Pitru Paksha 2023: वाराणसी में 15 दिनों में 31 लाख लोगों ने किया श्राद्ध, अंतिम दिन पहुंचे ढाई लाख श्रद्धालु
सर्वपितृ अमावस्या पर मोक्ष नगरी काशी के पिशाचमोचन कुंड और गंगा तट पर ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। वहीं 15 दिनों में पितरों को 84 लाख योनियों से मुक्ति दिलाने के लिए 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्राद्ध व तर्पण किया।
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मोक्ष नगरी काशी में सर्वपितृ अमावस्या पर घर से लेकर गंगा घाट तक श्राद्ध और तर्पण के साथ ही पितरों को विदाई दी गई। पितृपक्ष का अंतिम दिन होने के कारण पिशाचमोचन कुंड और गंगा तट पर ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। वहीं 15 दिनों में पितरों को 84 लाख योनियों से मुक्ति दिलाने के लिए 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्राद्ध व तर्पण किया।
तीर्थ पुरोहित रविंद्र पांडेय ने बताया कि पितृ विसर्जन के साथ ही पितरों की उनके लोक के लिए विदाई हो गई है। पिशाचमोचन कुंड और गंगा घाटों पर पितरों और अकाल मौत की शिकार आत्माओं की शांति के लिए 15 दिनों से चल रहे त्रिपिंडी श्राद्ध का कर्म विधान भी संपन्न हुआ।
तीन पिंडी बनाकर लोगों ने अपने बालों का तर्पण भी कराया। पितृ विसर्जन के साथ ही श्रद्धालुओं ने पितरों से सुख, सौभाग्य की कामना के साथ ही तृप्त होकर पितर लोक वापस जाने का अनुरोध किया। पितरों के लिए निकाले गए ग्रास को कौआ, गाय और जरूरतमंदों को दान भी किया।
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कोरोना काल में मरने वालों के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध
सर्वपितृ अमावस्या पर मोक्ष नगरी काशी के पिशाचमोचन कुंड और गंगा तट पर ढाई लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। वहीं 15 दिनों में पितरों को 84 लाख योनियों से मुक्ति दिलाने के लिए 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने श्राद्ध व तर्पण किया। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पहल पर काशी के शंकराचार्य घाट पर 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान मरने वाले 20 लोगों की आत्मा की मुक्ति के लिए भी श्राद्ध व तर्पण का अनुष्ठान पूर्ण हुआ। साथ ही कोरोना काल में मरने वाले एक करोड़ लोगों की सद्गति के लिए त्रिपिंडी श्राद्ध व तर्पण हुआ।
शंकराचार्य के मार्गदर्शन में आचार्य पं. अवधराम पांडेय के आचार्यत्व में त्रिपिंडी श्राद्ध व तर्पण हुआ। हरियाणा से श्रीविद्यामठ में आए सुरेश मानचंदा ने शंकराचार्य से अनुरोध किया कि भारत पाकिस्तान विभाजन के समय मारे गए लोगों का उस समय अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था। उन्होंने शंकराचार्य से निवेदन किया कि उन सभी की सद्गति के लिए भी श्राद्ध तर्पण किया जाए।
हरिश्चंद्र घाट पर 202 लावारिसों का पुलिस ने किया पिंडदान
सर्वपितृ अमावस्या पर शनिवार को वाराणसी पुलिस ने भी शहर में मिले 202 लावारिस मृतकों का पिंडदान किया। काशी मोक्षदायिनी समिति और पुलिस के सहयोग से इस साल 202 शव का अंतिम संस्कार किया गया था। शनिवार को हरिश्चंद्र घाट पर पितृविसर्जन के अवसर पर आयोजित पिंडदान में मुख्य यजमान की भूमिका एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह ने निभाई। वहीं दूसरी तरफ राजेंद्र प्रसाद घाट पर अध्यात्म न्याय समिति की ओर से सामूहिक श्राद्ध हुआ।
समिति के संस्थापक डॉ. राजकुमार मिश्र ने कहा कि भारतीय पारिवारिक एवं सामाजिक ताना-बाना को बहुत दृढ़ बनाया गया है। आर्य महिला इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय ने कहा कि पिंडदान बहुत ही पवित्र कार्य है। संगोष्ठी का संचालन बृजेश कुमार पांडेय ने किया। इस अवसर पर कृष्ण मोहन त्रिपाठी, गौरव पांडेय, संजय तिवारी, अर्पिता मिश्रा, विजयनारायण मिश्र, निमिष मिश्र एवं श्रीकांत तिवारी मौजूद रहे।