पंचायत चुनाव: तैयारियों में जुटे प्रधान, कार्यकाल का अंतिम दिन पैसा खर्च करने के लिए परेशान
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वाराणसी जिले के 760 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल शुक्रवार को समाप्त हो गया। सारे प्रधान पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। अपने-अपने तरीके से समीकरण बनाने में लग गए हैं। उधर, कार्यकाल का अंतिम दिन होने के कारण दिन भर पैसा खर्च करने के लिए प्रधान परेशान रहे। सर्वर डाउन होने के कारण कई प्रधानों के खातों से पैसों की निकासी नहीं हो सकी। इसको लेकर प्रधानों ने डीपीआरओ से शिकायत की है।
जलालपुर के ग्राम प्रधान ने कहा कि गांव में पहले से ही कई विकास कार्य करा रखे हैं। इसका भुगतान अधिकारियों की धीमी गति के कारण नहीं हुआ। ब्लॉक मुख्यालय पर पहुंचे सुभाष सिंह ने बताया की डोंगल काम ही नहीं कर रहा है।
ब्लॉक मुख्यालय पहुंचे जंसा ग्राम के प्रधान धारी मौर्य ने कहा कि कायाकल्प सहित अन्य योजनाओं में गांव के विकास में अधिकारियों ने दबाव बनाकर काम करा दिया। अब तक पैसे का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे ही तमाम सामग्री उपलब्ध कराने वाले ठेकेदार प्रधान के ऊपर दबाव बना रहे हैं। सभी ग्राम प्रधान परेशान हैं। गहरपुर के ग्राम प्रधान ने कहा कि कई दिनों से डोंगल न चलने के कारण आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान नहीं हो पाया है। आपूर्ति कर्ता उनके घर आकर, फोन करके तगादा कर रहे हैं।
भुगतान न होने पर बनेगा चुनावी मुद्दा
अन्य ग्राम प्रधानों का कहना है कि 25 दिसंबर को अधिकार समाप्त हो गया। इसके बाद अगर ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा और बकाया रह जाएगा तो विपक्षी पार्टी चुनाव में इसे मुद्दा बना सकते हैं। लिहाजा वे संपूर्ण काम की भुगतान करके अपना दामन साफ रखना चाहते हैं। डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने बताया कि 60 हजार ग्राम पंचायतों का एक साथ बैंक से ऑनलाइन लेन-देन हो रहा है। इसके चलते सर्वर जाम की समस्या है।