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समाधान: ठंड के मौसम में भी सुस्त नहीं होंगे पौधे, बीएचयू समेत चार देशों के वैज्ञानिकों ने किया शोध

Wed, 09 Oct 2024 06:22 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 09 Oct 2024 06:22 PM IST
सार

अब ठंड के मौसम में भी पौधे सुस्त नहीं होंगे। इस समस्या को लेकर बीएचयू समेत चार देशों के वैज्ञानिकों ने शोध कर समाधान निकाला है। रिसर्च करने वाले देशों में फ्रांस, यूके, स्वीडन और चीन शामिल हैं। 

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Plants will not sluggish even in cold weather scientist research from BHU and four countries
शोध करने वाले डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अब ठंड के भी मौसम में फसल और पौधे सुस्त नहीं होंगे। कम तापमान में भी इनका विकास होगा। प्रतिकूल मौसम में इनके अंदर किस तरह के प्रोटीन और हार्मोन की कमी होती है, पहली बार इसका पता चला है। बीएचयू समेत फ्रांस, यूके, स्वीडन और चीन के वैज्ञानिकों ने एक शोध में इस समस्या का समाधान बता दिया है। 

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ये रिसर्च, ईएमबीओ के विश्व स्तरीय जर्नल द ईएमबीओ जर्नल में प्रकाशित हो चुका है। इस शोध का नेतृत्व करने वाले बीएचयू के डॉ. जेपी मौर्य ने बताया कि ठंड का मौसम आने वाला है। इसमें कई पौधों में बढ़ोतरी नहीं होती है। वे विकास के प्रति निष्क्रिय हो जाते हैं। इसमें, आलू, सरसों जैसे फसल सबसे अहम हैं। उन्होंने पौधों के तापमान नियंत्रण जेनेटिक कनेक्शन भी देखा गया है।

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नवंबर का महीना शुरू होते ही पौधे ठंड का संकेत महसूस करना शुरू देते हैं। दिन की लंबाई बढ़ने और तापमान में कमी से पौधों में नई पत्तियां प्रिमोर्डिया (कोशिकाओं के समूह जो नई पत्तियों में बनते हैं) और शूट एपिकल मेरिस्टेम एसएएम बनने का काम रूक जाता है। एसएएम की गतिविधि पौधे के अंकुर की नोक पर वृद्धि और विकास के लिए जिम्मेदार है। विकास बाधित पत्ती प्रिमोर्डिया और एसएएम शीर्ष कली के अंदर घिर जाते हैं और पौधा सुप्त अवस्था में चला जाता है।

ठंड में बंद होकर वसंत में खुलते हैं पौधे
पौधों में लंबे समय तक कम तापमान के संपर्क में रहने के बाद निष्क्रियता खत्म होती और वसंत ऋतु में विकास फिर से शुरू हो जाता है। इस रिसर्च में स्वीडन के यूमिया प्लांट साइंस सेंटर से डॉ. शशांक पांडे और प्रो. ऋषिकेश भालेराव साथ ही यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और चीन के वैज्ञानिक शामिल हैं। 
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