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नक्सली हमले में शहीद हुआ जौनपुर का लाल
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/जौनपुर
Updated Sun, 29 Jan 2017 10:04 PM IST
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नक्सलियों की ओर से बिछाई गई माइंस की चपेट में आए
- फोटो : अमर उजाला
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जौनपुर जिले के दुदौली निवासी सीआरपीएफ के जवान पारसनाथ सरोज छत्तीसगढ़ में शनिवार को कोटट्टा चरु गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाई गई माइंस में प्रेसर बम ब्लास्ट होने से शहीद हो गए। खबर मिलते ही शहीद के गांव में मातम छा गया।
रविवार को कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, सांसद केपी सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत बड़ी संख्या में लोगों ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। शहीद का पार्थिव शरीर देर रात तक घर पहुंचने का अनुमान है।
पारसनाथ सरोज (36) पुत्र भूसी सरोज सीआरपीएफ में हवलदार थे। इन दिनों छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनाती थी। सुकमा जिले के पुलिस स्टेशन के कोटट्टा चरु गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाई गई माइंस में प्रेशर बम ब्लास्ट होने से शनिवार को पारसनाथ शहीद हो गए।
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सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। शहीद के घर भीड़ जमा हो गई।
कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, सांसद केपी सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत तमाम जनप्रतिनिधि शहीद के घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त करते हुए ढांढस बंधाया। शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को रायपुर छत्तीसगढ़ से अंबिकापुर तक विभागीय विमान से लाया गया।
वहां से सीआरपीएफ के अधिकारी पार्थिव शरीर लेकर वाराणसी के रास्ते शहीद के गांव दुदौली पहुंचेंगे।
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रविवार को कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, सांसद केपी सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत बड़ी संख्या में लोगों ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। शहीद का पार्थिव शरीर देर रात तक घर पहुंचने का अनुमान है।
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पारसनाथ सरोज (36) पुत्र भूसी सरोज सीआरपीएफ में हवलदार थे। इन दिनों छत्तीसगढ़ के सुकमा में तैनाती थी। सुकमा जिले के पुलिस स्टेशन के कोटट्टा चरु गांव के पास नक्सलियों द्वारा बिछाई गई माइंस में प्रेशर बम ब्लास्ट होने से शनिवार को पारसनाथ शहीद हो गए।
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सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया। शहीद के घर भीड़ जमा हो गई।
कैबिनेट मंत्री पारसनाथ यादव, सांसद केपी सिंह, पूर्व सांसद धनंजय सिंह समेत तमाम जनप्रतिनिधि शहीद के घर पहुंचे और संवेदना व्यक्त करते हुए ढांढस बंधाया। शहीद का पार्थिव शरीर रविवार को रायपुर छत्तीसगढ़ से अंबिकापुर तक विभागीय विमान से लाया गया।
वहां से सीआरपीएफ के अधिकारी पार्थिव शरीर लेकर वाराणसी के रास्ते शहीद के गांव दुदौली पहुंचेंगे।
वाराणसी में दी जाएगी सलामी
देर रात तक शव पहुंचने की है उम्मीद
वाराणसी में 95 बटालियन ग्राउंड पर डीआईजी सीआरपीएफ और डीआईजी इलाहाबाद के नेतृत्व में पार्थिव शरीर को सलामी दी जाएगी।
देर रात तक शहीद का पार्थिव शरीर परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा। पार्थिव शरीर के साथ चल रहे हवलदार शिव प्रकाश ने फोन पर बताया कि सुकमा जिले के भेजी थाना के कोट्टा चरु गांव में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था।
उनकी बटालियन 219 के जवान पैदल मार्च कर रहे थे। पारसनाथ थोड़ा आगे चल रहे थे। लगभग 12 बजे उनका पैर नक्सलियों द्वारा बिछाई गई माइंस के प्रेसर बम पर पड़ा और धमाके के साथ लोग गिर पड़े। इसमें पारस का शरीर झुलस गया। कुछ और जवान भी जख्मी हो गए।
सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। डाक्टरों ने हवलदार पारसनाथ को मृत घोषित कर दिया।
देर रात तक शहीद का पार्थिव शरीर परिवार वालों को सौंप दिया जाएगा। पार्थिव शरीर के साथ चल रहे हवलदार शिव प्रकाश ने फोन पर बताया कि सुकमा जिले के भेजी थाना के कोट्टा चरु गांव में सड़क निर्माण कार्य चल रहा था।
उनकी बटालियन 219 के जवान पैदल मार्च कर रहे थे। पारसनाथ थोड़ा आगे चल रहे थे। लगभग 12 बजे उनका पैर नक्सलियों द्वारा बिछाई गई माइंस के प्रेसर बम पर पड़ा और धमाके के साथ लोग गिर पड़े। इसमें पारस का शरीर झुलस गया। कुछ और जवान भी जख्मी हो गए।
सभी को अस्पताल पहुंचाया गया। डाक्टरों ने हवलदार पारसनाथ को मृत घोषित कर दिया।