गाजीपुर: धान खरीद में भ्रष्टाचार पर पीसीएफ के जिला प्रबंधक और एकाउंटेंट निलंबित
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यूपी कोआपरेटिव फेडरेशन के जिला प्रबंधक एवं एकाउंटेंट को धान खरीद में अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उधर, जिला प्रबंधक को निलंबन की जानकारी होने पर मिलरों को बुला कर चेक देने और कमीशन लिए जाने तक की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
शासन स्तर से भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के क्रम में धान खरीद में अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप में पीसीएफ के जिला प्रबंधक शशि शेखर और एकाउंटेंट चंद्रकेश को शासन ने निलंबित कर दिया है। जनपद में पीसीएफ की कारगुजारियों पर शासन की नजर बहुत पहले से थी। इस क्रम में मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य मुख्यालय के उप महाप्रबंधक नरेंद्र पंवार के नेतृत्व में एक जांच टीम इसकी निगरानी करने लगी थी।
टीम ने बीते साल 2019 के दौरान विभाग द्वारा सीएमआर की वसूली में 1600 मिट्रिक टन से भी अधिक का घोटाला पकड़ा। साथ ही बिलिंग में देरी और मिलरों से मिलीभगत की शिकायतें भी सामने आईं थीं। धान खरीद में इस बार भी गड़बड़ी की गई। किंतु इस पर पहले से नजर रख रहे अधिकारियों ने गड़बड़ी मिलते ही जांच करा कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी। जिसके बाद पीसीएफ के एमडी ने तत्काल प्रभाव से जिला प्रबंधक और एकाउंटेंट को निलंबित कर दिया।
इस संबंध में पीसीएफ वाराणसी के आरएम सुधांशु त्रिवेदी ने बताया कि बीते सप्ताह जांच रिपोर्ट मिलने के बाद शासन की संस्तुति पर दोनों अधिकारियों को निलंबित किया गया है। अधिकारी ने कहा कि अब आगे की जांच प्रदेश मुख्यालय के एजीएम नरेंद्र सिंह कर रहे हैं। इसमें संलिप्त अन्य कर्मचारी एवं कई मिलरों पर भी गाज गिर सकती है।
विभाग में भी चल रही है जांच
सहकारिता विभाग के सहायक निबंधक व सहायक आयुक्त राजीव पालीवाल ने बताया कि पीसीएफ के जिला प्रबंधक एवं एकाउंटेंट पर कार्रवाई हुई है, लेकिन इसके कागजात मेरे पास नहीं आए हैं। वर्तमान में जिले के पीसीएफ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जांच और कार्रवाई चल रही है। फिलहाल किसी भी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत नहीं किया गया है।