फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   PM Modi Dream Project varanasi will give impetus to Heal India, Heal by India in medical tourism

Dream Project: मेडिकल टूरिज्म के रूप में 'हील इंडिया, हील बाय इंडिया' को रफ्तार देगा बनारस

Sat, 06 Aug 2022 03:02 PM IST
उत्पल कांत आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी
आलोक कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sat, 06 Aug 2022 03:02 PM IST
सार

केंद्र सरकार के हील इंडिया, हील बाय इंडिया हेल्थ प्रोजेक्ट की बनारस में आधारशिला रखी जाएगी। देश ही नहीं विदेशों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ लेने के लिए बनारस नए केंद्र के रूप में विकसित होगा। 

विज्ञापन
PM Modi Dream Project varanasi will give impetus to Heal India, Heal by India in medical tourism
पीएम मोदी - फोटो : Twitter@ Bjp4india

विस्तार

 धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की राजधानी बनारस जल्द ही मेडिकल टूरिज्म का नया केंद्र बनेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हो गई। आयुर्वेद निदेशालय ने इसका प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेज दिया है। वहां से हरी झंडी मिलते ही इस पर आगे काम शुरू हो जाएगा।

विज्ञापन


मेडिकल टूरिज्म के नए केंद्र के लिए चौबेपुर में जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। केंद्र सरकार के हील इंडिया, हील बाय इंडिया हेल्थ प्रोजेक्ट की बनारस में आधारशिला रखी जाएगी। देश ही नहीं विदेशों से आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का लाभ लेने के लिए बनारस नए केंद्र के रूप में विकसित होगा।
विज्ञापन


योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधाएं एक ही छत के नीचे 
चौबेपुर स्थित आयुर्वेद विभाग की लगभग पौने पांच एकड़ की जमीन पर मेडिकल टूरिज्म की योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा। प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को केंद्र में रखकर तीस बेड का आयुष अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। यहां पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को योग, पंचकर्म, प्राकृतिक चिकित्सा की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

कोरोना संक्रमण काल में जिस तरह से आयुर्वेद ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा था, ऐसे में आयुर्वेद का यह नया केंद्र मेडिकल टूरिज्म के लिहाज से बेहतर होगा। आयुष निदेशक प्रो. एसएन सिंह ने कहा कि  मेडिकल टूरिज्म को धरातल पर उतारने के लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। आयुर्वेद विभाग की चौबेपुर में जमीन इसके लिए चिह्नित कर ली गई है। 

क्या है मेडिकल टूरिज्म
जब कोई व्यक्ति इलाज कराने के लिए दूसरे देश की यात्रा करता है तो उसे मेडिकल टूरिज्म यानि चिकित्सा पर्यटन कहते हैं। हर साल काफी संख्या में विदेशी चिकित्सा पर्यटन के लिए भारत आते हैं। भारत में सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा के लिए कई विकसित देशों के मरीज आ रहे हैं।

भारत में चिकित्सा सेवा की लागत पश्चिमी देशों की तुलना में 30 प्रतिशत कम है और दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे सस्ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने 156 देशों में सुविधा के लिए ई मेडिकल वीजा और ई मेडिकल अटेंडेंट वीजा भी शुरू किया है। 

 

एक नजर
  • मेडिकल टूरिज्म में 41 देशों की सूची में भारत पांचवें नंबर पर
  • एशियाई देशों में मेडिकल टूरिज्म में भारत का पहला स्थान है
  • 2014 में 1.39 लाख से ज्यादा मरीज इलाज के लिए भारत आए
  • 2019 में सात लाख पहुंचा विदेशी मरीजों का आंकड़ा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed