हॉटस्पॉट से बाहर आए तो खैर नहीं, ये स्मार्ट डिवाइस बता देगी सारी जानकारी
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कोरोना संक्रमण को देखते हुए संक्रमित मरीजों और उनके संपर्क में आने वाले क्वारंटीन लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बावजूद इसके जगह-जगह क्वारंटीन सेंटर से भर्ती मरीजों और हॉटस्पॉट में लोगों के बाहर निकलने की सूचना मिल रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही पुलिस की परेशानी बढ़ गई है। इस बीच अशोका इंस्टीट्यूट पहाड़िया के तीन छात्रों ने एक ऐसा स्मार्ट गार्ड डिवाइस बनाया है जिसके माध्यम से हॉस्पिटल में भर्ती या क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा सकेगी।
खास बात यह है कि अगर कोई मरीज बिना किसी सूचना के बाहर निकलता है तो डिवाइस के माध्यम से इसकी जानकारी वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ ही अन्य लोगों को मिल जाएगी। संस्थान के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के श्याम चौरसिया के निर्देशन में धनंजय पांडेय, निखिल केसरी और मोहम्मद सैफ ने इस डिवाइस को बनाया है।
बताया कि उसमें सीसीटीवी कैमरा, मोशन सेंसर, कीपैड मोबाइल, जीपीएस सिस्टम और 9 बोल्ट बैटरी का प्रयोग किया गया है। छात्रों ने बताया कि डिवाइस से पॉजिटिव मरीजों के घरों पर भी नजर रखी जा सकती है। इसके अलावा इसे अस्पतालों में भी लगाया जा सकता है जिससे कि कोई भी मरीज बिना किसी परमिशन के बाहर निकले तो इसकी जानकारी तुरंत अस्पताल प्रबंधन को मिल सके और उस पर नजर रखी जा सके।
डिवाइस ऐसे करेगा काम
श्याम चौरसिया ने बताया कि अगर कोई मरीज बिना किसी के परमिशन के बाहर निकलता है तो स्मार्ट गार्ड डिवाइस में लगा सेंसर एक्टिवेट हो जाएगा और हॉटस्पॉट एरिया में तैनात पुलिस के जवानों या हॉस्पिटल में मौजूद लोगों को इसकी सूचना मिल जाएगी। बताया कि इसको हॉस्पिटल या घर के गेट पर लगाया जा सकता है और सेंसर की रेंज 5 से 10 मीटर है।