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भीमचंडी में दो धर्मशालाओं में बंधे मवेशी, एक में ग्रामीणों ने भरा भूसा
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वाराणसी। पंचक्रोशी परिक्रमा के दूसरे पड़ाव भीमचंडी की हालत भी तीन सालों में नहीं सुधरी है। सीएम योगी आदित्यनाथ की पंचक्रोशी परिक्रमा के बाद सुधार की घोषणाएं जमीन पर नहीं उतर सकी हैं। कुछ धर्मशालाओं पर अवैध कब्जे तक हो गए हैं।
बृहस्पतिवार को पंचक्रोशी परिक्रमा के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी की हालत का जायजा लिया गया। धर्मशालाओं के बाहर गंदगी है तो कहीं-कहीं धर्मशाला के प्रवेश द्वार पर मवेशियों का कब्जा। कुछ धर्मशालाओं पर लोगों ने कब्जा जमा लिया है। कहीं गोबर के उपले बना रहे हैं तो दो धर्मशालाओं में गाय, भैंस और बकरियां बांधी हुई थीं। एक धर्मशाला को तो ग्रामीणों ने भूसे का घर बना दिया है। चारा मशीन लगाकर कब्जा कर लिया गया है। वहीं पंचक्रोशी पड़ाव तथा उसके आसपास रात्रि में रोशनी की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग भीम चंडी से राजातालाब जाने वाली सड़क की पटरियों पर घास जम चुकी है। पंचक्रोशी परिक्रमा प्रारंभ होती है तो तीर्थ यात्रियों को भारी परेशानी होगी।
आनन-फानन में कराया था रंगरोगन
2018 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की स्थिति देखने तथा परिक्रमा करने आए थे। आनन-फानन में खराब सड़कों को दुरुस्त किया गया था और कुछ धर्मशालाओं का रंगरोगन कराया गया था, लेकिन इस साल स्थिति बदतर हो चुकी है। न तो धर्मशालाओं का रंग रोगन हुआ है और न ही साफ-सफाई। काफी समय से सफाई कर्मी आए ही नहीं हैं।
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हैंडपंप हुए खराब, शौचालय पर ताला
राजातालाब। पंचकोक्रोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव पर आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। सार्वजनिक शौचालय जो विकास प्राधिकरण के द्वारा बनवाए गए थे उसमें ताले लटक रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तालों की चाबियां प्राधिकरण ने किसी को नहीं दी है। पुजारी दयाशंकर मिश्र ने बताया कि उनकी देखरेख में जो शौचालय हैं उसमें सफाई व पानी की उत्तम व्यवस्था है।
परिक्रमा मार्ग से गुजरते हैं भारी वाहन
लोगों ने बताया कि रात गुजरते ही ट्रकों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। भारी वाहन, ट्रकों के कारण चौरा माता मंदिर का चबूतरा तथा भीम चंडी देवी मंदिर की दीवार भी क्षतिग्रस्त है। भीम चंडी देवी मंदिर के पास नरकर्णेश्वर महादेव के नाम का लगा शिलापट्ट भी ट्रक के धक्के से टूट चुका है। बड़े वाहनों का आन प्रतिबंधित है। यह बड़े वाहन आखरी और मोहनसराय से घूम कर आते हैं जो मातलदेवी से होकर राजातालाब जाकर जीटी रोड में मिल जाते हैं।
नहीं बनी पटरी, टूट गईं सड़कें
भीम चंडी देवी के मंदिर के आसपास सड़क के दोनों तरफ की पटरियां बनाई जानी थीं। इन पटरियों पर इंटरलॉकिंग ब्रिक लगाई जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। इंटरलॉकिंग ब्रिक बिछाने के लिए एक ट्रक गिट्टी भी बहुत दिनों से धर्मशाला के पास गिरी है। पिछले वर्षों में बनी पक्की सड़क भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कई जगह तो सड़कें और पटरिया दोनों धंस भी गई हैं।
दूसरा पड़ाव
विंध्याचल देवी की बहन हैं भीमचंडी देवी
भीमचंडी गांव में मां भीमचंडी का मंदिर स्थित है। गांव में प्रवेश करते ही गंधर्वतीर्थ तालाब पड़ता है जहां स्नान का अलग ही महात्मय है। इस कुंड के पूर्व दक्षिणी कोने पर नरकार्णावतार शिव गण का मंदिर स्थित है। आगे गंधर्वेश्वर का मंदिर है। मंदिर के दक्षिण तरफ कुआं भीमचंडी शक्ति तीर्थ है। इससे आगे भीमचंडी विनायक का मंदिर है। क्षेत्र के कथावाचक मानस मर्मज्ञ पंडित नंदलाल उपाध्याय ने बताया कि मान्यता है कि इनके दर्शन से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी मंदिर से सटा हुआ गंधर्व का मंदिर है। इसी क्रम में भीमचंडेश्वर और इसके दक्षिण में भीमचंडी देवी का मंदिर है। मंदिर के पुजारी दयाशंकर मिश्रा, नरेंद्र मिश्रा, बिंदेश्वरी मिश्रा ने बताया कि देवी तीन प्रहर में तीन स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं। मान्यता के अनुसार यह विन्ध्याचल देवी की बहन हैं।
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बृहस्पतिवार को पंचक्रोशी परिक्रमा के द्वितीय पड़ाव भीमचंडी की हालत का जायजा लिया गया। धर्मशालाओं के बाहर गंदगी है तो कहीं-कहीं धर्मशाला के प्रवेश द्वार पर मवेशियों का कब्जा। कुछ धर्मशालाओं पर लोगों ने कब्जा जमा लिया है। कहीं गोबर के उपले बना रहे हैं तो दो धर्मशालाओं में गाय, भैंस और बकरियां बांधी हुई थीं। एक धर्मशाला को तो ग्रामीणों ने भूसे का घर बना दिया है। चारा मशीन लगाकर कब्जा कर लिया गया है। वहीं पंचक्रोशी पड़ाव तथा उसके आसपास रात्रि में रोशनी की भी कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग भीम चंडी से राजातालाब जाने वाली सड़क की पटरियों पर घास जम चुकी है। पंचक्रोशी परिक्रमा प्रारंभ होती है तो तीर्थ यात्रियों को भारी परेशानी होगी।
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आनन-फानन में कराया था रंगरोगन
2018 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग की स्थिति देखने तथा परिक्रमा करने आए थे। आनन-फानन में खराब सड़कों को दुरुस्त किया गया था और कुछ धर्मशालाओं का रंगरोगन कराया गया था, लेकिन इस साल स्थिति बदतर हो चुकी है। न तो धर्मशालाओं का रंग रोगन हुआ है और न ही साफ-सफाई। काफी समय से सफाई कर्मी आए ही नहीं हैं।
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हैंडपंप हुए खराब, शौचालय पर ताला
राजातालाब। पंचकोक्रोशी परिक्रमा मार्ग के द्वितीय पड़ाव पर आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप खराब पड़े हैं। सार्वजनिक शौचालय जो विकास प्राधिकरण के द्वारा बनवाए गए थे उसमें ताले लटक रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि तालों की चाबियां प्राधिकरण ने किसी को नहीं दी है। पुजारी दयाशंकर मिश्र ने बताया कि उनकी देखरेख में जो शौचालय हैं उसमें सफाई व पानी की उत्तम व्यवस्था है।
परिक्रमा मार्ग से गुजरते हैं भारी वाहन
लोगों ने बताया कि रात गुजरते ही ट्रकों की लंबी लाइनें लग जाती हैं। भारी वाहन, ट्रकों के कारण चौरा माता मंदिर का चबूतरा तथा भीम चंडी देवी मंदिर की दीवार भी क्षतिग्रस्त है। भीम चंडी देवी मंदिर के पास नरकर्णेश्वर महादेव के नाम का लगा शिलापट्ट भी ट्रक के धक्के से टूट चुका है। बड़े वाहनों का आन प्रतिबंधित है। यह बड़े वाहन आखरी और मोहनसराय से घूम कर आते हैं जो मातलदेवी से होकर राजातालाब जाकर जीटी रोड में मिल जाते हैं।
नहीं बनी पटरी, टूट गईं सड़कें
भीम चंडी देवी के मंदिर के आसपास सड़क के दोनों तरफ की पटरियां बनाई जानी थीं। इन पटरियों पर इंटरलॉकिंग ब्रिक लगाई जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। इंटरलॉकिंग ब्रिक बिछाने के लिए एक ट्रक गिट्टी भी बहुत दिनों से धर्मशाला के पास गिरी है। पिछले वर्षों में बनी पक्की सड़क भी कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। कई जगह तो सड़कें और पटरिया दोनों धंस भी गई हैं।
दूसरा पड़ाव
विंध्याचल देवी की बहन हैं भीमचंडी देवी
भीमचंडी गांव में मां भीमचंडी का मंदिर स्थित है। गांव में प्रवेश करते ही गंधर्वतीर्थ तालाब पड़ता है जहां स्नान का अलग ही महात्मय है। इस कुंड के पूर्व दक्षिणी कोने पर नरकार्णावतार शिव गण का मंदिर स्थित है। आगे गंधर्वेश्वर का मंदिर है। मंदिर के दक्षिण तरफ कुआं भीमचंडी शक्ति तीर्थ है। इससे आगे भीमचंडी विनायक का मंदिर है। क्षेत्र के कथावाचक मानस मर्मज्ञ पंडित नंदलाल उपाध्याय ने बताया कि मान्यता है कि इनके दर्शन से सभी कार्य सिद्ध होते हैं और कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी मंदिर से सटा हुआ गंधर्व का मंदिर है। इसी क्रम में भीमचंडेश्वर और इसके दक्षिण में भीमचंडी देवी का मंदिर है। मंदिर के पुजारी दयाशंकर मिश्रा, नरेंद्र मिश्रा, बिंदेश्वरी मिश्रा ने बताया कि देवी तीन प्रहर में तीन स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देती हैं। मान्यता के अनुसार यह विन्ध्याचल देवी की बहन हैं।