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खजूर की पत्तियों की छांव में निकला ‘पाम संडे’ का जुलूस
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गुड फ्राइडे और ईस्टर से पूर्व शहर के सबसे बड़े गिरजाघर सेंट मेरीज महागिरजाघर में रविवार को पाम संडे का जुलूस निकाला गया। शहर के विभिन्न गिरजाघरों में विशेष प्रार्थना और आराधना के बाद मसीही विश्वासियों ने पुरोहितों की अगुवाई में चर्च प्रांगण से जुलूस निकाला। इसमें वाराणसी धर्मप्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ समेत तमाम पुरोहित शामिल हुए। इसी के साथ शहर में गुड फ्राइडे और ईस्टर की तैयारियां शुरू हो गईं।
पाम संडे पर लाल चर्च और सेंट थॉमस गिरजाघर को खजूर की पत्तियों से सजाया गया था। उनकी छांव में मसीही विश्वासियों ने विशेष प्रार्थना की। सेंट मैरीज महागिरजाघर से निकला जुलूस छावनी, नदेसर, मिंट हाउस होते हुए वापस चर्च परिसर में जाकर समाप्त हुआ। जुलूस के बाद मिस्सा बलिदान हुआ और चर्च में प्रभु की सीखों का पाठ किया गया। लाल चर्च के पुरोहित फादर संजय दान ने बताया कि पाम संडे ही वो दिन है जब प्रभु यीशु मसीह गुड फ्राइडे के ठीक पहले संडे को येरुशलम पहुंचे थे। तब स्थानीय निवासियों और उनके चाहने वालों ने पूरे रास्ते भर उनके अभिवादन के लिए खजूर के पत्ते बिछाए थे और यात्रा का स्वागत किया था।
फादर न्यूटन स्टीवांस की अगुवाई में गौदौलिया स्थित सेंट थॉमस चर्च में भी जुलूस निकला। इसी तरह लाल चर्च में पुरोहित संजय दान, सचिव विजय दयाल के नेतृत्व में छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं जुलूस में शामिल हुई। इसी तरह सेंट पॉल चर्च, रामकटोरा चर्च, तेलियाबाग चर्च, चर्च ऑफ बनारस की ओर से भी जुलूस निकाला गया।
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मांडी थर्सडे 14 को
गुड फ्राइडे से पहले मांडी थर्सडे यानी पुण्य बृहस्पतिवार बहुत मायने रखता है। इस दिन भगवान यीशु येरुशलम पहुंचे थे, जहां उनके दुखभोग की शुरुआत हुई थी। फादर न्यूटन स्टीवांस ने बताया कि जहां उन्होंने अपने 12 शिष्यों के पैरों को धोने के बाद उन्हें फलों का दिव्य रस और मीठी रोटी बांटी थी। उनके साथ अंतिम भोजन किया था।
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पाम संडे पर लाल चर्च और सेंट थॉमस गिरजाघर को खजूर की पत्तियों से सजाया गया था। उनकी छांव में मसीही विश्वासियों ने विशेष प्रार्थना की। सेंट मैरीज महागिरजाघर से निकला जुलूस छावनी, नदेसर, मिंट हाउस होते हुए वापस चर्च परिसर में जाकर समाप्त हुआ। जुलूस के बाद मिस्सा बलिदान हुआ और चर्च में प्रभु की सीखों का पाठ किया गया। लाल चर्च के पुरोहित फादर संजय दान ने बताया कि पाम संडे ही वो दिन है जब प्रभु यीशु मसीह गुड फ्राइडे के ठीक पहले संडे को येरुशलम पहुंचे थे। तब स्थानीय निवासियों और उनके चाहने वालों ने पूरे रास्ते भर उनके अभिवादन के लिए खजूर के पत्ते बिछाए थे और यात्रा का स्वागत किया था।
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फादर न्यूटन स्टीवांस की अगुवाई में गौदौलिया स्थित सेंट थॉमस चर्च में भी जुलूस निकला। इसी तरह लाल चर्च में पुरोहित संजय दान, सचिव विजय दयाल के नेतृत्व में छोटे-छोटे बच्चे और महिलाएं जुलूस में शामिल हुई। इसी तरह सेंट पॉल चर्च, रामकटोरा चर्च, तेलियाबाग चर्च, चर्च ऑफ बनारस की ओर से भी जुलूस निकाला गया।
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मांडी थर्सडे 14 को
गुड फ्राइडे से पहले मांडी थर्सडे यानी पुण्य बृहस्पतिवार बहुत मायने रखता है। इस दिन भगवान यीशु येरुशलम पहुंचे थे, जहां उनके दुखभोग की शुरुआत हुई थी। फादर न्यूटन स्टीवांस ने बताया कि जहां उन्होंने अपने 12 शिष्यों के पैरों को धोने के बाद उन्हें फलों का दिव्य रस और मीठी रोटी बांटी थी। उनके साथ अंतिम भोजन किया था।