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बनारस के इस अस्पताल में ऑक्सीजन बिना तड़पे मासूम, हो सकता था गोरखपुर जैसा हादसा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 03 Sep 2017 03:22 PM IST
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सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम से आधे घंटे तक बाधित रही आपूर्ति
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही जारी है। बनारस के कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल में शनिवार को सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम में लगने वाले सिलेंडर का नॉब फंस जाने से हड़कंप मच गया।
बताया गया कि इस दौरान कई मासूम तड़प उटे। करीब आधे घंटे तक मेन सप्लाई बाधित रही। प्रमुख अधीक्षिका ने बताया कि नॉब फंसने के बाद जल्द ही दूसरे सिलेंडर से आपूर्ति दी गई ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो। सीएमओ ने घटना की रिपोर्ट तलब की है।
गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही जारी है। जिला महिला अस्पताल के लगभग सभी वार्डों में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम की व्यवस्था है। इमरजेंसी सेवाओं के लिए छोटे सिलेंडर भी रखे गए हैं।
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शनिवार को दोपहर बाद करीब 3:30 बजे रसोईघर के पास बने सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम में लगने वाले सिलेंडर का नॉब फंस गया। इसकी सूचना प्रमुख अधीक्षिका डॉ. शैला त्रिपाठी को मिली तो मौके पर पहुंचकर उन्होंने नॉब खुलवाने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक नॉब नहीं खुल सका और इस वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति करीब आधे घंटे तक बाधित रही। इसके बाद दूसरा सिलेंडर लगाया गया। तब वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान अस्पताल में भर्ती दो से तीन नवजात ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने पर तड़प उठे।
इस बारे में प्रमुख अधीक्षिका ने बताया कि नॉब फंसने की वजह से इस तरह की समस्या आई, कुछ ही देर में नॉब खुल गया। इस दौरान किसी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई।
इस बाबत सीएमओ डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि अस्पताल में आक्सीजन का नॉब फंसने की घटना गंभीर है। इस बारे में प्रमुख अधीक्षिका से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है।
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बताया गया कि इस दौरान कई मासूम तड़प उटे। करीब आधे घंटे तक मेन सप्लाई बाधित रही। प्रमुख अधीक्षिका ने बताया कि नॉब फंसने के बाद जल्द ही दूसरे सिलेंडर से आपूर्ति दी गई ताकि मरीजों को कोई असुविधा न हो। सीएमओ ने घटना की रिपोर्ट तलब की है।
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गोरखपुर में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य महकमे में लापरवाही जारी है। जिला महिला अस्पताल के लगभग सभी वार्डों में सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम की व्यवस्था है। इमरजेंसी सेवाओं के लिए छोटे सिलेंडर भी रखे गए हैं।
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शनिवार को दोपहर बाद करीब 3:30 बजे रसोईघर के पास बने सेंट्रल ऑक्सीजन सिस्टम में लगने वाले सिलेंडर का नॉब फंस गया। इसकी सूचना प्रमुख अधीक्षिका डॉ. शैला त्रिपाठी को मिली तो मौके पर पहुंचकर उन्होंने नॉब खुलवाने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक नॉब नहीं खुल सका और इस वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति करीब आधे घंटे तक बाधित रही। इसके बाद दूसरा सिलेंडर लगाया गया। तब वार्डों में ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल हो सकी। इस दौरान अस्पताल में भर्ती दो से तीन नवजात ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने पर तड़प उठे।
इस बारे में प्रमुख अधीक्षिका ने बताया कि नॉब फंसने की वजह से इस तरह की समस्या आई, कुछ ही देर में नॉब खुल गया। इस दौरान किसी मरीज को कोई दिक्कत नहीं हुई।
इस बाबत सीएमओ डॉ. वीबी सिंह का कहना है कि अस्पताल में आक्सीजन का नॉब फंसने की घटना गंभीर है। इस बारे में प्रमुख अधीक्षिका से पूरी रिपोर्ट तलब की गई है।