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मगध एक्सप्रेस रोकने पर यात्रियों का हंगामा, स्टेशन मास्टर को बनाया बंधक
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मिर्जापुर
Updated Thu, 05 Jan 2017 08:46 PM IST
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मिर्जापुर के जिगना रेलवे स्टेशन की घटना
- फोटो : अमर उजाला
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मिर्जापुर के जिगना रेलवे स्टेशन पर दोपहर में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। नई दिल्ली से पटना जा रही मगध एक्सप्रेस ट्रेन को लूप लाइन पर रोकने पर यात्रियों ने यहां एक घंटे तक हंगामा किया।
स्टेशन मास्टर को बंधक बनाया। भुवनेश्वर से दिल्ली जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को भी जबरन रोक दिया।
यात्रियों ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और रेल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। यात्रियों ने कहा कि मंगलवार रात से वह ट्रेन में बैठे हैं लेकिन 30 घंटे बाद भी पटना नहीं पहुंच सके।
दरअसल, मंगलवार रात बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग नई दिल्ली से मगध एक्सप्रेस द्वारा गुरुगोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव में भाग लेने के लिए पटना रवाना हुए। जगह-जगह अन्य ट्रेनों को पास कराने में मगध लेट हो गई।
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गुरुवार को ट्रेन के एस-9 की बोगी के पहिये की खराबी दूर करने के लिए दोपहर 12 बजे ट्रेन को जिगना रेलवे स्टेशन के लूप लाइन पर रोक लिया गया।
देर तक ट्रेन खड़ी किए जाने से नाराज दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के सिख समुदाय के लोग भड़क गए और सहायक स्टेशन मास्टर सुधीर कुमार को खींचते हुए ट्रैक पर ले आकर बंधक बना लिया।
अप लाइन पर आ रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को गदा और तलवार के बल पर रोककर ट्रैक जाम कर दिया।
यात्रियों ने कहा कि जो ट्रेन 12 घंटे में पटना पहुंचनी चाहिए वह 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंच सकी।
ट्रेन में पानी एवं भोजन की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
मौके पर पुलिस नहीं पहुंची तो जिगना के ग्रामीणों ने यात्रियों को समझा कर शांत कराया। एक बजकर 13 मिनट पर पहिया दुरुस्त होने पर ट्रेन को रवाना किया गया। इसके बाद ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रवाना किया जा सका।
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स्टेशन मास्टर को बंधक बनाया। भुवनेश्वर से दिल्ली जा रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को भी जबरन रोक दिया।
यात्रियों ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और रेल प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। यात्रियों ने कहा कि मंगलवार रात से वह ट्रेन में बैठे हैं लेकिन 30 घंटे बाद भी पटना नहीं पहुंच सके।
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दरअसल, मंगलवार रात बड़ी संख्या में सिख समुदाय के लोग नई दिल्ली से मगध एक्सप्रेस द्वारा गुरुगोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव में भाग लेने के लिए पटना रवाना हुए। जगह-जगह अन्य ट्रेनों को पास कराने में मगध लेट हो गई।
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गुरुवार को ट्रेन के एस-9 की बोगी के पहिये की खराबी दूर करने के लिए दोपहर 12 बजे ट्रेन को जिगना रेलवे स्टेशन के लूप लाइन पर रोक लिया गया।
देर तक ट्रेन खड़ी किए जाने से नाराज दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के सिख समुदाय के लोग भड़क गए और सहायक स्टेशन मास्टर सुधीर कुमार को खींचते हुए ट्रैक पर ले आकर बंधक बना लिया।
अप लाइन पर आ रही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को गदा और तलवार के बल पर रोककर ट्रैक जाम कर दिया।
यात्रियों ने कहा कि जो ट्रेन 12 घंटे में पटना पहुंचनी चाहिए वह 30 घंटे बाद भी नहीं पहुंच सकी।
ट्रेन में पानी एवं भोजन की व्यवस्था भी ठीक नहीं है।
मौके पर पुलिस नहीं पहुंची तो जिगना के ग्रामीणों ने यात्रियों को समझा कर शांत कराया। एक बजकर 13 मिनट पर पहिया दुरुस्त होने पर ट्रेन को रवाना किया गया। इसके बाद ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस को रवाना किया जा सका।
डाउन लाइन पर कई ट्रेनें बाधित
ट्रेन के लगातार लेट होने से यात्री नाराज
- फोटो : अमर उजाला
जिगना रेलवे स्टेशन पर हंगामे के चलते डाउन लाइन पर मालगाड़ी और भावना नगर आसनसोल एक्सप्रेस, अप लाइन पर गुवाहाटी नई दिल्ली तथा लोकमान्य तिलक वाराणसी एक्सप्रेस सहित कई गाडि़यां खड़ी रहीं।
हंगामे के दौरान आरपीएफ, जीआरपी या क्षेत्रीय सिविल पुलिस नहीं दिखाई दी। स्टेशन कर्मचारियों के अनुसार आरपीएफ व जीआरपी को सूचना दी गई तो कहा गया कि 100 नंबर पर काल कर लीजिए।
बताया जा रहा है कि ट्रेन जब मांडा रोड से गुजरी तो सहायक अभियंता रेल पथ ने एस नाइन की बोगी के पहिये में खड़खड़ाहट की सूचना दी थी।
इसके आधार पर गाड़ी को जिगना लूप लाइन में रोका गया था।
इधर, जिगना के पीडब्ल्यूआई की मानें तो गड़बड़ी एस चार की बोगी के पहिया संख्या 1, 3, 4 में होने की खबर थी। उसे चेक करने के लिए पहुंचे थे कि गाड़ी रवाना कर दी गई।
हंगामे के दौरान आरपीएफ, जीआरपी या क्षेत्रीय सिविल पुलिस नहीं दिखाई दी। स्टेशन कर्मचारियों के अनुसार आरपीएफ व जीआरपी को सूचना दी गई तो कहा गया कि 100 नंबर पर काल कर लीजिए।
बताया जा रहा है कि ट्रेन जब मांडा रोड से गुजरी तो सहायक अभियंता रेल पथ ने एस नाइन की बोगी के पहिये में खड़खड़ाहट की सूचना दी थी।
इसके आधार पर गाड़ी को जिगना लूप लाइन में रोका गया था।
इधर, जिगना के पीडब्ल्यूआई की मानें तो गड़बड़ी एस चार की बोगी के पहिया संख्या 1, 3, 4 में होने की खबर थी। उसे चेक करने के लिए पहुंचे थे कि गाड़ी रवाना कर दी गई।