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उत्सव के रंग में रंगी संत रविदास की जन्मस्थली
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sat, 20 Feb 2016 02:25 AM IST
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संत रविदास की जयंती से पहले सीर गोवर्धन में रविदासियों का उत्सव शुरू हो गया है। शुक्रवार की शाम तक मंदिर से शिविर क्षेत्र तक पांच सौ से अधिक दुकानें सज गईं। रंग-बिरंगे पंडालों में पंजाब छा गया। नीली, लाल पगड़ी बांधे पंजाबियों का कारवां गुरु के जन्मस्थान पर हाजिरी लगाने के लिए देर रात तक पहुंचता रहा।
गुरु रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन और डेरा सच्च खंड बल्ला के गद्दीनशीन संत निरंजन दास महाराज तीन हजार से अधिक अनुयायियों के साथ विशेष ट्रेन से शनिवार को काशी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मंदिर को भव्य सजा दिया गया है।
22 फरवरी को देश-दुनिया से आने वाले लाखों भक्तों की मौजूदगी में ध्वजारोहण के साथ संत रविदास की 639वीं जयंती मनाई जाएगी। सीर गोवर्धन में हर तरफ उत्साह और खुशी का माहौल छा गया है। मंदिर जाने वाले मार्ग पर सिर्फ कंधे पर झोला और गठरी लिए अलग-अलग प्रांतों के भक्तों का कारवां गुजरता नजर आने लगा है।
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कंट्रोल रूम प्रभारी और जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य निरंजन दास चीमा के मुताबिक देर रात तक एक लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। भक्तों के ठहरने के लिए इस बार 60 से अधिक पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों में शुक्रवार को पंजाबी श्रद्धालु खचाखच भरे नजर आए। खुशी का माहौल छा गया है।
खंजड़ी, एकतारा, ढोल, झांझ शिविरों में गूंजने लगे हैं। संत रविदास के अनुयायी भजनों के बोल पर झूमने-नाचने लगे हैं। लंगर वाले शिविरों में दिन भर लंबी कतारें लगी रहीं। छह हजार से अधिक सेवादारों ने मेला क्षेत्र से लेकर लंगर व्यवस्था, मंदिर परिसर, कंट्रोल रूम और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली।
मंदिर से शिविर क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की दोनों पटरियों पर पांच सौ से अधिक दूकानें लग गईं। मेला पूरी तरह गुलजार हो गया। गंवई मिजाज के इस मेले में बनारसी साड़ी, रेडिमेड परिधानों से लेकर हर किसी की पसंद की वस्तुएं मिलने लगी हैं।
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गुरु रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन और डेरा सच्च खंड बल्ला के गद्दीनशीन संत निरंजन दास महाराज तीन हजार से अधिक अनुयायियों के साथ विशेष ट्रेन से शनिवार को काशी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए मंदिर को भव्य सजा दिया गया है।
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22 फरवरी को देश-दुनिया से आने वाले लाखों भक्तों की मौजूदगी में ध्वजारोहण के साथ संत रविदास की 639वीं जयंती मनाई जाएगी। सीर गोवर्धन में हर तरफ उत्साह और खुशी का माहौल छा गया है। मंदिर जाने वाले मार्ग पर सिर्फ कंधे पर झोला और गठरी लिए अलग-अलग प्रांतों के भक्तों का कारवां गुजरता नजर आने लगा है।
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कंट्रोल रूम प्रभारी और जन्मस्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सदस्य निरंजन दास चीमा के मुताबिक देर रात तक एक लाख से अधिक भक्तों के पहुंचने का अनुमान है। भक्तों के ठहरने के लिए इस बार 60 से अधिक पंडाल लगाए गए हैं। इन पंडालों में शुक्रवार को पंजाबी श्रद्धालु खचाखच भरे नजर आए। खुशी का माहौल छा गया है।
खंजड़ी, एकतारा, ढोल, झांझ शिविरों में गूंजने लगे हैं। संत रविदास के अनुयायी भजनों के बोल पर झूमने-नाचने लगे हैं। लंगर वाले शिविरों में दिन भर लंबी कतारें लगी रहीं। छह हजार से अधिक सेवादारों ने मेला क्षेत्र से लेकर लंगर व्यवस्था, मंदिर परिसर, कंट्रोल रूम और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली।
मंदिर से शिविर क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क की दोनों पटरियों पर पांच सौ से अधिक दूकानें लग गईं। मेला पूरी तरह गुलजार हो गया। गंवई मिजाज के इस मेले में बनारसी साड़ी, रेडिमेड परिधानों से लेकर हर किसी की पसंद की वस्तुएं मिलने लगी हैं।