{"_id":"61a28cda926b1554c60f65e6","slug":"order-to-uproot-sewer-again-in-ramnagar-varanasi-news-vns624895629","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामनगर में फिर सीवर उखाड़ने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामनगर में फिर सीवर उखाड़ने का आदेश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लगभग ठंडे बस्ते में जा चुके सीवर सुनामी के जिन्न ने एक बार फिर रामनगर में हलचल मचा दी है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने रत्तापूर, कोदोपुर, और रामपुर में बिछाई गई सीवर लाइन के अनुपयोगी हिस्से को तत्काल उखाड़ने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत धनराशि ठेकेदारों से वसूलने का भी आदेश पालिका प्रशासन को दिया है। सीवर सोमवार से उखाड़ा जाना है।
पालिका प्रशासन ने इस बाबत पत्र लिखकर थाने से फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की है। रत्तापूर, कोदोपुर और रामपुर में 72 लाख की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम तीन ठेकेदारों ने किया था। इस सारे काम की शिकायत विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने नगर विकास मंत्री से की थी। मंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कराई। जांच के बाद जिलाधिकारी ने बिछाई गई समस्त सीवर लाइन को सिरे से उखाड़ने और तीनों ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए। इस आदेश ने राजनीतिक रंग लिया। लखनऊ तक पैरवी की गई। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
कुछ दिन बाद विधायक सौरभ श्रीवास्तव और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने फिर सीवर लाइन का निरीक्षण किया। मामला गरमाते देख जिलाधिकारी ने बिछाई गई समस्त सीवर लाइन का सर्वे कराने को कहा। जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम ने सर्वे किया। खास बात यह है कि इस टीम में वो कर्मचारी भी शामिल थे जो प्रकरण में जांच के दायरे में थे। सर्वे की रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास फाइल हुई। तय हुआ कि रत्तापुर में सबसे ज्यादा तथा रामपुर और कोदोपुर में थोड़ा कम सीवर उखाड़ा जाएगा।
विज्ञापन
प्रशासन के आदेश के खिलाफ ठेकेदारों ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली। उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई तो हुई लेकिन किसी प्रकार का आदेश या स्थगनादेश जारी नहीं हुआ। अब प्रशासन लगभग चार माह की चुप्पी के बाद फिर एक्शन मोड में आया। उसने पालिका प्रशासन को आदेश दिया है जितनी भी अनुपयोगी सीवर लाइन बिछाई गई है उन्हें उखाड़ा जाय।
फोर्स के लिए रामनगर थाने में पत्र उपलब्ध कराया गया है। फोर्स मिलते ही प्रशासन के निर्देश के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।
- राजबली यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रामनगर
विज्ञापन
पालिका प्रशासन ने इस बाबत पत्र लिखकर थाने से फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की है। रत्तापूर, कोदोपुर और रामपुर में 72 लाख की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम तीन ठेकेदारों ने किया था। इस सारे काम की शिकायत विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने नगर विकास मंत्री से की थी। मंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच कराई। जांच के बाद जिलाधिकारी ने बिछाई गई समस्त सीवर लाइन को सिरे से उखाड़ने और तीनों ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करने के आदेश दिए। इस आदेश ने राजनीतिक रंग लिया। लखनऊ तक पैरवी की गई। फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
विज्ञापन
कुछ दिन बाद विधायक सौरभ श्रीवास्तव और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य ने फिर सीवर लाइन का निरीक्षण किया। मामला गरमाते देख जिलाधिकारी ने बिछाई गई समस्त सीवर लाइन का सर्वे कराने को कहा। जिलाधिकारी द्वारा गठित टीम ने सर्वे किया। खास बात यह है कि इस टीम में वो कर्मचारी भी शामिल थे जो प्रकरण में जांच के दायरे में थे। सर्वे की रिपोर्ट जिलाधिकारी के पास फाइल हुई। तय हुआ कि रत्तापुर में सबसे ज्यादा तथा रामपुर और कोदोपुर में थोड़ा कम सीवर उखाड़ा जाएगा।
विज्ञापन
प्रशासन के आदेश के खिलाफ ठेकेदारों ने उच्च न्यायालय की शरण ले ली। उच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई तो हुई लेकिन किसी प्रकार का आदेश या स्थगनादेश जारी नहीं हुआ। अब प्रशासन लगभग चार माह की चुप्पी के बाद फिर एक्शन मोड में आया। उसने पालिका प्रशासन को आदेश दिया है जितनी भी अनुपयोगी सीवर लाइन बिछाई गई है उन्हें उखाड़ा जाय।
फोर्स के लिए रामनगर थाने में पत्र उपलब्ध कराया गया है। फोर्स मिलते ही प्रशासन के निर्देश के अनुरूप कार्यवाही की जाएगी।
- राजबली यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, रामनगर