभूमि भी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लीजिए। तीन दशकों से ये कानून लटका हुआ था। आपकी ताकत है संसद के दोनों सदनों में ऐसी-ऐसी पार्टियों को इसके समर्थन में आना पड़ा, जो पहले इसका भरपूर विरोध करते करते थकते नहीं थे। आप एकजुट बनी हैं। ये हिंदुस्तान की सभी राजनीतिक पार्टियां अब आपसे डर और कांप रही हैं और इसलिए बिल पास किया है। ये आपकी ताकत है। अधिनियम रिकॉर्ड वोटों से पारित हुआ है। आपके आशीर्वाद से इसका सौभाग्य आपके काशी के एमपी को मिला है।
बनारस में 2.30 लाख ज्यादा महिलाओं को उज्जवला योजना का लाभ मिला
मेरे परिवारजनों बीते नौ वर्षों में हमने महिलाओं के पूरे जीवन को, उनके सपनों को केंद्र में रखकर काम किया है। अभी मंच पर जो माताएं बहनें मुझें आशीर्वाद देने आई थी। किसी को कैंसर में मदद पहुंच गई। किसी को किडनी की बीमारी थी मदद पहुंच गई। किसी को घर मिल गया। किसी रेहड़ी पटरी वालों को ऋण मिल गया। बनारस में 2.30 लाख ज्यादा महिलाओं को उज्जवला योजना का लाभ मिला है। इस योजना की लाभार्थियों को प्रति सिलेंडर सरकार से 400 रुपये की सब्सिडी मिल रही है। भाजपा सरकार के दौरान यहां बनारस में पीएम आवास योजना के तहत 75 हजार पक्के घर गरीबों को दिए गए। इनमें अधिकतर घर आप माताओं बहनों के नाम पर है। आप भी जानती हैं हमारे यहां महिलाओं के नाम संपत्ति रखने की परंपरा कम ही रही है।
गाड़ी खरीदनी हो तो पुरुष के नाम। जमीन खरीदनी हो तो पुरुष के नाम। दुकान खरीदनी हो तो पुरुष के नाम। घर खरीदना हो तो पुरुष के नाम। हमारे यहां यही चला करता था लेकिन मोदी ने आकर देश की माताओं, बहनों और बेटियों के नाम संपत्ति की परंपरा शुरू की है। पीएम आवास येाजना में महिलाओं के नाम घर देने का प्राविधान किया है। इस वजह से आज काशी में हजारों महिलाओंं के नाम घर की रजिस्ट्री हुई है। इससे परिवार में समाज में उनकी अहमियत बढ़ी है। मेरे परिवारजनों आज खेल के मैदान से लेकर राफेल उड़ाने तक हर जगह हमारी बेटियां कमाल कर रही हैं।
बनारस में पर्यटन से अब रोजगार मिलता है। इसमें महिलाओं की भागीदारी बहुत ज्यादा बढ़ रही है। मैं चाहता हूं कि टूरिस्ट गाइड जैसी भूमिका के लिए हम महिलाओंं को आगे लाएं। उन्हें ट्रेनिंग दें ताकि जो बाहर से पर्यटक आएं उन्हें ये एक एक चीज की जानकारी दें। इससे महिला टूरिस्ट को आसानी होगी। आपका आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ऊर्जा है। मैं फिर एक बार आप सभी का धन्यवाद करता हूं। नम: पार्वती पतये हर हर महादेव।
गंजारी स्टेडियम … एक बार फिर बोलिए...ॐ नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव
एक समय था जब माता-पिता बच्चों को डांटते थे कि खेलते ही रहोगे क्या, पढ़ाई-वढ़ाई करोगे की नहीं, अब माता पिता भी खेलों को लेकर गंभीर हुए हैं। एक समय था जब माता-पिता बच्चों को डांटते थे कि खेलते ही रहोगे क्या, पढ़ाई-वढ़ाई करोगे की नहीं, अब माता पिता भी खेलों को लेकर गंभीर हुए हैं हर हर महादेव! उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंच पर विराजमान यूपी सरकार के अन्य मंत्रिगण, जनप्रतिनिधिगण, इस कार्यक्रम में मौजूद देश के खेल जगत से जुड़े सभी वरिष्ठ महानुभाव और मेरे प्यारे काशी के परिवारजनों। आज फिर से बनारस आवे क मौका मिलल हौ। जौन आनंद बनारस में मिलला ओकर व्याख्या असंभव हौ। एक बार फिर बोलिए...ॐ नमः पार्वती पतये, हर-हर महादेव!
मेरे परिवारजनों, जिस स्थान पर हम सब इकट्ठा हुए हैं, वह एक पावन स्थल जैसा है। यह स्थान माता विंध्यवासिनी के धाम और काशी नगरी को जोड़ने वाले रास्ते का एक पड़ाव है। यहां से कुछ दूर पर भारतीय लोकतंत्र के प्रखर पुरुष और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजनारायण जी का गांव मोती कोट है। मैं इस धरती से राजनारायण जी और उनकी जन्मभूमि को सर झुकाकर के प्रणाम करता हूं। काशी में आज एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की आधारशिला रखी गई है। ये स्टेडियम ना सिर्फ वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल के युवाओं के लिए एक वरदान होगा। महादेव की नगरी में ये स्टेडियम, उसकी डिजाइन, स्वयं महादेव को ही समर्पित है। इसमें क्रिकेट के एक से बढ़कर एक मैच होंगे, इसमें आसपास के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम में ट्रेनिंग का मौका मिलेगा। और इसका बहुत बड़ा लाभ मेरी काशी को होगा।
बच्चे तो पहले से ही सीरियस थे....
आज क्रिकेट के जरिये, दुनिया भारत से जुड़ रही है। दुनिया के नए-नए देश क्रिकेट खेलने के लिए आगे आ रहे हैं। जब क्रिकेट मैच बढ़ेंगे तो नए-नए स्टेडियम की भी जरूरत पड़ने वाली है। बनारस का ये इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम इस डिमांड को पूरा करेगा, पूरे पूर्वांचल का चमकता हुआ ये सितारा बनने वाला है। यूपी का ये पहला स्टेडियम होगा जिसके निर्माण में बीसीसीआई का भी बहुत सहयोग होगा। हमारे बनारस के युवा नए खेल स्टार्ट अप के बारे में सोच सकते हैं। एक समय था जब माता-पिता बच्चों को इस बात के लिए डांटते थे कि हमेशा खेलते ही रहोगे क्या, कुछ पढ़ाई-वढ़ाई करोगे की नहीं, यहीं हुडदंग करते रहोगे क्या, यहीं सुनना पड़ता था। अब समाज की सोच बदली है। बच्चे तो पहले से ही सीरियस थे ही, अब माता-पिता भी, स्पोर्ट्स को लेकर के गंभीर हुए हैं।
और काशी का सांसद होने के नाते, मैं यहां आए बदलावों का भी साक्षी बना हूं। सांसद खेल प्रतियोगिता के दौरान जो उत्साह यहां रहता है, उसकी जानकारी मुझे लगातार पहुंचती रहती है। काशी के युवा, स्पोर्ट्स की दुनिया में अपना नाम कमाएं, मेरी यही कामना है। इस नए स्टेडियम के साथ ही सिगरा स्टेडियम पर भी करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सिगरा स्टेडियम में 50 से अधिक खेलों के लिए, जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। और इसकी एक और खास बात है। ये देश का पहला बहुस्तरीय स्पोर्टस कांप्लेक्स होगा जो दिव्यांगजनों को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है। हमने स्पोर्ट्स को युवाओं की फिटनेस और रोज़गार, करिअर से जोड़ा है।
ये स्टेडियम बस ईंट और कंक्रीट से बना हुआ एक मैदान नहीं
यह स्टेडियम खेलों के प्रति हमारे इसी संकल्प का साक्षी बनेगा। ये स्टेडियम बस ईंट और कंक्रीट से बना हुआ एक मैदान नहीं होगा, बल्कि ये भविष्य के भारत का एक भव्य प्रतीक बनेगा। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि हर विकास कार्य के लिए मेरी काशी अपना आशीर्वाद लिए मेरे साथ खड़ी रहती है। आप लोगों के बिना काशी में कोई भी कार्य सिद्ध नहीं हो सकता है। आपके आशीर्वाद से हम काशी के कायाकल्प के लिए इसी तरह विकास के नए अध्याय लिखते रहेंगे। एक बार फिर काशी के लोगों को, पूरे पूर्वांचल को क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास की मैं बहुत-बहुत बधाई देता हूं।