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बजट पेश होते ही हंगामा, नहीं हो पाई चर्चा
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Tue, 24 Mar 2015 02:06 AM IST
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वाराणसी। नगर निगम के मिनी सदन में सोमवार को वित्तीय वर्ष 2015-16 के बजट के लिए आयोजित बैठक पार्षदों के हंगामे की भेंट चढ़ गई। 680 करोड़ का बजट पेश होते ही नामित पार्षदों के अधिकार के सवाल पर सपा और भाजपा पार्षदों में नोकझोंक होने लगी। हंगामे के चलते न तो बजट पर चर्चा हो सकी और न मंजूरी मिल पाई।
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सपा पार्षद ‘बजट पास, बजट पास’ चिल्लाने लगे तो महापौर रामगोपाल मोहले ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी। अब बजट पर चर्चा के लिए 30 मार्च को फिर बैठक होगी।
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मिनी सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे शुरू हुई। नगर आयुक्त उमाकांत त्रिपाठी बजट प्रस्तुत करने को खड़े हुए, तभी नामित पार्षद अमरदेव यादव ने महापौर से कहा कि नगर आयुक्त को बजट पेश करने का अधिकार नहीं है। इसे लेकर 12:30 बजे तक सदन में खूब हंगामा हुआ।
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महापौर ने कहा कि आप ही लोग तय करें कि कौन बजट प्रस्तुत करे। फिर नामित पार्षद अमरदेव ने बजट प्रस्तुत करना शुरू किया तो भाजपा के राजेश यादव, डा. राजेश जायसवाल, अशोक मिश्रा और कांग्रेस के अनिल शर्मा ने विरोध कर दिया। उनका कहना था नामित पार्षद को बजट पेश करने का अधिकार नहीं है।
तब सपा के विजय जायसवाल खड़े हुए और दो-चार शब्द बोलने के बाद ‘बजट पास’ कहते हुए पार्टी पार्षदों के साथ बाहर निकल लिए। इसके बाद महापौर ने बैठक स्थगित कर दी। साथ ही उन्होंने 30 मार्च को दोबारा बैठक की तिथि तय की। 55 मिनट तक चली बैठक में सिर्फ हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला। किसी पार्षद ने शहर की समस्याएं नहीं उठाईं।