News: BHU में जाम का दंश झेल रहे मरीज-तीमारदार, सुरक्षाकर्मी बेपरवाह; एंबुलेंस से उतर परिजनों ने किया ये काम
बीएचयू अस्पताल में आने वाले मरीजों और तीमारदारों को आए दिन जाम का झाम झेलना पड़ता है। शर्मनाक यह है कि जाम के समय सुरक्षाकर्मी मूकदर्शक बने रहते हैं। एंबुलेंस में सवार परिजनों ने खुद जाम हटवाकर मरीज को इंमरजेंसी में भर्ती कराया।
विस्तार
बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी में मरीजों को लेकर जा रही एंबुलेंस फंस गई। बाल रोग विभाग के सामने वाली सड़क पर एक नहीं बल्कि चार एंबुलेंस जाम में फंसी रही। सामान्य दिनों में यहां सुरक्षा कर्मी मौजूद रहते हैं लेकिन मंगलवार को सुरक्षा कर्मी नहीं पहुंचे। यह मामला मंगलवार की दोपहर का है।
इस वजह से एंबुलेंस में बैठे मरीज दर्द से कराहते रहे। जब सुरक्षा कर्मी नहीं पहुंचे तो परिजन खुद एंबुलेंस से उतरे और किसी तरह जाम समाप्त कराया, तब जाकर एंबुलेंस आगे बढ़ी। इस तरह का दृश्य आए दिन नजर आ जाएगा।
बीएचयू अस्पताल में वाराणसी और उसके आसपास के जिलों, बिहार तक से ओपीडी और इमरजेंसी में सात हजार से अधिक मरीज आते हैं। इसमें इमरजेंसी 300 से अधिक मरीज इमरजेंसी में आते हैं। इनमें अधिकांश मरीज गंभीरावस्था में रेफर होकर आते हैं।
स्थाई समाधान खोज रहा प्रशासन
अस्पताल परिसर में प्रवेश करते ही सड़क के दोनों किनारे पर दो पहिया गाड़ियां जैसे-तैसे खड़ी कर लोग चले जाते हैं। इस कारण किसी मरीज को लेकर इमरजेंसी तक ले जाना मुश्किल होता है। मंगलवार को 108 नंबर की दो एंबुलेंस और दो छोटी एंबुलेंस से परिजन मरीज को इमरजेंसी लेकर जा रहे थे।
इसी बीच वहां जाम लग गया, जिस वजह से एंबुलेंस का पहिया थम गया। चालक इमरजेंसी सायरन बजाता रहा, लेकिन जाम को खत्म करवाने कोई नहीं आया। इस तरह की स्थिति तब है जब बाल रोग विभाग के सामने सुरक्षा कर्मी भी बैठे रहते हैं।
करीब 15 मिनट तक एंबुलेंस वहीं खड़ी रही। इधर अंदर बैठै मरीज दर्द से कराहते हैं, परिजन भी परेशान हो रहे थे। जब कोई नहीं आया तो परिजन नीचे उतरे और लोगों से एंबुलेंस जाने के लिए रास्ता देने की अपील की, तब जाकर किसी तरह मरीज इमरजेंसी तक पहुंच सके।
बोले अधिकारी
बीएचयू अस्पताल परिसर में जाम लगने की समस्या का स्थायी समाधान तलाशा जा रहा है। इसके लिए कुलपति से भी बातचीत हुई है। अस्पताल प्रबंधन, प्रॉक्टोरियल बोर्ड से बातचीत कर तत्काल यह सुनिश्चित करवाया जाएगा कि इमरजेंसी तक जाने वाली कोई एंबुलेंस न फंसें। - प्रो.एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस बीएचयू