एक सप्ताह में वाराणसी आने वालों की संख्या में आई कमी, एयरपोर्ट पर हर दिन आते हैं सिर्फ इतने यात्री
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बाढ़ की विभीषिका से वाराणसी ही नहीं पूरा पूर्वांचल प्रभावित हुआ है और अभी भी जिले में गंगा और वरुणा नदियों में आई बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ है। बाढ़ का असर पर्यटन कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है, क्योंकि देश-विदेश से विमान से वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में इस महीने काफी कमी देखने को मिल रही है।
वल एजेंट के साथ ही पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का स्पष्ट रूप से कहना है कि बाढ़ के चलते वाराणसी घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी आई है। कम यात्रियों के आवागमन के चलते एयरपोर्ट पर सन्नाटा जैसी स्थिति देखने को मिल रही है।
मालूम हो कि वाराणसी एयरपोर्ट से इस समय 5 दर्जन से भी अधिक विमानों का संचालन हो रहा है। जिसमें अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्ग पर शारजाह, बैंकॉक, मलेशिया, काठमांडू, श्रीलंका आदि के लिए विमान सेवाएं संचालित की जाती हैं। वहीं घरेलू सेक्टर में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, देहरादून, जयपुर, बेंगलुरू, अहमदाबाद, गया आदि एयरपोर्ट से विमानों का संचालन हो रहा है।
पसरा रहता है सन्नाटा
सितंबर से ही पर्यटकों के आवागमन का सीजन प्रारंभ हो जाता है। बाढ़ आने से पहले वाराणसी एयरपोर्ट से हर दिन 9 से 10 हजार यात्रियों का आवागमन हो रहा था। वहीं ताजा आंकड़ों की बात करें तो इस समय 5 से 6 हजार यात्रियों का आवागमन हो रहा है।
इस समय आलम यह है कि पर्यटकों के आवागमन के सीजन में भी गर्मी जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। क्योंकि गर्मी के मौसम में वाराणसी एयरपोर्ट पर से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या बहुत कम हो जाती है। यात्रियों की संख्या कम होने के चलते एयरपोर्ट से संचालित होने वाले वाहन चालकों को सवारियां भी नहीं मिल रही हैं, जिसके कारण पर्यटन और ट्रैवल्स कंपनियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। एयरपोर्ट पर मानो सन्नाटा पसरा दिखाई पड़ रहा है।
टैक्सी प्रीपेड यूनियन अध्यक्ष सुरेंद्र पांडे ने बताया कि पर्यटन सीजन होने के बावजूद इस समय पूर्वांचल में बाढ़ के कारण यात्रियों के आवागमन में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। दक्षिण भारत से आने वाले यात्रियों में हर साल की अपेक्षा इस वर्ष भारी कमी दिख रही है। मुंबई और दिल्ली से आने वाले यात्रियों की संख्या में भी कमी आई है।
डिप्टी कमांडेंट सुब्रत झा के अनुसार, पहले की तुलना में यात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई है, मगर अब दशहरा के बाद से यात्रियों के संख्या में इजाफा होगा।
एयरपोर्ट पर टैक्सी चालक पिंटू तिवारी का कहना है कि इस समय यात्रियों का आवागमन बहुत ही कम है। वहीं विकाश सिंह का कहना है कि इस समय यात्रियों के आवागमन में बहुत कमी है, जिसका असर हमारे कामों पर भी पड़ रहा है।
एक अक्टूबर से अब तक आए और गए यात्री
आगमन यात्रियों की संख्या प्रस्थान यात्रियों की संख्या
- 1 अक्टूबर (3496) 1 अक्टूबर (3138)
- 2 अक्टूबर (4624) 2 अक्टूबर (3681)
- 3 अक्टूबर (3747) 3 अक्टूबर (3148)
- 4 अक्टूबर (4010) 4 अक्टूबर (3614)
- 5 अक्टूबर (4774) 5 अक्टूबर (4330)
- 6 अक्टूबर (4049) 6 अक्टूबर (3722)
- 7 अक्टूबर (3373) 7 अक्टूबर (3160)
- 8 अक्टूबर (3485) 8 अक्टूबर (3798)