नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदेश में बवाल विपक्ष की सुनियोजित साजिश: योगी
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदेश के कई जिलों में पिछले दिनों में हुए बवाल के पीछे दंगा कराने की सुनियोजित साजिश थी। विपक्षी प्रदेश में माहौल बिगाड़ना चाहते थे। मगर समय रहते कड़े कदम उठाकर हमने साजिश विफल कर दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस में ये बातें अनौपचारिक बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष की सुनियोजित साजिश को हमने समय रहते भांप लिया था। पूरे प्रदेश में दंगा कराने का प्रयास था।
अब बवाल कराने वाले चिह्नित किए गए हैं और उनके पोस्टर चस्पा कराए जा रहे हैं। पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया नाम के एक संगठन को भी हमने चिह्नित किया है। बवाल में इसकी भूमिका पूरी तरह से संदिग्ध है। इस संगठन के सक्रिय लोग पहले भी देश विरोधी क्रियाकलापों में संलिप्त रहे हैं।
बवाल में चिह्नित आरोपियों को नोटिस जारी किया जा रहा है। इनकी संपत्तियां कुर्क कर सरकारी संपत्तियों के नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून पर स्वच्छ चर्चा करने से विपक्ष बच रहा है।
देश विरोधी ताकतों को एकजुट कर अफवाह फैलाई जा रही है। जबकि यह कानून तीन देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के शोषित अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया है।
सीएए को एनआरसी से जोड़ना गलत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) से जोड़ना गलत है। पड़ोसी देशों के पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारत में शरण मिलनी चाहिए, यह हमारी परंपरा रही है। विश्व भर में भारत के इस निर्णय की सराहना हो रही है। केंद्र और राज्य सरकार हर नागरिक की है। सभी नागरिकों को सरकार और कानून व्यवस्था पर भरोसा करना चाहिए।
आगजनी करने वाले छात्र नहीं, उपद्रवी
नागरिकता संशोधन कानून किसी धर्म, जाति, मत, मजहब के खिलाफ नहीं है। प्रदेश के कुछ जिलों में ही अशांति फैलाने की कोशिश की गई है। बवाल के पीछे कौन-कौन हैं, यह सब जानते हैं। बवाल और आगजनी को छात्रों से जोड़ा जा रहा है, मगर ऐसा करने वाले छात्र नहीं उपद्रवी हैं। प्रदेश भर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि धर्मगुरुओं से संवाद किया जाए और इस कानून की सही जानकारी दी जाए।
सोशल मीडिया पर रहेगी निगाह
पूरे प्रदेश में सुनियोजित तरीके से हुए बवाल में सोशल मीडिया को हथियार बनाया गया। प्रदेश भर के अधिकारियों को सोशल मीडिया पर निगाह रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के जरिए अफवाह फैलाकर गलत धारणा बनाई गई। सोशल मीडिया पर ऐसा करने वालों को चिह्नित किया जाएगा।