{"_id":"66a9bee7b37636fe4b09d0ac","slug":"people-driving-expensive-cars-income-tax-payers-consuming-ration-meant-for-the-poor-in-varanasi-2024-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP News: महंगी कार से चल रहे, आयकर दाता हैं, फिर भी डकार रहे गरीबों का राशन; पूर्ति विभाग ने शुरू किया सत्यापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP News: महंगी कार से चल रहे, आयकर दाता हैं, फिर भी डकार रहे गरीबों का राशन; पूर्ति विभाग ने शुरू किया सत्यापन
Wed, 31 Jul 2024 10:05 AM IST
अमन विश्वकर्मा
राहुल दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
राहुल दुबे, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 31 Jul 2024 10:05 AM IST
सार
Varanasi News: टैक्स भरने वाले ऐसे 28 हजार लोगों के राशन कार्ड निरस्त हो सकते हैं। ऐसे लोग गरीबों की आड़ में उनका ही राशन ले रहे हैं। इसको लेकर शासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे लोगों को अपात्र की श्रेणी में रखा गया है।
विज्ञापन
राशन दुकानों से किया जाएगा अनाज वितरण, फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
घर में एसी लगी है। महंगी कार भी है। टैक्स भी भर रहे हैं। फिर भी गरीबों का राशन डकार रहे हैं। शासन ने ऐसे करीब 28 हजार राशनकार्ड धारकों की सूची भेजी है। जिन्होंने आयकर दाखिल किया है और वह सरकार से मुफ्त राशन भी ले रहे हैं। शासन ने इन्हें संभावित अपात्र माना है। जिला पूर्ति विभाग ने सूची के आधार पर सत्यापन कराना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
जिले में कुल छह लाख पांच हजार राशनकार्ड हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत हर महीने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर निशुल्क खाद्यान्न वितरण किया जाता है। गरीबों की आड़ में कुछ अमीर लोग भी सरकारी राशन ले रहे हैं।
विज्ञापन
इसका पता तब चला तब जिला पूर्ति विभाग के पास शासन से अपात्रों की सूची आई। सूची के मुताबिक करीब 28 हजार लोग हैं जो आयकर भी जमा करते हैं और सरकारी राशन भी लेते हैं। जिला पूर्ति अधिकारी केबी सिंह ने बताया कि शासन से आई सूची संभावित अपात्रों की है। हमने टीम बनाकर सत्यापन का काम शुरू कर दिया है। सत्यापन पूरा होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
नौकरों के नाम बनवा लिया राशन कार्ड
सूत्रों के मुताबिक जांच में कुछ ऐसे नाम भी आएं हैं जो महंगी गाड़ियों से चल रहे हैं और बंगले में रह रहे हैं। लेकिन, उन्होंने अपने नौकरों के नाम से भी राशन कार्ड बनवा रखा है। इसके अलावा कुछ ऐसी महिलाएं भी हैं जो विधवा पेंशन भी ले रहीं हैं और राशन कार्ड में पति के नाम से राशन भी ले रही हैं।