वाराणसी: मार्च से दो लाख लीटर दूध उत्पादन करेगा पराग प्लांट, एनडीडीबी के हाथों संचालन के बाद बढ़ेगी क्षमता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुग्ध उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहे वाराणसी में मार्च महीने से दो लाख लीटर दूध उत्पादन की उम्मीद है। राष्ट्रीय दूध विकास बोर्ड ने इसके लिए दुग्ध समितियों के गठन के साथ ही पूरी कार्ययोजना तैयार की है। फिलहाल दो लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता के साधन-संसाधन होने के बाद भी 18 हजार लीटर दूध की ही प्रोसेसिंग हो रही है। हालांकि दो महीने पहले तक डेयरी का संचालन प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (पीसीडीएफ) की ओर से किया जाता था। तब प्रतिदिन की उत्पादन क्षमता दो से तीन हजार लीटर थी।
दरअसल, पराग डेयरी का संचालन उत्तर प्रदेश की प्रादेशिक कोआपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड (पीसीडीएफ) द्वारा किया जा रहा था। मगर, करीब दो महीने पहले नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) ने इसका अधिग्रहण कर लिया गया है।
एनडीडीबी के अधिकारियों का मानना है कि पूरी क्षमता से इस प्लांट का संचालन करने के लिए सबसे पहले खाली पदों को भरना होगा। इसके साथ ही मार्च तक उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना भी तैयार की गई है। इसमें दूध की भरपूर मात्रा संग्रह कर के सिस्टम चलाना और टैंकर की व्यवस्था की जा रही है।
तापमान नियंत्रित करने के लिए बड़ी मात्रा में कूलर लगाए जाएंगे। डेयरी से दूरी बना चुके मिल्क पार्लर व बूथ के साथ ही एजेंट जोड़े जाएंगे। बोर्ड पांच साल तक माडल प्लांट के रूप में संचालित करने की योजना पर काम कर रहा है। एनडीडीबी के प्रबंध निदेशक सुनील सिन्हा ने बताया कि जब बोर्ड ने डेयरी को टेकओवर किया था, तब उत्पादन दो से तीन हजार लीटर ही दूध का उत्पादन था।
बीते दो माह में 17 से 18 हजार लीटर दूध का उत्पादन हो रहा। इससे जुड़े दूधियों को उनके उत्पाद का आठ दिनों में ही पैसा मिल जा रहा था। दो लाख लीटर उत्पादन वाले डेयरी के मार्च तक पूरी क्षमता से संचालित करने का लक्ष्य है। इसके लिए नए और कुशल कर्मचारियों के भर्ती के लिए साक्षात्कार लिया जा रहा है।
पराग डेयरी - एक नजर में
रामनगर में पराग डेयरी बनी - 1978
ऑटोमेशन प्लांट चालू- जुलाई, 2019 से
प्लांट की क्षमता - चार लाख लीटर
पाउडर प्लांट की क्षमता - दो लाख लीटर
लिक्विड दूध प्लांट की क्षमता- दो लाख लीटर
छह जिलों से आता है दूध
पराग डेयरी प्लांट में वाराणसी समेत छह जिलों से दूध आता है। इसके लिए चार सौ से ज्यादा दुग्ध समितियां काम कर रही हैं। इसमें वाराणसी में 2500 लीटर, गाजीपुर से 1500 लीटर, चंदौली से 8000 लीटर, जौनपुर से 1500 लीटर, भदोही से 300 लीटर व मिर्जापुर के चुनार से 1000 लीटर संग्रह किया जाता है।