ये कैसी व्यवस्था: छोटी नावों का संचालन रोका, बड़ी की जांच भी नहीं हो रही; बिना लाइफ जैकेट के कर रहे यात्रा
Varanasi News: मथुरा और जबलपुर में हुए नाव हादसे से वाराणसी पुलिस ने सबक तो लिया, लेकिन केवल छोटी नावों का संचालन बंद किया। जबकि बड़ी नावें और क्रूज धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं।
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मथुरा और जबलपुर में हुए नाव हादसों के बाद वाराणसी पुलिस ने भी गंगा में नावों के संचालन पर सख्ती कर दी है। हालांकि सख्ती सिर्फ छोटी नावों के लिए की गई। इनका संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया, जबकि बड़ी नावों और क्रूज के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई।
मौसम सामान्य होने के बाद भी छोटी नावों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है, जिससे नाविकों की आजीविका प्रभावित हो रही है। मथुरा में 10 अप्रैल को यमुना नदी में हादसे में करीब 13 लोगों की जान चली गई थी। इसी तरह 30 अप्रैल की शाम जबलपुर के बरगी डैम पर तेज आंधी-बारिश के बीच नर्मदा नदी में ओवरलोडेड क्रूज पलट गया था, जिसमें करीब 11 लोगों की मौत हुई थी।
इन घटनाओं के बाद वाराणसी पुलिस भी सक्रिय हुई और गंगा में चलने वाली नावों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई शुरू की। बीते रविवार को तेज हवाएं चलने के कारण दोपहर से ही छोटी नावों का संचालन बंद कर दिया गया, जबकि बड़ी नावों और बजड़ों को इस आदेश में राहत दे दी गई।
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पुलिस के इस दोहरे रवैये को लेकर नाविकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है। गंगा में शाम के समय चलने वाले क्रूजों में रोजाना 500 से अधिक यात्री नौका विहार करते हैं और गंगा आरती देखते हैं। इनमें अक्सर देखा जाता है कि किसी भी क्रूज पर यात्री लाइफ जैकेट नहीं पहनते। जबकि इन दिनों गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक करीब 800 से अधिक छोटी नावें खड़ी हैं। बीते रविवार से अब तक इन्हें चलाने की अनुमति नहीं दी गई है।
क्रूज पर यात्री नहीं पहनते लाइफ जैकेट
गंगा में शाम के समय चलने वाले क्रूजों में रोजाना 500 से अधिक यात्री नौका विहार करते हैं और गंगा आरती देखते हैं। इनमें अक्सर देखा जाता है कि किसी भी क्रूज पर यात्री लाइफ जैकेट नहीं पहनते। जबकि इन दिनों गंगा में डूबने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। अस्सी घाट से लेकर राजघाट तक करीब 800 से अधिक छोटी नावें खड़ी हैं। बीते रविवार से अब तक इन्हें चलाने की अनुमति नहीं दी गई है। शाम के समय गंगा आरती के दौरान नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्रूज को दिक्कत न हो, इसलिए शाम को नहीं चल रहीं छोटी नावें
नाविकों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों में क्रूज और छोटी नावों के बीच टक्कर के कई मामले सामने आए थे, जिनमें कई बार बड़े हादसे टल गए। उनका आरोप है कि बड़े क्रूजों के संचालन में बाधा न आए, इसलिए शाम के समय छोटी नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
क्या बोले अधिकारी
मौसम को देखते हुए नावों के संचालन पर रोक लगाई गई है। मौसम सामान्य होने पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले सभी नाव और क्रूज संचालकों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। -अतुल अंजान त्रिपाठी, एसीपी दशाश्वमेध
क्या बोले लोग
- जैन घाट पर हम लोगों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। छोटे नाव वाले हैं। हम लोगों को रोका गया है। पता नहीं कब चलाने की अनुमति मिलेगी। -अमर साहनी, नाविक
- निषाद राज घाट पर दिनभर में एक बार नाव गंगा में चल जाए तो बहुत बड़ी बात है। परिवार बड़ा है, खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। -प्रह्लाद साहनी
- मुझे छोटी नाव खरीदे चार महीने हो गए, लेकिन अब तक केवल एक बार ही चला पाया हूं। मजबूरी में नाव छोड़कर मजदूरी करनी पड़ रही है। -गयानु साहनी
- पिछले कई महीनों से मेरी नाव खड़ी है। अभी मैं कर्ज में डूबा हूं। नाव चल नहीं पा रही है तो पैसे कहां से आएंगे। जैसे-तैसे घर चल रहा है। -दीपू निषाद